Sad Hindi Love Poem- दूसरों की बातों में

sad

 

दूसरों की बातों में लोग यूँही खो गए 
हमने शुरू किया बताना 
तो किस्से गलत हो गये 
हमारी तो किसी को जरुरत नहीं 
हमपे बात आयी तो सब खत्म  हो गये 
उन्होंने तो हमे कभी  याद भी न किया 
हमारे पास उनके सारे किस्से जतन हो गये 
हम जगाते रहे उनको सोचते सोचते 
और वो बेवफा हमे भुला के चैन से सो गये 
-गणेश मघर 

 

Dusro ki baaton me log yuhi kho gaye
Humne shuru kiya batana 
To kisse galat ho gaye
Humari to kisi ko jarurat nahi
Humpe baat aaye to sab khatam ho gaye
Unhone to kabhi hume yaad bhi na kiya
Humare pass unke sare kisse jatan ho gaye
Hum jagate rahe unko sochate sochate
Our wo bewafa hume bhula ke chain se so gaye
-Ganesh Magar

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