Hindi Poem Praying for Love-Ae Khuda Uske Sath Rakh


ऐ खुदा उसके साथ रख
थोड़ा पास रख
उसकी ख़ुशी के लिए तेरे पास आया हूँ
मेरी दुआ अब तेरे क़दमों में रख

मानता हूँ भूल गया था मैं
लेकिन अब वापिस आया हूँ तो निराश न रख

बच्चा समझ के माफ़ कर दे मुझे
तेरे क़दमों में मेरे लिए थोड़ी सी जगह रख
ऐ खुदा उसके साथ रख
थोड़ा पास रख

प्यार करता हूँ मैं उस से बेपनाह
दूर होके नहीं रह सकता उसके बिना

शादी न सही
लेकिन उसको मेरी नज़रों के सामने रख
ऐ खुदा उसके साथ रख
थोड़ा पास रख

-The Fiend

Waiting for Love Hindi Poem: Arzoo


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आरज़ू
शून्य घोर चित्त चंचल में एक दबी है आरज़ू,
तुम्हारी रोज़ की तकरार की आरज़ू,
हमारी भीनी अनदेखी, मुस्कुराहट की आरज़ू,
मेरी भीतर गुज़रती हर कसक की आरज़ू,
तुम रुस्वाई की बात करते हो,
तो समन्दर सी अश्कों से ढलने वाली आरज़ू,
लगता है उधार दी है मैंने तुम्हैं सांसे अपनी,
इन अधूरी सांसो में कटती जिदंगी की आरज़ू,
इतंजार, उम्मीदें और अहसास सब बिखरा सा है,
टूटती निगाहों में लुटती पनाह की आरज़ू,
आखिरी बार जब तुम कहते हो!! ना रहा कुछ,
तो निर्धन सी, यादों की धनी होने की आरज़ू,
अनजान से पहचान का लम्बा सफर गुज़रा,
अब पहचान से अपनेपन की आरज़ू,
तुम जीवन की मांग करते हो,
मेरी तुम संग जीकर मरने की आरज़ू,
ज़माना क्या कहता है!!!!
ना खबर मुझे!! खबरहीन बेसुध,
मेरे इकरार और तुम्हारे इनकार की आरज़ू!!!!!!
डाॅ. अवन्तिका

Miss You Love Poem- याद है


 

याद है मुझे आज भी उनसे
मेरी पहली मुलकात का वो सफर
था वो बड़ा ही खास दिन मेरे लिये
था वो सफर लम्बा पर सुनकर
उनकी मीठी आवाज कर दिया
सफर मेरा सुकून भरा
मेरे सफर की पूरी थकान उतर गई
जब उसने मुस्कुरा के मुझे देखा याद है
मुझे मेरी नयी ज़िंदगी की नई शुरुआत
इसी ऐसी सफर से मिली वो सफर
सिर्फ एक सफ़र नहीं बल्कि
मेरी ज़िन्दगी की नयी ख़ूबसूरत सूरत थी
याद है मुझे आज भी उसने
हमारी पहली मुलाक़ात का वो सफर

-भारत ठाकुर

Yaad hai mujhe aaj bhi unse
Meri pehli mulakat ka vo safar,
Tha vo bada hi khaas din mere liye,
Tha vo safar lamba par sunkaar
Unki mithi aavaaz kar diya
Safar mera sukun bhara
Mere safar ki puri thakaan utri gayi
Jab usne muskurake muje dekha yad hai…
Muje meri nai zindagi ki nai suruaat
Esi safar se mili.. vo safar
Ssirf ek safar nai balki
Meri jindgi ki nayi khubsurat suruat thi
Yaad hai muje aaj bhi usne
Hamari pehli mulakat ka vo safar
Kese baya karu apne vo jazbaat…
Meri mulakat ka vo safar…

-Bharat Thakor

Miss You Love Poem-याद जब भी उसकी आती है


याद जब भी उसकी आती है रातों की नींद उड़ ही जाती हैं
मेरे दिल का हाल ना पूछो प्यारे आशिकी ऐसे ही होती है
तेरे खोने का गम है मुझको तेरी यादें बहुत सताती हैं
याद जब भी उसकी आती है तूने धोखा दिया
वह बेवफा तेरी यादें मुझे रुलाती हैं तेरे इश्क में पागल था
मैं तेरी यादें मुझे तड़पाती हैं याद जब भी उसकी याद आती है
तू तो कहती थी की उम्र भर में साथ हूं फिर यह कैसी जुदाई है
धोखा दिया तूने हमको क्या यही आशिकी कहलाती है
याद जब भी उसकी याद आती है रातों की नींद उड़ ही जाती ।

– चंद्रभान सिंह

Yaad jab bhi uski aati hai to raaton ki neend ud jati hai
Mere dil ka haal na phucho pyare aashiqi ese hi hoti hai
Tere khone ka gam hai mujhko teri yaad bhut satati hai
Yaad jab bhi uski aati hai tune dokha diya
Ve bewafa teri yaadein muje rulati hai tere ishq me pagal tha
Main teri yaadein muje tadpati hai yaad jab bhi uski yaad aati hai
Tu to kahti thi ki umar bhar main sath hoon fir ye kaisi judai hai
Dokha diya tune hamko kya yahi ashiqi kehlati hai
Yaad jab bh uski yaad aati hai raaton ki neend ud jati hai

Chanderbhan Singh

Miss You Love Poem- तेरी याद आये


नग़मे इश्क़ के कोई गाये तो तेरी याद आये
जिक्र मोहब्बत का जो आये तो तेरी याद आये

यूँ तो हर पेड़ पे डालें हज़ारों है निकली
टूट के कोई पत्ता जो गिर जाये तो तेरी याद आये

कितने फूलों से गुलशन है ये बगिया मेरी
भंवरा इनपे जो कोई मंडराये तो तेरी याद आये

चन्दन सी महक रहे इस बहती पुरवाई में
झोंका हवा का मुझसे टकराये तो तेरी याद आये

शीतल सी धारा बहे अपनी ही मस्ती में यहाँ
मोड़ पे बल खाये जो ये नदिया तो तेरी याद आये

शांत जो ये है सागर कितनी गहराई लिये
शोर करती लहरें जो गोते लगाये तो तेरी याद आये

सुबह का सूरज जो निकला है रौशनी लिये
ये किरणें हर ओर बिखर जाये तो तेरी याद आये

‘मौन’ बैठा है ये चाँद दामन में सितारे लिये
टूटता कोई तारा जो दिख जाये तो तेरी याद आये

-अमित मिश्रा

Nagme ishq mein koi gaye to teri yaad aaye
Zikr mohabbat ka aaye to teri yaad aaye

Yoon to har ped par dalein hazaro hai nikali
Toot ke koi patta jo gir jaye to teri yaad aaye

Kitne phulon se gulshan hai ye bagiya meri
Bhanvra inpe jo koi mandraye to teri yaad aaye

Chandan si mehek rahi is bahti purvai mein
Jhonka hawa ka mujhse takraye to teri yaad aaye

Sheetal si dhara bahey apni hi masti mein yahan
Mod pe balkhaye jo ye nadiya to teri yaad aaye

Shant jo hai ye sagar kitni gehrai liye
Shor karti lehre jo gotey lagaye to teri yaad aaye

Subah ka suraj jo nikla hai roshni liye
Ye kirne har or bikhar jaye to teri yaad aaye

Maun baitha hai ye chaand daman mein sitare liye
Toot-ta koi tara jo dikh jaye to teri yaad aaye

-Amit Mishra

Miss You Hindi Love Poem – ठीक हूँ मैं


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देखा जवाब मिला मुझे कि,
परेशान नहीं ठीक हूँ मैं।

तुम सोचना नहीं मुझे कभी,
तुम ढूंढना नहीं मुझे कभी,
परेशान नहीं ठीक हूँ मैं।

जब तस्वीरे देख जाओ कभी,
जब आँखों में पानी लाओ कभी,
रुमाल निकाल पोछ सकते हो,
या इतना पानी तो सोख सकते हो
पर मुझे कुछ नहीं कहना क्योंकि,
परेशान नही ठीक हूँ मैं।

जब लिखा हुआ कुछ मिल जाए,
दिल में फिर से अरमां खिल जाए,
कुछ नहीं दबा लेना सब कुछ,
या किताब बना देना सब कुछ,
पर मुझे कभी मत पढ़ाना क्योंकि,
परेशान नहीं ठीक हूँ मैं।

याद में तुम रात गुज़ार दो अगर,
ये कोई नई बात नहीं होगी मगर,
चाँद को देखते मेरा अश्क नज़र आये,
मुँह फेर लेना अपना शायद इश्क़ मर जाये,
पर मुझे परेशान मत करना क्योंकि,
परेशान नहीं ठीक हूँ मैं।

।।गीतेश नागेंद्र।।

Cross-Cultural Love Story-बला होते


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ज़ालिम , सितमगर , क़ातिल या बला होते
तुम कुछ भी होते पर मेरी क़िस्मत में तो होते

कुछ और जगह रखते अपने महल में मुलाजिम की
तेरे सजदे में सर झुकाते और तेरी ख़िदमत में हम होते

कभी चखने तो आते तुम मेरी नज़्मों के जाम को
फिर रोज़ पिया करते तेरी आदत में हम होते

तेरे काले लिबास पर करते नारंगी ज़रदोजी
बस टाँकते चाँद सितारे और बड़ी राहत में हम होते

तुम्हें मिलता बड़ा सौदा और वो भी बड़ा सस्ता
तेरी एक झलक की बस लागत में हम होते

तुम होते रंगरेज मेरे फिर चाहे जिस रंग में रंगते
कितना खिल के आते जो तेरी रंगत में हम होते

तुम हो जाते खुदा हमारे हम तुम्हारी इबादत करते
बस एक खुदा होता तो ना मज़हबी झंझट में हम होते
-सौरभ आनंद

How to read:

Zalim sitamgar quatil ya balaa hote
Tum kuch bhi hote par meri kismat me to hote

Kuch aur jagah rakhte apne mahal me mulazil ki
Tere sajde me ser jhukate aur teri khidmat me hum hote

Kabhi chakne to aate tum meri nazmo ke jaam ko
Fir roz piya karte teri adat me hum hote

Tere kale libaas par karte narangi zardozi
Bus tankte chaand sitare aur badi rahat me hum hote

Tumhe milta bada sauda aur vo bhi bada sasta
Teri ek jhalak ki bus lagat me hum hote

Tum hote rangrez mere fir chahe his rang me rangte
Kitna khil ke aate jo teri rangat me hum hote

Tum ho jate khuda humare hum tumhari inadat karte
Bus ek khuda hota to na majhani jhanjhat me hum hote

-Saurabh Anand