Hindi Love Poem for Her-Hawa Ke Jhonke

हवा के झोंके
मैंने सांस ली अपनी छत से…एक झोंके से वो उड़ चली
तू थी कहीं मीलों दूर अपनी छत पे…तेरी भी सांसें उड़ चली
मैंने सोचा कि मिलना तो ना था हमारे मुक़ददर में लिखा
मगर….
कहीं ना कहीं वह हवाएं जाती होंगी
जहां हमारे सांसें टकराती होंगी…
जो कुछ हम कह न सके कभी
वह मिलके अपनी दास्तान सुनाती होंगी ।
आयुष पांडे

Hindi Love Poem – Veh Pal

‘वह पल’

सालों का इंतज़ार एक पल बनके खड़ा था

चाह तो थी कुछ और लेकिन समय विपरीत ही चल पड़ा था ।।

पल की नज़दीकी क्षणिक और थी

समय का चक्र भी मानो स्थल सा पड़ा था ।।

आते ही उसके मैं समझ से बाहर खड़ा था

मानो किसी बंजर जमीन को पानी का स्पर्श मिला था ।।

चाहता तो था उसे रोकना पर इस भाग-दौड़ भरी जिंदगी में

खुद को साबित करना अभी बाकी बचा था ।।

-सुमित रघुवंशी

How to read:

Vah Pal

Salo ka intzar ek pal banke khada tha

Chah to thi kuch aur lekin samay vipreet hi chal pada tha

Pal ki nazdeeki shanik aur thi

Samay ka chakra bhi mano sthal sa pada tha

Aate hi uske mai samajh se bahar khada tha

Maano kisi banjar zameen ko paani ka sparsh mila tha

Chahta to tha usey rokna par is bhag-daud bhari zindagi mei

Khud ko sabit karna abhi baaki bacha tha.

-Sumit Raghuvanshi

Hindi Love Poem on Separation- प्यार की धड़कन

बिछड़ी प्यार की धड़कने
आँखों में नमी दे
बन्द राहों की उलझनें जीने न दे
वो खामोशियाँ भी इश्क़ को ही तलाशे
कुछ अनकही सी ख्वाइशें
दिल तो छुपा दे ये मोहोब्बत
कैसा जो अंग अंग लुटा न दे……

-स्वेता

Bichadi pyaar ki dhadkaney
Aankhon mein nami de
Bandh raahon ki uljhan Jeene na de
Vo khamoshiyaan bhi Ishq ko hi talashe
Kuch ankahi si khwaahishey
Dil ne chupa de Yeh mohobbat
kaisa Jo ang ang luta na de

-Swetha

Hindi Love Poem on Separation-आँखें जो खुली

आँखें जो खुली तो उन्हें अपने करीब पाया ना था
कभी थे रूह में शामिल आज उनका साया ना था
बेपनाह मोहब्बत की जिनसे उम्मीदें लिये बैठे थे
उनसे तन्हाइयों की सौगातें मिलेंगी बताया ना था
एक हम ही कसीदे हुस्न के हर बार पढ़ते रहे पर
उसने तो कभी हाल-ए-दिल सुनाया ना था
वो फिरते रहे दिल में ना जाने कितने राज लिये
हमने तो कभी उनसे जज्बातों को छुपाया ना था
जाने क्यों हम बेवजह मदहोश हुआ करते थे
जाम आँखों से तो कभी उसने पिलाया ना था
मीलों कब्ज़ा कर बना रखा था सपनों का महल पर
उसने वो ख़्वाब कभी आँखों में सजाया ना था
धड़कन ‘मौन’ हुई अब एक आह की आवाज़ है
शिकवा क्या उनसे जिसने कभी अपना बनाया ना था

-अमित मिश्रा

Aankhein jo khuli thi to unhe apne kareeb paya naa tha
Kabhi they ruh mein shamil aaj unka saya naa tha
Bepanaah mohabbat ki jinse umid liye beithe they
Unse tanhai ki saugate milegi btaya naa tha
Ek hum hi kaside husan ke har baar padte rahe par
Unse to kabhi haal ae dil sunaya naa tha
Wo firte rahe dil me naa jane kitne raaz liye
Hamne to kabhi unse jazbaton ko chupaya naa tha
Jane kyon hum bevajah madhosh hua karte they
Jaam aankhon se to kabhi usne pilaya na tha
Milon kabza kar bana rakha tha sapno ka mahal par
Usne wo khwab kabhi aankhon me sajaya na tha
Dhadkan maun hue ab ek aah ki aawaz hai
Shikwa kya unse jisne kabhi apna banaya naa tha

-Amit Mishra

Hindi Love Poem on Pain-मैं तन्हा हूँ

मैं तन्हा हूँ मुझे तन्हा ही रहने दो
देखकर मेरे बहते आंसू
तुम अपने लहू न बहने दो
मैं आपका दीवाना हूँ
मुझे बस अपना पागल रहने दो
मिट गया जो सवेरा मेरा
अब कैसे खोजूं घर मैं तेरा
मुझे रोशनी से नफरत सी है
ए मेरे दोस्त तुम मुझे अब
चांदनी के काजल में रहने दो
वो किस्से क्या जो मुझे रुलाते रहें
वो सपने क्या जो मुझे जलाते रहें
अब मैं बेफिक्र सा हो गया हूँ
आप मुझे आबारा ही रहने दो
तेरी गलियों को भूल सा गया हूँ
मैं वो तेरी बातों को खो सा गया हूँ
मैं अब तुम भी मुस्कुराओ
जी भर के और मुझे भी
ज़िन्दगी बात करने दो।।

-अभी राजा फर्रुखाबादी

Main tanha hoon muje tanha hi rahne do
Dekhkar mere bahte aansu
Tum apna lahu na bahne do
Main aapka diwana hoon
Mujhe bas apna pagal rahne do
Mit gya jo swera mera
Ab kese khoju ghar main tera
Muje roshni se nafrat si hai
Aei mere dost mum mujhe
Chandani ke kajal mein rahne do
Wo kisse kya jo muje rulate rahe
Wo sapne kya jo muje jalate rahe
Ab main befikar sa ho gya hoon
Aap mujhe aawara hi rhne do
Teri galiyon ko bhul sa gya hoon
Main wo teri baaton ko kho sa gya hoon
Main ab tum bhi muskurao
Ji bhar ke aur mujhe bhi
Zingadi baat karne do

-Abhi Raja Farukhabadi

 

 

 

Hindi Love Poem on Separation-आखिरी मुलाकात

काश दिल की बात दिल में ही रह जाती
तब ये दुनिया तेरे मेरे बीच ना आती
तब ना होती ये दूरियां और ना ही कोई खामोशी
बस तु अनजान होकर भी अनजाना ना होता
तब अगर हो जाती मुलाकात तो
मुस्कुराने का एक बहाना भी होता
ख्यालों में ही सही पर तेरे पास होने का
एहसास तो होता काश तब दिल की बात
दिल में ही रह जाती तब तेरे दूर होने का
कोई गम ना होता और ना होती
कोई आखिरी मुलाकात

-अनन्या

Kash dil ki baat dil me hi rah jati
Tab yeh duniya tere mere bich na aati
Tab na hoti yeh duriya aur na hi koi khamoshi
Bas tu anjan hokar bhi anjana n hota
Tab agar ho jati mulakat to
Muskurane ka ek bhana bhi hota
Khayalo me hi sahi pr tere pas hone ka
Ehsas to hota kash tab dil ki baat
Dil me hi rah jati tab tere dur hone ka
Koi gam na hota aur na hoti
Koi aakhiri mulakat

-Ananya

Miss You Love Poem-याद जब भी उसकी आती है

याद जब भी उसकी आती है रातों की नींद उड़ ही जाती हैं
मेरे दिल का हाल ना पूछो प्यारे आशिकी ऐसे ही होती है
तेरे खोने का गम है मुझको तेरी यादें बहुत सताती हैं
याद जब भी उसकी आती है तूने धोखा दिया
वह बेवफा तेरी यादें मुझे रुलाती हैं तेरे इश्क में पागल था
मैं तेरी यादें मुझे तड़पाती हैं याद जब भी उसकी याद आती है
तू तो कहती थी की उम्र भर में साथ हूं फिर यह कैसी जुदाई है
धोखा दिया तूने हमको क्या यही आशिकी कहलाती है
याद जब भी उसकी याद आती है रातों की नींद उड़ ही जाती ।

– चंद्रभान सिंह

Yaad jab bhi uski aati hai to raaton ki neend ud jati hai
Mere dil ka haal na phucho pyare aashiqi ese hi hoti hai
Tere khone ka gam hai mujhko teri yaad bhut satati hai
Yaad jab bhi uski aati hai tune dokha diya
Ve bewafa teri yaadein muje rulati hai tere ishq me pagal tha
Main teri yaadein muje tadpati hai yaad jab bhi uski yaad aati hai
Tu to kahti thi ki umar bhar main sath hoon fir ye kaisi judai hai
Dokha diya tune hamko kya yahi ashiqi kehlati hai
Yaad jab bh uski yaad aati hai raaton ki neend ud jati hai

Chanderbhan Singh

Hindi love poem on separation-जीवन जीना हो तो

जीवन जीना हो तो कुछ तो खोना ही पड़ेगा,
चाह कर भी किसी को खोना ही पड़ेगा,
मिलना ना मिलना तो तकदीर का खेल है।
अपनी तक़दीर ही समझ कर खुद को समझना ही पड़ेगा।
कुछ तो कमी रही है जो ये सजा मिली है।
दिल मे हा है और ना चाहते हुए भी हमे ना ही मिली है।
कुसूर ना तुम्हरा है ना मेरा है मेरे यार।
बस बात इतनी सी है कि।।।।
जीवन जीना हो तो कुछ तो खोना ही पड़ेगा,
चाह कर भी किसी को खोना ही पड़ेगा।।।।

-नंदनी 

Jeevan jeena hai to kuch to khona hi padega
Chah kar bhi kisi ko khona hi padega
Milna na milna to takdeer ka khel hai
Apni takdeer hi samajh kar khud ko samjhna hi padega
Kuch to kami rahi hai jo ye saza mili hai
Dil mein haan hai aur na chahte hue bhi hamein na hi mili hai
Kasoor na tumhara hai na mera hai mere yar
Bas baat itni si hai ki
Jeevan jeena hai to kuch to khona hi padega
Chah kar bhi kisi ko khona hi padega

-Nandani

Hindi Love Poem on Separation -तेरा सहारा है

नहीं होता है एहसास किसी को किसी के दिल के दर्द का
क्यों करता है ग़ुनाह की किसी के दिल को दुखाने का

क्यूँ ये दर्द इतना इतना गहरा है
फिर भी इसमें ना कोई पहरा है

मैंने तो मौत को करीब से देखा है
फिर भी वक़्त मेरे इंतज़ार में ठहरा है

क्यों नहीं समझता है कोई अपना अपनों के दिल के दर्द को
वो अपने ही क्या जो किसी अपने के दिल को दुखा के किसी गैर के पास जाके ठहरा है

नहीं होता है बर्दास्त ये जानकर
कि मेरा अपना हो गया पराया है

क्यों छीन लेता है कोई किसी की खुशियों को
क्या भगवन के घर अँधेरा है

कौन हूँ मैं क्या है मेरी पहचान
क्या इस दर्द का नहीं कोई किनारा है

मेरा तो घर परिवार भी अपना नहीं रहा
अब तो बस एक तेरा ही सहारा है

तुम भी चले गये अगर मुझसे दूर
मैं कैसे कहूँगी की ये रिश्ता हमारा है

कसम है रब की ये जिस्म क्या
ये जान ये दिल तुम्हारा है

-पूनम

Nahi hota hai ehsas kisi ko kisi ke dil ke dard ka,
Kyun karta hai gunah koi kisi ke dil ko dukhane ka,

Kyun ye dard itna gehra hai,
Fir bhi ismein na koi pehra hai.

Maine to maut ko karib se dekha hai,
Fir bhi waqt mere intzar me thehra hai.

Kyun nahi samajhta hai koi apna apnon ke dil ke dard ko,
Wo apne hi kya jo kisi apne ke dil ko dhukha ke kisi gair ke paas jake thehra hai.

Nahi hota hai bardasht ye jaankar
ki ab mera apna ho gaya paraya hai.

Kyun chhin leta hai koi kisi ki khushiyo ko,
Kya Bhagwan ke ghar aandhera hai.

Kaun hun main kya hai meri pehchan,
Kya is dard ka nahi koi kinara hai.

Mera to ghar parivar bhi aapna nahi raha,
Ab to bus ek tera hi sahara hai.

Tum bhi chale gaye agar mujhse dur,
Main kaise kahungi ki ye rishta humara hai.

Kasam hai rab ki ye jism kya
Ye jaan, ye dil tumhara hai

– Punam