Hindi Love Poem on Midnight Romantic Thoughts-Raat Ki Khumari

रात की खुमारी 

मूक अँधेरी रात में
किसने छेड़ी बांसुरी की विरह तान 
कसमसाती हैं कलियाँ 
सनसनाते हैं कुछ गुमसुम अरमान 
बहती चपल बयार 
दिल का दुखड़ा कोई गुनगुनाती है 
साजन की याद में 
तड़पती विरहन कोई कुनमुनाती है 
चाँद है बरसाता 
नभमंडल से स्वेत अनुरागी कण 
धरा चूमती जिनको 
रसीले अधरों से हर-पल हर-क्षण
अप्सरा करती श्रृंगार 
थामकर हाथों में अलौकिक दर्पण 
झिलमिल तारे झूमकर 
करते शुभ बेला में यौवन अर्पण 
पारदर्शी हिम शिखर
आईनेदार दरख्तों पर खड़ी है
सफ़ेद आँचल तले 
उजली हिरे मोतियों से जड़ी है
मौन अमलतास की 
कोमल पत्तियाँ देखो चुलबुलाती हैं 
ओस की रेशमी बूंदें 
चांदनी की फुहार में कुलबुलाती हैं
भोर अभी आना मत 
मनभावन चांदनी अभी कुँवारी है
जवां है इक मधुशाला
बावली रात की अजीब खुमारी है 

-किशन नेगी ‘एकांत’

Hindi Love Poem-Kabhi Do Hamein Bhi Yah Mauka

कभी दो हमें भी यह मौका,
सजदे में तेरे झुक जाएं हम,
लेके हाथ तेरा हाथों में,
प्यार की चूड़ियाँ पहनाएं हम
कभी दो हमें भी यह मौका,

कभी दो हमें भी यह मौका,
ज़ुल्फों की छाँव में रहने का,
तेरे कानों में गुफ़्तगू कहने का,
कभी दो हमें भी यह मौका,

कभी दो हमें भी यह मौका,
होठों से होठ मिलाने का,
तेरी बाहों में सो जाने का,
रात में तेरे ख्वाबों में जी लेने का,
कभी दो हमें भी यह मौका,

कभी दो हमें भी यह मौका,
शाम के एहसास का,
गहरे से जज़्बात का,
आँखों में डूब जाने का,
कभी दो हमें भी यह मौका,

कभी दो हमें भी यह मौका,
नज़्म में तुझको दिल दे जाने का,
ग़ज़ल में तेरे गीत गुनगुनाने का,
सुरों की ज़िन्दगी में तेरे शामिल हो जाने का,
कभी दो हमें भी यह मौका,

कभी दो हमें भी यह मौका,
ज़िन्दगी की मुकम्मलता का,
दुल्हन बन के तुम्हारे घर आजाने का,
सुहाग की सेज पर हमको प्यार जताने का,
कभी दो हमें भी यह मौका,

कभी दो हमें भी यह मौका,
सुबह आँख खुले तो तेरे दीदार का,
बाहों में सुलगते से जिस्म का,
मांग में तेरी सिन्दूर भर देने का,
कभी दो हमें भी यह मौका,
खुदको जाता देने का,
अपना प्यार दिखने का,
कभी दो हमें भी यह मौका
-गौरव

Hindi Love Shayari for Wife or Girlfriend – दिल के सबसे पास

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दिल के सबसे पास, सबसे खास हो तुम
मेरे जीने का, मरने का हर एहसास हो तुम
मेरे सूखे वीरान जीवन की पहली बरसात हो तुम
जो पानी से भी न बुझ पाए ऐसे कुएँ की प्यास हो तुम
कोई तुमको कुछ भी कहे, मेरे लिए खुद खुदा पास हो तुम
तुम दिखो तो दिन चढ़े, तुम रुको तो दिन ढले
तुम हंसो तो चाँद खिले, तुम उदास तो अमावस की रात
तुम मिलो तो झरनों का संगम
हम बिछडें तो हो जाये संग्राम
मेरे शब्दों के छोटे से दायरे में जो न समां पाए
वो खुदा की कायनात हो तुम

-अनुष्का सूरी

Hindi Love Poem for Girlfriend-वो आई नहीं

 

इन थमे थमे इन लम्हों में
प्यार के कुछ नगमो में
दिल मेरा तुमसे कहता है
वो आई नहीं वो आई नहीं
चलती हुई इन पवनो में
जो तेरी ख़ुश्बू बहती है
वो जिस्म को मेरे छू के कहती
वो आई नहीं वो आई नहीं
हर लम्हा तुझ बिन हँसता
मुझे कहता मैं हूँ दीवाना
कहता ये तो हुआ बावरा

तेरे सपने देखें नजरें
जागी जागी इन आँखों से
सोयें तुझे पलकों में बसाये
वो आई नहीं वो आई नहीं
हर लम्हा सोचें मुलाकात हो
होंठों से होंठों की कुछ बात हो
तुम भी करो शैतानियाँ

हाथों में हमदम का हाथ हो
तनहा सफ़र और चांदनी रात हो
तेरी मेरी मुलाकात में
बारिश का भी साथ हो
और दिल कहे तुझे थामके
जो अबतक ना कहा वो कह जाऊं
सजदे में तेरे झुक जाऊँ
तेरी गोद में रख के सिर को
थोड़ी देर मुस्का जाऊँ
और तू देख प्यार से कह जाये
मेरी ज़िन्दगी को पूरा कर दे
शामिल होकर मुझमेँ ताकि
ज़िन्दगी हँस के कह दे
तेरा प्यार तेरा हुआ
कहके गले वो लग जाये
ख्वाब मेरा सच हो जाये
दीवाना बन मैं भी चिल्लाऊं
-गौरव

Fire of Love-इश्क़ की अगन

ये इश्क़ की अगन लगे तो मोरा तन मन ही जल जाये,love fire
जो तेरी लगन लगे तो मेरी सुधबुध ही खो जाये,
वो देश गया था पराए जो मुझको दिल से भुलाये,
फिर यादों ने जब जकडा वो दिल से मुझको बुलाये,
ये इश्क़ की अगन लगे तो मोरा तन मन ही जल जाये,
सांझ लगी कांटों सी, हवा भी दर्द को लाये,
जब बातें करती हैं रातें, सपनों में तू ही आये,
आँखों में आंसु रहते हैं जब नज़रों में तू छाये,
ये इश्क़ की अगन लगे तो मोरा तन मन ही जल जाये,
इस दिल का कतरा कतरा कहता तेरा पयार है मुझको पाना,
ना पाऊँ तुझे तो मर जाऊँ सांसो को अब ना रहना,
बिन तेरे क्या है जीना, जीना मुझको ना जीना,
ये इश्क़ की अगन लगे तो मोरा तन मन ही जल जाये,
जो तेरी लगन लगे तो मेरी सुधबुध ही खो जाये|
-गौरव

Valentine’s Day Love Poem-वॅलिंटाइन की रात

एक वॅलिंटाइन की रात,be-my-valentine
वो मेरे दिल के पास,
आँखों से आँखों ki होने लगी बात,
तेरे पास फिर मैं आया
गोद में तुझे उठाया,
तेरी ज़ुल्फ़ों को
अपने हाथों से मैने सजाया,
फिर बैठ के तेरे सामने कही दिल की बात
इस वॅलिंटाइन की रात
मेरी प्रिन्सेस तुम हो बहुत खास,
सोचा तुमको आज मैं तोहफा क्या दूँ खास,
जो हर पल रहे तेरे दिल के पास,
फिर मैने हाथ बढ़ाया
तुझे गले से लगाया,
तेरे होंठों से अपने होंठों को
मैने फिर मिलाया,
खोल के तेरी ज़ुल्फ़ें
सितारों से सजाई,
प्यार के इन रंगों से
तेरी तस्वीर आज बनाई,
तुम थी बहुत खामोश
पर धड़कन में कुछ शोर था,
कह रही थी वो भी मुझसे
कि तेरे दिल में ना कोई और था,
फिर मैने तुझे सताया
ये कहके तुझे मनाया,
चुपचाप तू ना रहना
तू भी कुछ कहना,
मेरे साथ साथ तू भी प्यार के गीत गाना,
सजदे में तेरे झुक के मैं तुझको आज बताऊँ,
अब सारी उमर मैं वॅलिंटाइन तेरे साथ मनाऊँ,
बस तेरे साथ मनाऊँ.
-गौरव

Hindi Love Shayari for Her-तेरी सांसों में

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तेरी सांसों में मिल जायें मेरे सांसें,

तेरी बातों मे घुल जायें मेरी बातें,

अब तो बस यही दुआ है उस रब से,

तेरी रातों से मिल जायें मेरी रातें,

हम दोनों में हो जायें मुहब्बतें

-अमिर्धा

Hindi Love Shayari for Her-हज़ारो ग़ज़ल लिख गया

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उनकी खूबसूरती पे हज़ारों ग़ज़ल लिख गया,
उन्हें खूबसूरती का बेपनाह ताज कह गया,
संगमरमर से खूबसूरत है हुस्न जिनका,
उनके हुस्न को अजंता की मूरत लिख गया,
उनकी खूबसूरती पे हज़ारों ग़ज़ल लिख गया,
उनके जिस्म की खुश्बू मेरी रूह में बस गयी,
उनकी प्यारी छवि मेरे दिल में उतर गयी,
पायल छनकती आई वो इस दिल में,
उनकी पायल की चमचम को
सुरों से सजा कोई गीत लिख गया,
उनकी खूबसूरती पे हज़ारों ग़ज़ल लिख गया,
वो आके रात में बाहों में बस गये,
वो होंठों से होंठों को मेरे चू गये,
वो जिस्म में उतरेय इस कदर की मेरी सांस बन गये,
उनकी सांसो के जीने को जीने का अंदाज़ लिख गया,
उनकी खूबसूरती पे हज़ारों ग़ज़ल लिख गया,
उनकी आंखो से मिलना हुआ इस कदर की उनमें डूब गया,
देखता रहा बस उनकी आँखों को आँखों में खो गया,
चूमा जब उनकी आँखों को,
खूबसूरत पलकों पे सजा कोई ख्वाब लिख गया,
उनकी खूबसूरती पे हज़ारों ग़ज़ल लिख गया
-गौरव

Intimate Hindi Love Poem for Her-एक जिस्म दो जान

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एक जिस्म दो जान
वो मुझमें इस कदर ज़िंदा है
कि अब मरने का भी डर नहीं है मुझको,
कि इस एक जिस्म में दो जान कैसे रहेंगे,
अब तो चाहत है मर जाने दो मुझको.

दिल में बसाकर रखा है उसे,
डरता हूँ कि मेरी कोई टीस ना चुभे उसको,
इस एक जिस्म में दो जान कैसे रहेंगी,
अब तो चाहत है मरजाने दो मुझको

मैने अपनी हर चाहत में उसे ज़िंदा रखा है,
मेरे छू लेने से कहीं वो मैला ना हो जाये,
अब तो इस जिस्म को छूने में भी डर लगता है,
इस एक जिस्म में दो जान कैसे रहेंगी,
अब तो चाहत है मरजाने दो मुझको

-योगेश कुमार यदुवंशी