Broken Heart Love Poem-Galti

गलती

बेशक गलती सिर्फ तेरी नहीं,
कुछ मेरी भी होगी

खामोश रातों में आंखें तेरी भी भीगी होगी
यकीन है हमें
तू भी तड़पा होगा भीगी पलकों के साथ
बीते लम्हों की तुझे भी याद आयी होगी
बेशक गलती सिर्फ तेरी नहीं,
कुछ मेरी भी होगी

वो रातों की कुछ शरारतें
जिस में अक्सर नींदें खो जाया करती थी
बेशक तुझे भी याद होगा
कि किस कदर तेरी मुहब्बत में अक्सर आंखें भीग जाया करती थी
बुरा नहीं है तू
बेशक गलती सिर्फ तेरी नहीं
कुछ मेरी भी होगी

रात के आहोश में उस पल तू भी अकेले भीगा होगा
जिस पल तुझे मेरी ज़रूरत सबसे ज़्यादा होगी
बेशक गलती सिर्फ तेरी नहीं
कुछ मेरी भी होगी

महजबीन

कविता का भावार्थ:

यह कविता एक प्रेमिका अपने प्रेमी के विषय में लिख रही है। कविता का शीर्षक “गलती” यह बतला रहा है कि प्रेमिका को अपने प्रेमी के साथ सम्बद्ध टूट जाने पर बहुत अफ़सोस है। इसी कारण वह इस घटना को एक गलती बता रही है। प्रेमिका अपने प्रेमी को यह भी सन्देश दे रही है कि यह गलती केवल उसकी अकेले की नहीं, बल्कि दोनों की बराबर थी। कविता में प्रेम के मिलन की झांकी है एवं विरह की वेदना भी स्पष्ट दिखाई पड़ती है।

Poetry Text with English Translation

Here is the poetry text in English and its meaning:

Galti (Mistake)

Beshaq galti sirf teri nahi, (Without a doubt, the mistake was not entirely yours)
Kuch meri bhi hogi (But also mine to some extent)

Khamosh raato mein ankhein teri bhi bheegi hogi (In silent nights, your eyes must have been wet too)
Yakeen hai hamein (I believe this)
Tu bhi tadpa hoga bheegi palko ke sath (You would have missed me too with wet eyes)
Beete lamho ki tujhe bhi yaad ayi hogi (You would be missing the time we spend together too)
Beshaq galti sirf teri nahi, (Without a doubt, the mistake was not entirely yours)
Kuch meri bhi hogi (But also mine to some extent)

Wo raato ki kuch shararatein (Those naughty acts at night)
Jis mein aksar neendein kho jaya karti thi (Engaged in them, we used to forget our sleep)
Beshaq tujhe bhi yaad hoga (Without doubt, you would have remembered the incidents)
Ki kis kadar teri muhabbat mein aksar ankhein bheeg jaya karti thi (When my eyes used to be wet in your love)
Bura nahi hai tu (You are not bad)
Beshaq galti sirf teri nahi, (Without a doubt, the mistake was not entirely yours)
Kuch meri bhi hogi (But also mine to some extent)

Raat ke ahosh mein us pal tu bhi akele bheega hoga (In the loneliness of night, you would have also cried alone)
Jis pal tujhe meri zarurat sabse zyada hogi (The moment you felt my need the most)
Beshaq galti sirf teri nahi, (Without a doubt, the mistake was not entirely yours)
Kuch meri bhi hogi (But also mine to some extent)

Mehjabeen (Author)

Hindi Love Poem for Her-Ankho Ke Samne

आँखों के सामने

आंखें खोलें तो दीदार तुम्हारा होना चाहिए,
अगर करे बंद तो स्वप्न तुम्हारा होना चाहिए,
हमें मरने के लिए हर लम्हा मंज़ूर है,
बस कफ़न के बदले आँचल तुम्हारा होना चाहिए।

तुझे आँखों के सामने रखने की कोशिश करता रहता हूँ,
कोई कर न ले साज़िश तुझे चुराने की इस बात से डरता रहता हूँ,
तुझे आँखों के सामने रखने की कोशिश करता ही रहता हूँ,

खुश तो बहुत हूँ फिर भी डरता रहता हूँ,
तेरा दिल बदल न जाये इस डर से तेरी आँखों को पढ़ता रहता हूँ,
रचने वाले ने क्या रचा है तुझे,
हर गली, हर मुहल्ले, हर जुबान पर हैं चर्चे तेरे,
हर जगह बट रहे प्यार के पर्चे मेरे,
पर….
ये पर्चे मेरी मुहब्बत मुझसे छीन न ले, इस बात से डरता रहता हूँ,
तुझे आँखों के सामने रखने की कोशिश करता ही रहता हूँ,
करता ही रहता हूँ……

सुनता हूँ, कई शाहजहां तेरी चाहत में बनवा रहे हैं महले कई,
इन ज़ालिमों ने भी कर दिया मुझे कवि,
हर जगह बस दिख रही बस तेरी छवि,
बस इतना ही कहूँगा……..
“तेरी खूबसूरती का दीवाना हर कोई,
तेरी नज़रों का दीवाना हर कोई,
जब कभी पूछो ज़माने से कुदरत की खूबसूरती क्या है,
तब सिर्फ तेरा नाम बताता हर कोई”

तेरा जब कोई मुझसे पता पूछे तो उसको मैं भटकाता रहता हूँ
तुझे आँखों के सामने रखने की कोशिश करता ही रहता हूँ,
करता ही रहता हूँ,
करता ही रहता हूँ……………
-कुमार हर्ष

Ankho Ke Samne

Ankhein khule to didar tumhara hona chahiye,
Agar karein band to sapna tumhara hona chahiye,
Hame marne ke liye bhi har lamha manzur hai,
Bas kafan ke badle anchal tumhara hona chahiye…

Tujhe ankho ke samne rakhne ki koshish karta rahta hu,
Koi kar na le sazish tujhe churane ki, is baat se bhi darta rahta hu,
Tujhe ankho ke samne rakhne ki kosish karta hi rahta hu.
Khush to bahut hu, phir bhi darta rahta hu,
Tera dil badal na jaye is dar se teri ankho ko padta rahta hu,
Rachne wale ne kya racha hai tujhe,
Har gali, har muhalle, har zubaan par hain charche tere,
Har jagah bat rahe pyar ke parche mere,
Par…..
Ye parche meri muhabbat mujhse cheen na le, is baat se darta rahta hu,
Tujhe ankho ke samne rakhne ki koshish karta hi rahta hu,
Karta hi rahta hu…

Sunta hu, kai Shah Jahan teri chahat mein banwa rahe hain mahle kai,
In zalimo ne bhi kar diya mujhe kavi,
Har jagah bas dikh rahi teri chhavi,
Bas itna hi kahunga….
“Teri khubsoorti ka deawana har koi,
Teri nazaron ka deewana har koi,
Jab kabhi pucho zamane se kudrat ki khubsurti kya hai,
Tab tab sirf tera naam batata har koi.”

Tera jab mujhse koi pta puche to usko mai bhatkata rahta hu,
Tujhe mujhse koi chura na le is baat se darta rahta hu,
Tujhe ankho ke samne rakhne ki koshish karta rahta hu,
Karta rahta hu,
Karta rahta hu…..
-Kumar Harsh

Missing Her Love Poem-Tumhari Yaad Dil Se Jaati Nahi

तुम्हारी याद दिल से जाती नहीं (कविता का शीर्षक)

तुम से मिलने की आशा बहुत है मगर,
तुम से मिलने कि रुत है कि आती नहीं|
करूँ कितनी भी कोशिश दिल बहलाने की मगर,
एक तेरी याद दिल से है कि जाती नहीं ||

प्रेम कि राह में मुझको ले चली|
वो हाथ पकड़ के अपनी गली||
मैं तो चलता रहा उसी राह पर मगर,
अब मेरे पीछे वो है कि आती नहीं |
करूँ कितनी भी कोशिश दिल बहलाने की मगर,
एक तेरी याद दिल से है कि जाती नहीं ||

साथ चलने की चाहत तुम्हारी ही थी|
साथ जीने-मरने की कसमें भी तुम्हारी ही थी||
राह तकता हूँ मैं अब तक उसकी मगर,
वो है कि इस राह आती नहीं |
करूँ कितनी भी कोशिश दिल बहलाने की मगर,
एक तेरी याद दिल से है कि जाती नहीं ||

क्या हुई थी गलती हमें समझाओ तो|
दूर जाने की वजह हमें बतलाओ तो ||
हम पूछते रहे उन से मगर, वो है कि कुछ भी बताती नहीं |
करूँ कितनी भी कोशिश दिल बहलाने की मगर,
एक तेरी याद दिल से है कि जाती नहीं ||
-कुलेश्वर जायसवाल (कवि )

Tumhari Yaad Dil Se Jaati Nahi (Title of the Poem)

Tum se milne ki aasha bahut hai magar,
Tum se milne ki rut hai ki aati nahi |
Karu kitni bhi koshish dil bahalane ki magar,
Ek teri yad dil se hai ki jati nahi ||

Prem ki rah me mujhko le chali|
Wo hath pakad ke apni gali||
Mai to chalta raha usi rah par magar,
Ab mere pichhe wo hai ki aati nahi |
Karu kitni bhi koshish dil bahalane ki magar,
Ek teri yad dil se hai ki jati nahi||

Sath chalne ki chahat tumhari hi thi|
Sath jeene-marne ki kasmein tumhari hi thi||
Rah takta hu main ab tak magar,
Wo hai ki ab is rah aati nahi|
Karu kitni bhi koshish dil bahalane ki magar,
Ek teri yad dil se jati nahi||

Kya hui thi galati hamein samajhao to|
Dur jane ki vajah batlao to||
Ham puchhate rahe un se magar,
Wo hai ki kuchh bhi batati nahi|
Karu kitni bhi koshish dil bahalane ki magar,
Ek teri yad dil se jati nahi||
-Kuleshwar Jaiswal (Poet)

Meaning in English/English Translation of the Poem:

Your memories do not fade from my heart
I have high hopes of meeting you but,
The season of meeting you just does not arrive.
However hard I may try to convince my heart but,
your memories do not go away from my heart.

You took me on the path of love
while holding her hand in her street
I kept walking on the same path but,
now she does not follow me.
However hard I may try to convince my heart but,
your memories do not go away from my heart.

It was only your wish to walk together
You only had pledged to live and die together.
I keep waiting for you on this path till now but,
she does not come on this path now.
However hard I may try to convince my heart but,
your memories do not go away from my heart.

What did I do wrong at least let me know?
Tell me the reason for going away.
I kept asking her but,
she never told me anything.
However hard I may try to convince my heart but,
your memories do not go away from my heart.

Missing Him Love Poem-Ek Waqt Tha

एक वक़्त था (कविता का शीर्षक)

एक वक़्त था .. जब हम अजनबी हुआ करते थे

एक वक़्त था . जब वो अजनबी हो कर भी अपना सा लगा करता था

एक वक़्त था . जब आंखें सिर्फ उसी को ढूंढा करती थी .

एक वक़्त था .. जब उसे न देखो तो बेचैनी सी हुआ करती थी

एक वक़्त था .. जब सिर्फ आँखों से बात हुआ करती थी

एक वक़्त था .. जब उसकी एक झलक देख कर, बड़ी सी स्माइल हुआ करती थी

एक वक़्त था . जब दिल उससे बात करने के लिए बेचैन रहता था

एक वक़्त था .. जब उसे फेसबुक पर सर्च करा जाता था और उसके न मिलने पे बड़ा अफ़सोस करा जाता था

एक वक़्त था .. जब दिल सिर्फ उसी को याद किया करता था

एक वक़्त था .. जब खवाब भी उसी के आते थे .

एक वक़्त था .. जब हर दुआ में उसका नाम शामिल होता था

एक वक़्त था .. जब उसे खुदा से माँगा जाता था

एक वक़्त था .. जब वो फेसबुक पे मिल गया था मानो दुनिया की साड़ी खुशियां ही मिल गयी हों

एक वक़्त था .. मानो ऐसा लग रहा था रब ने मेरी सुन ली हो

एक वक़्त था … जब हम फ्रेंड्स बन गए थे

एक वक़्त था .. जब सुबह, उसकी फोटो देख के होती थी

एक वक़्त था  .. जब उसकी एक ही फोटो को सौ सौ बार देखा जाता था

एक वक़्त था …  जब दो मिनट बात करके भी दिन भर खुश रहा जाता था

एक वक़्त था … जब उसके ऑनलाइन आने का घंटों वेट किया जाता था

एक वक़्त था .. जब हम बोलते रहते थे और वो सुनता रहता था

एक वक़्त था … जब एक दिन भी उसकी फोटो देखे बिना रहा नहीं जाता था

एक वक़्त था … जब सिर्फ दिल की सुनी जाती थी

एक वक़्त था .. जब दिल और दिमाग पर सिर्फ उसी का राज होता था

एक वक़्त था .. जब उसकी फोटो न देखो तो दिन सूना सूना सा लगता था

एक वक़्त था .. जब हम उसे अपनी बातों से बोर किया करते थे और उसका रिप्लाई हाँ हूँ हम्म में ख़तम हो जाया करता था

एक वक़्त था .. जब हम दोनों ने प्यार का इज़हार कर दिया था

एक वक़्त था .. जब फ़ोन पे घंटों बात हुआ करती थी

एक वक़्त था .. जब उसका और मेरा रास्ता अलग हो गया था

और एक आज का वक़्त है.. जब उसके होने या न होने से कोई फरक नहीं पड़ता

और एक आज का वक़्त है.. जब दिल में उसके लिए एक भी जगह नहीं है

और एक आज का वक़्त है.. जब हम फिर से अजनबी हो चुके हैं..

– नैनिका साहू (कवि)

Ek Waqt Tha (Title of the Poem)

Ek waqt tha.. Jab hum ajnabi hua karte the (There was a time when we both were strangers to each other)
Ek waqt tha. Jab vo ajnabi ho kar bhi apna sa laga karta tha (There was a time when he seemed so close despite being a stranger)
Ek waqt tha. Jab ankhein sirf usi ko dhundha karti thi. (There was a time when my eyes used to look only for him)
Ek waqt tha.. Jab use na dekho toh bechaini si hua krti thi (There was a time when I used to get anxious on not seeing him)
Ek waqt tha.. Jab sirf ankho se baat hua karti thi (There was a time when we used to talk only through our eyes)
Ek waqt tha.. Jab uski ek jhalk dekh kar, badi se smile hua karti thi (There was a time when I used to have a big smile on my face after having a glance at him)
Ek waqt tha. Jab dil us se baat kerne ke liye bechain rehta tha (There was a time when I used to be anxious to talk to him)
Ek waqt tha.. Jab use fb pe search kara jata tha aur uske na milne pe bada afsos kara jata tha (There was a time when I used to search him on Facebook and not finding him there used to be a big turn off)
Ek waqt tha.. Jab dil sirf usi ko yaad kiya karta tha (There was a time when my heart used to remember him only)
Ek waqt tha.. Jab khwaab bhi usi ke aate the. (There was a time when I used to dream only about him)
Ek waqt tha.. Jab har dua mein uska naam shamil hota tha (There was a time when his name was included in every prayer)
Ek waqt tha.. Jab use Khuda se maanga jata tha (There was a time when I used to ask for him from God)
Ek waqt tha.. Jab vo fb pe mil gya tha mano duniya ki sari khushiyaan hi mil gayi ho (There was a time when I found him on Facebook and felt as if I got all the happiness of this world)
Ek waqt tha.. Mano aisa lag raha tha Rab ne meri sun li ho (There was a time when I felt as if God had answered my prayers)
Ek waqt tha… Jab hum friends ban gaye the (There was a time when we had become friends)
Ek waqt tha.. Jab subah, uski photo dekh ke hoti thi (There was a time when I used to start my morning after looking at his picture)
Ek waqt tha .. Jab uski ek hi photo ko sau sau baar dekha jata tha (There was a time when I used to look at one of his pictures at least hundred times)
Ek waqt tha… Jab do minute baat kar ke bhi din bhar khush raha jata tha (There was a time when I used to feel happy the entire day after talking to him for two minutes)
Ek waqt tha… Jab uske online aane ka ghanto wait kiya jata tha (There was a time when I used to wait for hours for him to come online)
Ek waqt tha.. Jab hum bolte rehte the aur vo sunta rehta tha (There was a time when I used to speak and he used to listen)
Ek waqt tha… Jab ek din bhi uski photo dekhe bina raha nahi jata tha (There was a time when I could not spend even one day without looking at his picture)
Ek waqt tha… Jab sirf dil ki suni jati thi (There was a time when I used to only listen to my heart)
Ek waqt tha.. Jab dil aur dimag mein sirf usi ka raaj hota tha (There was a time when he used to rule my heart and brain)
Ek waqt tha.. Jab uski photo na dekho to din suna suna sa laga karta tha (There was a time when I used to feel lonely if I did not look at his picture)
Ek waqt tha.. Jab hum use apni baaton se bore kiya karte the aur uska reply ha hu hmm mein khatam ho jaya karta tha (There was a rime when I used to bore him with my talks and he used to reply to my chats in yes, yea…)
Ek waqt tha.. Jab hum dono ne pyar ka izhaar kar diya tha (There was a time when we both had confessed our love for each other)
Ek waqt tha.. Jab phone pe ghanto baat hua karti thi (There was a time when we used to talk on phone for hours)
Ek waqt tha.. Jab uska aur mera raasta alag ho gaya tha (There was a time when we both went separate ways)
Aur ek aj ka waqt h.. Jab uske hone ya na hone se koi fark hi padta (And today there is a time when I do not care if he exists or not)
Aur ek aj ka waqt hai. Jab dil mein uske liye ek bhi jagh nahi hai (And today there is a time when there is no place for him in my heart)
Aur ek aj ka waqt hai.. Jab hum phir se ajnabi ho chuke hain (And today there is a time when we both have again become strangers to each other)

-Nainika Sahu (Poet)

Sad Miss You Love Poem-Teri Yaadein

तेरी यादें (कविता का शीर्षक)
उल्फत है तेरी कि ये बाहें तुझे पुकारती हैं
हर रोज़ तेरी चाहत में ये तन्हाई मुझे डराती है
खुदा करे ये मुहब्बत तुझे भी एक बार मिले
ये दर्द जो मुझे मिला है तुझे हर बार मिले
टूटे तारे की चमक भी नहीं छुपा सकते
ये दर्द जो सीने में है तुम्हें भी नहीं बता सकते
सोचा था कि वफ़ा मिले गी वफ़ा के बदले
लेकिन तूने इस दिल में बेबसी भर दी
काश इन रुखों में प्यास भर आये
तेरे दिल में मेरे लिए मिठास भर आये
वरना जी रहे थे हम खुदा बंदी में
और मर जायेंगे तुझे याद करते करते
-उबैद ग़ज़ली (कवि)

Teri Yaadein (Your Memories)

Ulfat hai teri ki yeh bahein tujhe pukaarti hain, (I am dying to take you in my arms)

Har roz teri chahat mein ye tanhai mujhe darati hai, (My loneliness scares me every day when I lovingly remember you)

Khuda kare ye mohabbat tujhe bhi ek baar mile, (I pray to God that you also fall in love once)

Ye dard jo mujhe mila hai tujhe har baar mile, (The pain I got, you get it every time)

Toote tarey ki chamak bhi nahi chupa sakte, (You cannot hide the brightness of a shooting star(comet))

Ye dard jo seene me hai tumhein bhee nahi bata sakte, (Similarly, I cannot explain the pain in my heart)

Socha tha ki wafa mile gi wafa ke badle, (I had thought you will be faithful to me)

Lekin tune is dil mein bebasi bhardi, (But you disappointed me)

Kaash in rukhon mein pyaas bhar aye, (I wish you long for me)

Tere dil mein mere liye mithaas bhar aye, (You have good feelings for me in your heart)

Warna jee rahe the ham Khuda bandi mein, (Else I am living in the name of God)

Aur mar jayenge tujhe yaad karte karte. (And will die while remembering you)

-Ubaid Ghazali (Poet)

Sad Hindi Love Poem-Kuch To Asar Hai

कुछ तो असर है (कविता का शीर्षक)
कुछ तो असर है ज़िन्दगी में तेरी दुआओं का,
कि ग़म बहुत है, आँखें भी नम है,
फिर भी जिए जा रहे हैं, धीरे धीरे ही सही पर दो घूँट पीए जा रहे हैं,
एक नीला सा आसमान है, कहने को तो सारा जहान है,
पर तेरे बिना सब मंजर बंजर सब रेगिस्तान है,
ये अहसास मेरे दिल का तेरे दिल से यूं ना जाएगा,
मेरी यादों का ज़र्रा ज़र्रा किस्सा मेरा तुझे सुनाएगा,
मेरी आँखों से गिरता हर एक आँसूं मेरी कहानी तुझे बताएगा,
कहने को तो ज़िन्दगी नदी की बहती एक धारा है,
किस्मत वाले हैं वो जिन्हें मिल जाए जो मिलना किनारा है,
मुक्कमल हो जाए तेरा साथ मेरे साथ में, शायद मेरे हाथ में वो लकीर ही नहीं,
धन दौलत है बहुत पर तेरा साथ ही नहीं, चलो फिर तेरे लिए एक फकीर ही सही,
ये रौशनी, ये हवा, ये ज़िंदगानी सब तेरी ही तो है,
ये कहानी वो जवानी, मेरी रवानी तेरी ही तो है,
तू आकर मेरी यादों में मुझे न गमगीन कर
बहुत मुश्किल से सीखा है जीना, इस तरह से मेरी ज़िन्दगी को न नमकीन कर,
तू कहे तो तेरे नाम को अमर मैं कर दूँ,
मेरा कुछ मोल ना सही तेरी नज़रों में,
पर तू कहे तो कोहिनूर तुझे कर दूँ,
लोग भरते है सागर में गागर, पर तू कहे तो संग जी के तेरे साथ
गागर में सागर मैं भर दूँ।।।।
कोमल सिंह (कवि का नाम)

Kuch To Asar Hai (Title of the Poem)
Kuch to asar hai zindagi mein teri duaon ka, (Your kind wishes have made some impact on my life)
Ki gam bahut hai, ankhein bhi nam hai, (There are so many griefs and my eyes are also wet)
Phir bhi jiye ja rahe hain, dheere-dheere hi sahi par do ghut piye ja rahe hain, (Still I am carrying on with my life and drinking this poison slowly sip by sip)
Ek neela sa asmaan hai, kehne ko to saara jahaan hai, (The sky appears blue and the entire world is there for you)
Par tere bina jab manzar banjar sab registan hai, (But without you every destination is like a barren land, a desert)
Ye ehsas mere dil ka tere dil se yu na jayega, (My feelings won’t disappear from your heart so easily)
Meri yaado ka zarra zarra kissa mere tujhe sunayega, (Each particle of my memories will recite a story to you)
Meri ankho se girta har ek ansu meri kahani tujhe batayega, (Each tear falling from my eye will tell you my story)
Kehne ko to zindagi nadi ki behti ek dhara hai, (Life is life a flowing river)
Kismat wale hain wo jinhein mil jaye jo milna kinara hai, (Fortunate are those who have met their life goals)
Mukammal ho jaye tera sath mere sath mein, shayad mere hath mein wo lakeer hi nahi, (May be your company is not in my destiny)
Dhan daulat hai bahut par tera sath hi nahi, chalo phir tere liye ek fakeer hi sahi, (I have a lot of material wealth, but I do not have your company; I am like a beggar for you)
Ye roshni, ye hawa, ye zindgani sab teri hi to hai, (This light, this wind, this life- all are yours)
Ye kahani wo jawani, meri ravani teri hi to hai, (This story, our youth, my enthusiasm are all yours)
Tu akar meri yaado mein mujhe na gamkeen kar, (Please do not make me sad by appearing in my memories)
Bahut mushkil se seekha hai jeena, is tarha se meri zindagi ko namkeen na kar, (I have learnt living without you with a great difficulty, please do not make my life tougher)
Tu kahe to tere naam ko amar main kar du, (If you say I can make your name immortal)
Mera kuch mol na sahi teri nazro mein, (I may not have any value in your eyes)
Par tu kahe to kohinoor tujhe kar du, (But if you say I can turn you into a Kohinoor (diamond))
Log bharte hain sagar mein gagar, par tu kahe to sang ji ke tere sath, (People fill their pots from ocean, but if you say, while living with you)
Gagar mein sagar main bhar du (I can गागर में सागर मैं भर दूँ।।।।
Komal Singh (Poet)

Romantic Poem for Her-Jaane Bhi Do Yaaro

जाने भी दो यारों (कविता का शीर्षक)
जाने भी दो यारों
जाने भी दो यारों
कब तक निगाहों में उनके बनते फिरोगे तुम गाफ़िल
कल भी तेरे गुनाहों की चर्चा थी महफ़िल महफ़िल
इस शोख मुहब्बत से तौबा क्यों न कर लो यारों
जाने भी दो यारों
अटकी पड़ी हैं सांसें बंद घड़ी की सूइयों सी
मिलन की आशाएं दुबकी पड़ी छुइमुइ सी
नयनों में चाहत की इतनी सदा क्यों हो यारों
जाने भी दो यारों
तेरे ही नाम लिखे हैं आसमान के चांद सितारे
तेरी ही छटाओं से रौशन हैं गली चौबारे
अपना तो क्या लगा है सारे रंग हैं तुम्हारे
यारों जाने भी दो यारों
सौरभ कुमार सिंह (कवि)

Jaane Bhi Do Yaaro (Title of the Poem)
Jaane Bhi Do Yaaro (Dear friends, let it be)
Jaane Bhi Do Yaaro (Dear friends, let it be)
Kab tak nigaho mein unke bante firoge tum gafil (Until when will you keep submitting yourself to her Kab tak nigaho mein unke bante firoge tum gafil (Until when will you keep submitting yourself to her through eyes)
Kal bhi tere gunaho ki charcha thi mehfil mehfil (Your sins were the hot topic of discussion in every formal gathering yesterday too)
Is shokh muhabbat se tauba kyo na karlo yaaro (Why not quit falling in love dear friends?)
Jaane Bhi Do Yaaro (Dear friends, let it be)
Atki padi hain sansein band ghadi ki suiyon si (My breath is stuck like the needles of the clock)
Milan ki ashayein dubki padi chuimui si (The hope of meeting my beloved is buried in my heart)
Nayano mein chahat ki itni sada kyo hai yaaro (Why are my eyes longing to see her friends?)
Jaane Bhi Do Yaaro (Dear friends, let it be)
Tere hi naam likhe hain asmaan ke chand sitare (The moon and stars of the sky are in your name)
Teri hi chataon se raushan hain gali chaubare (Your presence makes the streets lively)
Apne to kya laga hai saare rang hain tumhare (I do not have any colour, all colours are yours)
Yaaro jaane Bhi Do Yaaro (Dear friends, let it be)
Saurabh Kumar Singh (Poet)

Sad Poem for Him-Tumse

तुमसे
उस एक दिन जब बातें शुरू हुई तुमसे
लगा कुछ तो अलग सा है तुम में
लगा कुछ तो नया सा है तुम में
फिर रोज़ की बातें होती गयी
और यूं बिना सोचे पिघलती रही मैं उन में
यूं ही बिना समझे फिसलती रही उस रास्ते पे
हाँ पता था मुझको दोबारा उसी रास्ते जा रही हूँ जहाँ गम बहुत हैं
पर गम की क्या बिसात यहाँ तुम्हारा साथ बहुत है
उस दिन जब पहली मुलाकात हुई तुमसे
लगा जैसे मैं खुद को मिल गयी
मेरे अंदर की मुरझाई कली खिल गयी
फिर तुम्हारा मुझको छूना
चूमना मुझको गले लगा कर
कसम से मेरे अंदर कुछ तो कमाल कर गया
बहुत दिनों से शांत मेरे मन में सवाल कर गया
फिर मिलना हुआ और मिलते रहना हुआ
तुम्हारी बातें तुम्हारी आँखों से पढ़ना हुआ
तुझको ढूंढ कर तुझमें ही खोना हुआ
सच, ये एक प्यार सिर्फ तुमसे कई हज़ार बार हुआ
फिर हुआ कुछ बुरा
शायद उपरवाले की मर्ज़ी थी
तेरा मुझसे कई दफे रूठ जाना हुआ
मेरा तुझको हर दफे मनाना हुआ
और हर आंसू के बाद भी
दुआ में उठे हाथ
और झुकी नज़रों में तेरी खैरियत का आना हुआ
-अश्वनी कुमार

Tumse
Us ek din jab baatein shuru hui tumse (That day when I started talking to you)
Laga kuch to alag sa hai tum mein (I felt you were different from others)
Laga kuch to naya sa hai tum mein (I felt that there is something new in your personality)
Fir roz ki baatein hoti gayi (Then, we started talking on a daily basis)
Aur yoon bina soche pighalti rahi main un mein (And I started falling for you)
Yoon hi bina samjhe fislati rahi us raste pe (I started walking on the path of love without thinking much)
Haan pata tha mujhko dobara usi raste jaa rahi hoon jahan ghum bahut hain (Yes, I was aware that I am again walking on the path that is full of sorrows)
Par gam ki kya bisaat yaha tumhara saath bahut hai (But who worries about sorrows when you are by my side)
Us din jab pehli mulaqaat hui tumse (That day when I met you for the first time)
Laga jaise main khud ko mil gayi (I felt as if I met myself)
Mere andar ki murjhayi kali khil gayi (I regained my motivation)
Fir tumhara mujhko chuna (Then your touch)
Chumna mujhko gale laga kar (Kissing me while embracing me)
Kasam se mere andar kuchh toh kamaal kar gaya (I swear, it changed me)
Bahut dino se shaant mere man mein sawal kar gaya (It created questions in my peaceful mind)
Fir milna hua aur milte rehna hua (Then I kept seeing you and meeting you)
Tumhari baatein tumhari aankhon se padhna hua (I read your eyes while we talked)
Tujhko dhundh kar tujh mein hi khona hua (I felt lost in you)
Sach… Yeh ek pyar sirf tumse kai hazaar baar hua (I fell in love with you a thousand times)
Fir hua kuch bura (Then something bad happened)
Shayad uparwale ki marzi thi (Maybe, it was God’s will)
Tera mujhse kai kai dafe rooth jana hua (You were annoyed with me many times)
Mera tujhko har dafe manana hua (I tried to console you each time)
Aur har aansoo k baad bhi (And even after every tear)
Dua mein uthe hath (I prayed for you)
Aur jhuki nazaron mein teri khairiyat ka aana hua (And I got to know that you are doing fine)
-Ashwani Kumar

Longing for Her Love Poem-Lagta Hai Us Se Mohabbat Hone Lagi Hai

लगता है उससे मोहब्बत होने लगी है
सूरत ना देखी मैंने उसकी,
मूरत फिर भी उसकी बनने लगी है,
दिन को चैन नहीं आता,
और रातों की नींद उड़ने लगी है,
लगता है उससे मोहब्बत होने लगी है,
उसकी यादों में, आँखों से नीर बहते है,
अब तो आँखों को आँसू से मोहब्बत होने लगी है,
कलम लिखना चाहती है, केवल तुम्हारे बारे में,
और बातें मेरी कविताओं में ढलने लगी है,
लगता है उससे मोहब्बत होने लगी है,
उसकी यादों में, रातें गुजार देता हूँ,
अपनी ही बातों में, खुद को सँवार देता हूँ,
सुनसान रातों में, मेरी बातें गहराई में उतरने लगी हैं,
अब तो मेरे दिल की तन्हाई मोहब्बत में बदलने लगी है,
लगता है उससे मोहब्बत होने लगी है,
सुबह सूरज की रोशनी भी अधूरी सी लगती है,
बाज़ार की भरी सड़के भी सुनी सी लगती है,
उसके आने की ये आँखें राह देखने लगी हैं,
अब तो माह भी सालों की राह देखने लगी है,
लगता है उससे मोहब्बत होने लगी है,
उसके चेहरे की चमक सादी लगती है,
चाँद पूरा निकलता है पर रोशनी आधी लगती है,
बारिश की बूँदें भी अब मुझे भिगोने लगी हैं,
अब तो दिल की धड़कन भी यादों को पिरोने लगी है,
लगता है उससे मोहब्बत होने लगी है,
अभी भी घर की चौखट पर, उसकी राह तके बैठा हूँ,
सुबह से शाम और शाम से सुबह, उसकी राह में गुज़ार देता हूँ,
कब आओगी ये मेरी तन्हाई कहने लगी है,
तन्हाई की बातें दिल को झूठी लगने लगी हैं,
लगता है उससे मोहब्बत होने लगी है
-अजय राजपूत (झाँसी)

English Translation:

Lagta Hai Us Se Mohabbat Hone Lagi Hai (It seems that I am falling in love with her)
Surat na dekhi maine uski (I have not seen her face)
Moorat phir bhi uski ban ne lagi hai (Still, I am creating her statue)
Din ko chain nahi ata (I am restless during the day)
Aur raato ki neend udne lagi hai (And I cannot sleep at night)
Lagta hai us se mohabbat hone lagi hai (It seems that I am falling in love with her)
Uski yado mein ankho se neer behte hain (Tears flow down my eyes in her remembrance)
Ab to ankho ko ansu se mohabbat hone lagi hai (Now my eyes have started loving tears)
Kalam likhna chahti hai, keval tumhare baare mein (Pen wants to write only about you)
Aur baatein meri kavitaon mein dhalne lagi hain (And your talks have started appearing in my talks)
Lagta hai us se mohabbat hone lagi hai (It seems that I am falling in love with her)
Uski yaado mein ratein guzaar deta hoon (I spend my nights in her memories)
Apni hi baato mein khud ko sawar deta hoon (I groom myself in my own talks)
Sunsaan raato mein meri baatein gehrayi mein utarne lagi hain (My talks have started getting deep in lonely nights)
Ab to mere dil ki tanhai mohabbat mein badalne lagi hai (Now my heart’s loneliness has started converting into love)
Lagta hai us se mohabbat hone lagi hai (It seems that I am falling in love with her)
Subah suraj ki roshni bhi adhuri si lagti hai (I find the morning sunlight somewhat incomplete)
Bazaar ki bhari sadakein bhi suni si lagti hain (The heavily crowded roads of market also seem deserted to me)
Uske aane ki ye ankhein raah takne lagi hain (My eyes have started looking for her arrival)
Ab to mah bhi salon ki rah takne lagi hai (Now, even months have started waiting for the years)
Lagta hai us se mohabbat hone lagi hai (It seems that I am falling in love with her)
Uske chehre ki chamak sadi lagti hai (The glow on her face seems simple)
Chand pura nikalta hai par raushni adhi lagti hai (The moon is full but the light seems half)
Barish ki boondein bhi ab mujhe bhigone lagi hain (The raindrops have started drenching me now)
Ab to dil ki dhadkan bhi yaado ko pirone lagi hai (Now my heartbeat has also started forming memories)
Lagta hai us se mohabbat hone lagi hai (It seems that I am falling in love with her)
Abhi bhi ghar ki chaukhat par uski rah takey baitha hoon (Now also I am waiting for her while sitting at my doorstep)
Subah se sham aur sham se subah uski rah mein guzar deta hoon (From morning until evening and evening until morning is spent in her wait)
Kab aogi ye meri tanhai kehne lagi hai (My loneliness has started saying when will you come)
Tanhai ki batein dil ko jhuthi lagne lagi hain (The talks of loneliness seem false to my heart)
Lagta hai us se mohabbat hone lagi hai (It seems that I am falling in love with her)
-Ajay Rajput (Jhansi)