Hindi Love Poem Expressing Love – चाँद चांदनी को चाहता है जिस कदर


चाँद चांदनी को चाहता है जिस कदर,
उस कदर चाहूँ मैं तुझे।
मेरी एक खुवाईश है कि बस,
या तू मेरी बन जा या अपना बना ले तू मुझे।

मुझे अच्छी तरह याद है वो दिन,
जब हमारा मिलन हुआ ,
ये भी याद है तुम ने उस दिन क्या पहना हुआ था,
हमारी किस बात से वार्तालाप शुरू होई थी.
बस उस दिन के बाद मेरा दिल तेरी याद में सदा डूबे,
या तू मेरी बन जा या अपना बना ले तू मुझे।

तुम मेरे पास होती हूँ तू मुझे लगता है की दुनिया की हर ख़ुशी है मेरे पास.
जब तुम मेरे पास नहीं तो मेरे पास कुछ भी नहीं,
तुम्हारे बिना इस दिल को और कुछ भी नहीं सूझे ,
या तू मेरी बन जा या अपना बना ले तू मुझे।

जब से तुम मुझे मिले हूँ मेरा दिल मेरे बस में नहीं.
ये दिल बस तुम्हें खुश देखना चाहता है,
जब तुम खुश होते हूँ तो मुझे सारी कयानात खुश नज़र आती है,
जब तुम उदास होते हूँ तो मुझे अपने आप से नफरत होती है,
बस मेरा दिल तुझे भगवान की तरह पूजे ,
या तू मेरी बन जा या अपना बना ले तू मुझे।

ना मेरे पास ज़्यादा पैसा ना ज़्यादा दौलत ,ना ही ज़्यादा शौरत,
मैं तुम्हें प्यार करता था, करता हूँ और करता रहूँगा ,
बस तुम हमेशा के लिए मेरी बन जाओ और कुछ ना चाहूँ मैं उस खुदा से,
बोलो भूषण अपनी फैमिली से कब मिलवाये तुझे ।
या तू मेरी बन जा या अपना बना ले तू मुझे।

-भूषण धवन

Chand Chandni ko chahta hai jis kadar,
Us kadar chahu main tujhe ish kadar ,
Meri ek khwayish hai ki bas,
Ya tu meri ban ja ya apna bana le tu mujhe,

Mujhe acchi tarah yaad hai wo din,
Jab hamra Milan hua ,
Ye bhi yaad hai tumne us din kya pehna hua tha,
Hamari kis baat se vartalap shuru huyi thi,
Bas us din ke baad mera dil teri yaad me sada dube,
Ya tu meri ban ja ya apna bana le tu mujhe,

Tum mere pass hoti ho to mujhe lagta hai ki
duniya ki har khushi hai mere pass,
Jab tum mere pass nahi to mere pass kuch bhi nahi,
Tumhare bina ish dil ko aur kuch bhi nahi sujhe,
Ya tu meri ban ja ya apna bana le tu mujhe,

Jab se tum mujhe mile ho mera dil mere bas me nahi,
Ye dil bas tumhien khush dekhna chahta hai,
Jab tum khush hote ho to mujhe sari kayanat khush nazar aati hai,
Jab tum udas hote ho to mujhe apne aap se nafrat hoti hai,
Bas mera dil tujhe bhagwan ki tarah puje,
Ya tu meri ban ja ya apna bana le tu mujhe,

Na mere paas jyada paisa, na jyada daulat aur na hi jyada shauhrat,
Main tumehin pyar karta tha, karta hu aur karta rahunga,
Bas tum hamesha ke liye meri ban jao aur kuch na chahu main us khuda se,
Bolo bhushan apni family se kab milwaye tujhe,

– Bhushan dhawan

Hindi Love Poem Expressing Love – दिल की इस दीवार पर


प्यार भरे शब्दों से कोई पैगाम लिखता हूँ।
तड़प कर जिया हूँ बरसों तक।
इस तड़प का कोई एहसास लिखता हूँ।
दिल की दीवार पर तेरा नाम लिखता हूँ।
हँसा था जो तूने मुझे देख प्यार से।
उन जादू भरी नजरों का अंदाज लिखता हूँ।
दिल की दीवार पर तेरा नाम लिखता हूँ।
नाम तेरा बेनाम है सावन का कोई पैगाम है।
बरसती हुई इन बूंदों में भीगा सी एक शाम है।
जीवन की हर शाम को आज तेरे नाम लिखता हूँ।
दिल की दीवार पर तेरा नाम लिखता हूँ।
मेरी हर तमन्ना अधूरी थी तुझे पाने से पहले।
इन तमन्नाओं को आज जीने की वजह लिखता हूँ।
दिल की दीवार पर तेरा नाम लिखता हूँ।
सीने में धड़कते दिल को तेरा खत मिल गया।
सायरो की भीड़ में एक सायर नया बन गया।
आज इसी सायरी को तेरे नाम लिखता हूँ।
दिल की दीवार पर तेरा नाम लिखता हूँ।
मैं कोई शायर नहीँ न तू मेरी कोई कल्पना है।
तू हकीकत है तू इबारत है तू ही इस दिल की इबादत है।
दिल में तेरी मोह्बत का कलमा बार बार पढता हूँ।
दिल की दीवार पर तेरा नाम लिखता हूँ।
दुआओं की भीड़ है तेरे लिये बहुत सी।
मगर मेरी भी एक दुआ छोटी सी कबूल कर लेना ऐ खुदा।
उसको रखना सदा दिल के पास।
कैसे कहूँ तुझे दिल से आज खुदा लिखता हूँ।
दिल की दीवार पर तेरा नाम लिखता हूँ।
बस तेरा ही नाम लिखता हूँ।

-गौरव

Dil ki es diwar par tera naam likhta hoon
Pyar bhre shbdo se koi paigaam likhta hoon
Tadap kr jiya hu barso tak
Es tadap ka koi ehsas likhta hoon
Dil ki es diwar par tera naam likhta hoon
Hansa tha jo tune muje dekh pyar se
Un jadu bhari nazron ka andaaz likhta hoon
Dil ki es diwar par tera naam likhta h
Naam tera bennaam hai sawan ka koi paigaam hai
Barsti hue en bundo mein bhiga si ek sham hai
Jivan ki har shma ko aaj tere naam likhta hoon
Dil ki es diwar par tera naam likhta hoon
Meri har tamnna adhuri thi tujhe pane se pahle
En tamnnao ko aaj jine ki bajah likhta hoon
Dil ki es diwar par tera naam likhta hoon
Sine mein dhdkte dil ko tera khat mil gya
Shayron ki bheed me ek shayr nya ban gya
Aaj esi shayri ko tere naam likhta hoon
Mein koi shayar nahi na meri tu koi kalpana hai
Tu haqikat hai tu ebarat hai tu hi dil ki ebadat hai
Dil me teri muhabbat ka kalma bar bar padta hoon
Dil ki es diwar par tera naam likhta hoon
Duaao ki bheed hai tere liye bhut si
Magar meri bhi ek dua choti si kabool kar lena ae khuda
Usko rakhna sada dil ke paas
Kese kahu tujhe dil se aaj khuda likhta hoon
Dil ki es deewar par tera naam likhta hoon
Bas tera hi naam likhta hoon

-Gaurav

Hindi Poem Longing for Love – आखरी ख्वाहिश


 

इस ज़िन्दगी का खूबसूरत सपना हो तुम
कह सके ये दिल जिसे अपना वो हो तुम
पतझड़ सी ज़िन्दगी में आई हसीन बहार हो तुम
इस जीवन रूपी गर्मी की ठण्डी फुहार  हो तुम
सर पर चढ़ता हुआ जूनून हो तुम
इस दिल को राहत देने वाला सुकून हो तुम
रब की करी हुई दिलक़श  साज़िश हो तुम
मेरी ज़िन्दगी की अब आखरी  ख्वाहिश हो तुम

– मोनिका मखारिया

Is zindagi ka khoobsurat sapna ho tum
Kah sake ye dil jise apna wo ho tum
Patjhad si jindagi me Aayi haseen bahaar ho tum
Is jeevan roopi garmi ki thandi phuhaar ho tum
Sar par chadhata hua junoon ho tum
Is dil ko raahat dene wala sukoon ho tum
Rab ki kari hui dilkash saazish ho tum
Meri zindagi ki ab Akhari khvahish ho tum

-Monika Makharia

 

 

Hindi Love Poem For Him- साथ


 

तुम आकाश हो अगर कभी मैं रहूंगी धरा तुम्हारी
तुम पेड़ हो अगर कभी मैं रहूंगी छाया तुम्हारी
तुम अगर फूल बन जाओ मैं महकूँगी तुम्हारी महक
तुम अगर सागर बन जाओ तो छल्कुंगी बनकर तुम्हारी लेहेर
तुम मेरे तन के कण-कण में बसे रहोगे
मैं तुम्हारे मन के हर घर में बसी रहूंगी आएगा
जब अंतिम समय हमारा तुम्हारे साथ
तुलसी पत्र बनके आउंगी तुम कभी न होना अलग मुझसे
मैं कभी न बिछड़ूगी तुमसे ज़िन्दगी भर ही की तो बात है,
थोड़ी तुम काट लेना ; थोड़ी मैं बाँट लुंगी ।

-प्रियंका जोशी

Tum akash ho agar kabhi mein rahungi dhara tumhari ,
Tum ped ho agar kabhi mein rahungi chaya tumhari,
Tum agar phool ban jao mein mehekungi tumhari mehek,
Tum agar sagar ban jao to chalkungi bankar tumhari leher,
Tum mere tan ke kan – kan me bassey rahoge
mein tumhare man ke har ghar mein basi rahungi Ayega
jab antim samay hamara tumahre saath
tulsi patra banke aaungi Tum kabhi na hona alag mujhse
Mein kabhi na bichadungi tumse zindagi bhar ki hi to baat hai
thodi tum kaat lena, thodi mein baat lungi .

-Priyanka Joshi

Miss You Hindi Love Poem – ठीक हूँ मैं


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देखा जवाब मिला मुझे कि,
परेशान नहीं ठीक हूँ मैं।

तुम सोचना नहीं मुझे कभी,
तुम ढूंढना नहीं मुझे कभी,
परेशान नहीं ठीक हूँ मैं।

जब तस्वीरे देख जाओ कभी,
जब आँखों में पानी लाओ कभी,
रुमाल निकाल पोछ सकते हो,
या इतना पानी तो सोख सकते हो
पर मुझे कुछ नहीं कहना क्योंकि,
परेशान नही ठीक हूँ मैं।

जब लिखा हुआ कुछ मिल जाए,
दिल में फिर से अरमां खिल जाए,
कुछ नहीं दबा लेना सब कुछ,
या किताब बना देना सब कुछ,
पर मुझे कभी मत पढ़ाना क्योंकि,
परेशान नहीं ठीक हूँ मैं।

याद में तुम रात गुज़ार दो अगर,
ये कोई नई बात नहीं होगी मगर,
चाँद को देखते मेरा अश्क नज़र आये,
मुँह फेर लेना अपना शायद इश्क़ मर जाये,
पर मुझे परेशान मत करना क्योंकि,
परेशान नहीं ठीक हूँ मैं।

।।गीतेश नागेंद्र।।

Cross-Cultural Love Story-बला होते


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ज़ालिम , सितमगर , क़ातिल या बला होते
तुम कुछ भी होते पर मेरी क़िस्मत में तो होते

कुछ और जगह रखते अपने महल में मुलाजिम की
तेरे सजदे में सर झुकाते और तेरी ख़िदमत में हम होते

कभी चखने तो आते तुम मेरी नज़्मों के जाम को
फिर रोज़ पिया करते तेरी आदत में हम होते

तेरे काले लिबास पर करते नारंगी ज़रदोजी
बस टाँकते चाँद सितारे और बड़ी राहत में हम होते

तुम्हें मिलता बड़ा सौदा और वो भी बड़ा सस्ता
तेरी एक झलक की बस लागत में हम होते

तुम होते रंगरेज मेरे फिर चाहे जिस रंग में रंगते
कितना खिल के आते जो तेरी रंगत में हम होते

तुम हो जाते खुदा हमारे हम तुम्हारी इबादत करते
बस एक खुदा होता तो ना मज़हबी झंझट में हम होते
-सौरभ आनंद

How to read:

Zalim sitamgar quatil ya balaa hote
Tum kuch bhi hote par meri kismat me to hote

Kuch aur jagah rakhte apne mahal me mulazil ki
Tere sajde me ser jhukate aur teri khidmat me hum hote

Kabhi chakne to aate tum meri nazmo ke jaam ko
Fir roz piya karte teri adat me hum hote

Tere kale libaas par karte narangi zardozi
Bus tankte chaand sitare aur badi rahat me hum hote

Tumhe milta bada sauda aur vo bhi bada sasta
Teri ek jhalak ki bus lagat me hum hote

Tum hote rangrez mere fir chahe his rang me rangte
Kitna khil ke aate jo teri rangat me hum hote

Tum ho jate khuda humare hum tumhari inadat karte
Bus ek khuda hota to na majhani jhanjhat me hum hote

-Saurabh Anand

 

Hindi Love Poem-अफ़साना मेरी मोहब्बत का


प्यार है तू मेरा मैं तेरी फिदाई
जर जैसे बाल है तेरे हिरण जैसी आँखे
चेरहा है गुल के जैसा दर्पण जैसी बातें
अदाये है कमर के जैसी गुल के जैसी सासे
परिवास भी फीकी लगती है सजन तुम्हारे आगे

ये तेरी मोहब्बत का नशा है या
मेरे दिल से निकला एक तराना
हर साँस कर दूंगा नाम तुम्हारे
साजन पास मेरे आ जाना

ऐतबार कर मुझपे बेदर्द नहीं हूँ मैं
तेरी इस कियाबान का बावर नहीं हूँ मैं
बेजुबान हो जाता हूँ आगे तुम्हारे
मोहब्बतें इशके बया नहीं कर पता

-वरुण सिंह

Pyar hai tu mera mai teri fidai
Jar jaise baal hai tere heeran jaisi aakhain
Chehra hai gul ke Jaisa darpan jaisi baaten
aadayain hai kamar ke jaisa gul ke jaisi saase
Pariwas v fiki lagti hai sajan tumhare aage….

Ye teri mohabbat ka nasha hai ya…
Mere dil se nikla ek tarana….
Har saas kar dunga naam tumhare
Sajan paas mere aa jana….

Aitabar kar mujhpe bedard nahi hu main…
Teri is kiyaban ka bawar nahi hu Main…
Bejubaan ho jata hu aage tumhare…..
Mohabbatein ishque bayan nahi kar pata….
Har nabz me rakt teri mohabbat ka hai….
Bus ye paigam sajan tak pahuncha nahi pata….

– Varun Singh