Hindi Poem Praying for Love-Ae Khuda Uske Sath Rakh


ऐ खुदा उसके साथ रख
थोड़ा पास रख
उसकी ख़ुशी के लिए तेरे पास आया हूँ
मेरी दुआ अब तेरे क़दमों में रख

मानता हूँ भूल गया था मैं
लेकिन अब वापिस आया हूँ तो निराश न रख

बच्चा समझ के माफ़ कर दे मुझे
तेरे क़दमों में मेरे लिए थोड़ी सी जगह रख
ऐ खुदा उसके साथ रख
थोड़ा पास रख

प्यार करता हूँ मैं उस से बेपनाह
दूर होके नहीं रह सकता उसके बिना

शादी न सही
लेकिन उसको मेरी नज़रों के सामने रख
ऐ खुदा उसके साथ रख
थोड़ा पास रख

-The Fiend

Hindi Love Poem on Separation-आँखें जो खुली


आँखें जो खुली तो उन्हें अपने करीब पाया ना था
कभी थे रूह में शामिल आज उनका साया ना था
बेपनाह मोहब्बत की जिनसे उम्मीदें लिये बैठे थे
उनसे तन्हाइयों की सौगातें मिलेंगी बताया ना था
एक हम ही कसीदे हुस्न के हर बार पढ़ते रहे पर
उसने तो कभी हाल-ए-दिल सुनाया ना था
वो फिरते रहे दिल में ना जाने कितने राज लिये
हमने तो कभी उनसे जज्बातों को छुपाया ना था
जाने क्यों हम बेवजह मदहोश हुआ करते थे
जाम आँखों से तो कभी उसने पिलाया ना था
मीलों कब्ज़ा कर बना रखा था सपनों का महल पर
उसने वो ख़्वाब कभी आँखों में सजाया ना था
धड़कन ‘मौन’ हुई अब एक आह की आवाज़ है
शिकवा क्या उनसे जिसने कभी अपना बनाया ना था

-अमित मिश्रा

Aankhein jo khuli thi to unhe apne kareeb paya naa tha
Kabhi they ruh mein shamil aaj unka saya naa tha
Bepanaah mohabbat ki jinse umid liye beithe they
Unse tanhai ki saugate milegi btaya naa tha
Ek hum hi kaside husan ke har baar padte rahe par
Unse to kabhi haal ae dil sunaya naa tha
Wo firte rahe dil me naa jane kitne raaz liye
Hamne to kabhi unse jazbaton ko chupaya naa tha
Jane kyon hum bevajah madhosh hua karte they
Jaam aankhon se to kabhi usne pilaya na tha
Milon kabza kar bana rakha tha sapno ka mahal par
Usne wo khwab kabhi aankhon me sajaya na tha
Dhadkan maun hue ab ek aah ki aawaz hai
Shikwa kya unse jisne kabhi apna banaya naa tha

-Amit Mishra

Miss You Love Poem-याद जब भी उसकी आती है


याद जब भी उसकी आती है रातों की नींद उड़ ही जाती हैं
मेरे दिल का हाल ना पूछो प्यारे आशिकी ऐसे ही होती है
तेरे खोने का गम है मुझको तेरी यादें बहुत सताती हैं
याद जब भी उसकी आती है तूने धोखा दिया
वह बेवफा तेरी यादें मुझे रुलाती हैं तेरे इश्क में पागल था
मैं तेरी यादें मुझे तड़पाती हैं याद जब भी उसकी याद आती है
तू तो कहती थी की उम्र भर में साथ हूं फिर यह कैसी जुदाई है
धोखा दिया तूने हमको क्या यही आशिकी कहलाती है
याद जब भी उसकी याद आती है रातों की नींद उड़ ही जाती ।

– चंद्रभान सिंह

Yaad jab bhi uski aati hai to raaton ki neend ud jati hai
Mere dil ka haal na phucho pyare aashiqi ese hi hoti hai
Tere khone ka gam hai mujhko teri yaad bhut satati hai
Yaad jab bhi uski aati hai tune dokha diya
Ve bewafa teri yaadein muje rulati hai tere ishq me pagal tha
Main teri yaadein muje tadpati hai yaad jab bhi uski yaad aati hai
Tu to kahti thi ki umar bhar main sath hoon fir ye kaisi judai hai
Dokha diya tune hamko kya yahi ashiqi kehlati hai
Yaad jab bh uski yaad aati hai raaton ki neend ud jati hai

Chanderbhan Singh

Miss You Hindi Love Poem – ठीक हूँ मैं


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देखा जवाब मिला मुझे कि,
परेशान नहीं ठीक हूँ मैं।

तुम सोचना नहीं मुझे कभी,
तुम ढूंढना नहीं मुझे कभी,
परेशान नहीं ठीक हूँ मैं।

जब तस्वीरे देख जाओ कभी,
जब आँखों में पानी लाओ कभी,
रुमाल निकाल पोछ सकते हो,
या इतना पानी तो सोख सकते हो
पर मुझे कुछ नहीं कहना क्योंकि,
परेशान नही ठीक हूँ मैं।

जब लिखा हुआ कुछ मिल जाए,
दिल में फिर से अरमां खिल जाए,
कुछ नहीं दबा लेना सब कुछ,
या किताब बना देना सब कुछ,
पर मुझे कभी मत पढ़ाना क्योंकि,
परेशान नहीं ठीक हूँ मैं।

याद में तुम रात गुज़ार दो अगर,
ये कोई नई बात नहीं होगी मगर,
चाँद को देखते मेरा अश्क नज़र आये,
मुँह फेर लेना अपना शायद इश्क़ मर जाये,
पर मुझे परेशान मत करना क्योंकि,
परेशान नहीं ठीक हूँ मैं।

।।गीतेश नागेंद्र।।

Cross-Cultural Love Story-बला होते


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ज़ालिम , सितमगर , क़ातिल या बला होते
तुम कुछ भी होते पर मेरी क़िस्मत में तो होते

कुछ और जगह रखते अपने महल में मुलाजिम की
तेरे सजदे में सर झुकाते और तेरी ख़िदमत में हम होते

कभी चखने तो आते तुम मेरी नज़्मों के जाम को
फिर रोज़ पिया करते तेरी आदत में हम होते

तेरे काले लिबास पर करते नारंगी ज़रदोजी
बस टाँकते चाँद सितारे और बड़ी राहत में हम होते

तुम्हें मिलता बड़ा सौदा और वो भी बड़ा सस्ता
तेरी एक झलक की बस लागत में हम होते

तुम होते रंगरेज मेरे फिर चाहे जिस रंग में रंगते
कितना खिल के आते जो तेरी रंगत में हम होते

तुम हो जाते खुदा हमारे हम तुम्हारी इबादत करते
बस एक खुदा होता तो ना मज़हबी झंझट में हम होते
-सौरभ आनंद

How to read:

Zalim sitamgar quatil ya balaa hote
Tum kuch bhi hote par meri kismat me to hote

Kuch aur jagah rakhte apne mahal me mulazil ki
Tere sajde me ser jhukate aur teri khidmat me hum hote

Kabhi chakne to aate tum meri nazmo ke jaam ko
Fir roz piya karte teri adat me hum hote

Tere kale libaas par karte narangi zardozi
Bus tankte chaand sitare aur badi rahat me hum hote

Tumhe milta bada sauda aur vo bhi bada sasta
Teri ek jhalak ki bus lagat me hum hote

Tum hote rangrez mere fir chahe his rang me rangte
Kitna khil ke aate jo teri rangat me hum hote

Tum ho jate khuda humare hum tumhari inadat karte
Bus ek khuda hota to na majhani jhanjhat me hum hote

-Saurabh Anand

 

Hindi Love Poem on Separation- ये जरुरी तो नहीं


हम जिसे चाहें वो भी हमें चाहे ये जरुरी तो नहीं,
मिले प्यार के बदले प्यार ये जरुरी तो नहीं।

मिलाकर मन कुछ लोग उतर जाते हैं दिल में,
हो मिलन तन का तन से ये जरुरी तो नहीं।

होते हैं कुछ लोग जो पा लेते हैं चाहकर कुछ भी,
हो सबका नसीब एक जैसा ये जरुरी तो नहीं।

सूरत मिल जाती है अक्सर कइयों से तेरी,
सीरत भी हो तुझसी ये जरुरी तो नहीं।

कवि ‘राज़’ मत रख हसरत किसी पर मरकर जीने की
सबके नसीब हो आसां मौत ये जरुरी तो नहीं।

~राज़ सोरखी “दीवाना कवि”

 

Hum jise chahe wo bhi hme chahe ye jaruri to nahi
Mile pyar k badle pyar ye jaruri to nahi

Milakar man kuch log mil jate hai dil mein
Ho milan tan ka tan se ye jaruri to nahi

Hote hai kuch log jo paa lete hai chah kar kuch bhi
Ho sabka nasib ek jesa ye jaruri to nahi

Surat mil jati hai aksar kaiyon se teri
Sirat bhi ho tujhsi ye jaruri to nahi

Kavi raj mat rakh hasrat kisi par markar jine ki
Sabke nasib ho aasaan mauot ye jaruri to nahi

~Raj sorkhi”diwana kavi”

 

 

Hindi Poem on Angry Love-रूठे से वो


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वो रूठे हैं इस कदर मनायें कैसे।
जज़्बात अपने दिल के दिखाएँ कैसे।
नर्म एहसासों की सिहरन कह रही है पास आ जाओ।
सिमट जाओ मुझमें और दिल में समां जाओ।
देखो लौट आओ ना रूठो हमसे।
बस रह गया है तुम्हारा इंतज़ार कब से।
इतनी भी क्या तकरार हमसे ।
तेरे इंतज़ार में हो गया है दिल बेकरार कब से।
लड़ना मुझसे झगड़ना मुझसे पर कभी न दूर रहना मुझसे।
एक बार फिर ढलती शाम में बढ़ रहा है खुमार  कब से।
अब तुम्ही मीत हो मेरे दिल की सदायें समझो।
मेरे दिल की ख़ामोशी मेरी वफायें समझो
अब क्या कहूँ अपने दिल की सदायें उनसे।
वो रूठे हैं इस कदर मनायें कैसे।
जज़्बात अपने दिल के दिखाये कैसे।
-गौरव

How to read:

Wo ruthe hain is kadar manayein kaise

Jazbaat apne dil ke dikhayein kaise

Narm ehsaso ki sirhan keh rahi hai pas ajao

Simat jao mujhmein aur dil mein sama jao

Dekho laut aao na rutho hamse

Bas reh gaya hai tumhara Intezar kab se 

Itni bhi kya takraar ham se 

Tere Intezar mein ho gaya hai dil bekarar kab se 

Ladna mujhse jhagadna mujhse par kabhi na dur rehna mujhse 

Ek bar phir dhalti sham mein badh raha hai khumar kab se

Ab tum hi meet ho mere dil ki sadayein samjho

Mere dil ki khamoshi meri wafayein samjho

Ab kya kahu apne dil ki sadayein unse

Wo ruthe hain is kadar manayein kaise

Jazbaat apne dil ke dikhayein kaise

-Gaurav

English Translation:

The extent to which my love is angry with me, how do I wow my love

How do I show emotions of my heart to my love?

The sweet memories of our love ask you to come nearby

Embrace me tight and get absorbed in me

Please come back, do not stay angry with me

I have been waiting for you for so long

Is it such a big feud between us?

My heart is highly impatient while waiting for you

You can fight with me, argue with me, but do not stay away from me

Once again with the evening approaching night, my heart is getting mad for you

You are my only friend, please understand my emotions for you

The extent to which my love is angry with me, how do I wow my love

How do I show emotions of my heart to my love?