Broken Heart Love Poem-Galti

गलती

बेशक गलती सिर्फ तेरी नहीं,
कुछ मेरी भी होगी

खामोश रातों में आंखें तेरी भी भीगी होगी
यकीन है हमें
तू भी तड़पा होगा भीगी पलकों के साथ
बीते लम्हों की तुझे भी याद आयी होगी
बेशक गलती सिर्फ तेरी नहीं,
कुछ मेरी भी होगी

वो रातों की कुछ शरारतें
जिस में अक्सर नींदें खो जाया करती थी
बेशक तुझे भी याद होगा
कि किस कदर तेरी मुहब्बत में अक्सर आंखें भीग जाया करती थी
बुरा नहीं है तू
बेशक गलती सिर्फ तेरी नहीं
कुछ मेरी भी होगी

रात के आहोश में उस पल तू भी अकेले भीगा होगा
जिस पल तुझे मेरी ज़रूरत सबसे ज़्यादा होगी
बेशक गलती सिर्फ तेरी नहीं
कुछ मेरी भी होगी

महजबीन

कविता का भावार्थ:

यह कविता एक प्रेमिका अपने प्रेमी के विषय में लिख रही है। कविता का शीर्षक “गलती” यह बतला रहा है कि प्रेमिका को अपने प्रेमी के साथ सम्बद्ध टूट जाने पर बहुत अफ़सोस है। इसी कारण वह इस घटना को एक गलती बता रही है। प्रेमिका अपने प्रेमी को यह भी सन्देश दे रही है कि यह गलती केवल उसकी अकेले की नहीं, बल्कि दोनों की बराबर थी। कविता में प्रेम के मिलन की झांकी है एवं विरह की वेदना भी स्पष्ट दिखाई पड़ती है।

Poetry Text with English Translation

Here is the poetry text in English and its meaning:

Galti (Mistake)

Beshaq galti sirf teri nahi, (Without a doubt, the mistake was not entirely yours)
Kuch meri bhi hogi (But also mine to some extent)

Khamosh raato mein ankhein teri bhi bheegi hogi (In silent nights, your eyes must have been wet too)
Yakeen hai hamein (I believe this)
Tu bhi tadpa hoga bheegi palko ke sath (You would have missed me too with wet eyes)
Beete lamho ki tujhe bhi yaad ayi hogi (You would be missing the time we spend together too)
Beshaq galti sirf teri nahi, (Without a doubt, the mistake was not entirely yours)
Kuch meri bhi hogi (But also mine to some extent)

Wo raato ki kuch shararatein (Those naughty acts at night)
Jis mein aksar neendein kho jaya karti thi (Engaged in them, we used to forget our sleep)
Beshaq tujhe bhi yaad hoga (Without doubt, you would have remembered the incidents)
Ki kis kadar teri muhabbat mein aksar ankhein bheeg jaya karti thi (When my eyes used to be wet in your love)
Bura nahi hai tu (You are not bad)
Beshaq galti sirf teri nahi, (Without a doubt, the mistake was not entirely yours)
Kuch meri bhi hogi (But also mine to some extent)

Raat ke ahosh mein us pal tu bhi akele bheega hoga (In the loneliness of night, you would have also cried alone)
Jis pal tujhe meri zarurat sabse zyada hogi (The moment you felt my need the most)
Beshaq galti sirf teri nahi, (Without a doubt, the mistake was not entirely yours)
Kuch meri bhi hogi (But also mine to some extent)

Mehjabeen (Author)

Hindi Poem on Betrayal in Love-Sirf Bewafai Dekhi

ज़िन्दगी में सिर्फ बेवफाई देखी, हमने महफ़िल में सिर्फ तनहाई देखी
वफ़ाओं का मेरी जो सिला दे, मै वो इश्क़ तलाश करता हूं,

ये ज़ख्म जो मिले गहरे हैं बहुत, मेरी खुशियों पे गमों के पहरे हैं बहुत
दर्द को मेरे जो मिटा दे, मैं वो शिफा तलाश करता हूं,

रिश्तों की कश्मकश में उलझा ऐसे, खुद को ही खुद से खो दिया जैसे
वजूद को मेरे जो मुझसे मिला दे, मैं वो आईना तलाश करता हूं,

इबादत को कभी ना छोड़ा हमने, अपने अक़ीदे को ना कभी तोड़ा हमने
जन्नत जो मुझे दिला दे, मैं वो खुदा तलाश करता हूं,

हर अल्फ़ाज़ को जताने की कोशिश है, हर जज़्बात को बताने की कोशिश है
इस बज़्म को जो एहसास करा दे, मैं वो नज़्म तालाश करता हूं

(अरमान )

Hindi Love Poem for Her-Ankho Ke Samne

आँखों के सामने

आंखें खोलें तो दीदार तुम्हारा होना चाहिए,
अगर करे बंद तो स्वप्न तुम्हारा होना चाहिए,
हमें मरने के लिए हर लम्हा मंज़ूर है,
बस कफ़न के बदले आँचल तुम्हारा होना चाहिए।

तुझे आँखों के सामने रखने की कोशिश करता रहता हूँ,
कोई कर न ले साज़िश तुझे चुराने की इस बात से डरता रहता हूँ,
तुझे आँखों के सामने रखने की कोशिश करता ही रहता हूँ,

खुश तो बहुत हूँ फिर भी डरता रहता हूँ,
तेरा दिल बदल न जाये इस डर से तेरी आँखों को पढ़ता रहता हूँ,
रचने वाले ने क्या रचा है तुझे,
हर गली, हर मुहल्ले, हर जुबान पर हैं चर्चे तेरे,
हर जगह बट रहे प्यार के पर्चे मेरे,
पर….
ये पर्चे मेरी मुहब्बत मुझसे छीन न ले, इस बात से डरता रहता हूँ,
तुझे आँखों के सामने रखने की कोशिश करता ही रहता हूँ,
करता ही रहता हूँ……

सुनता हूँ, कई शाहजहां तेरी चाहत में बनवा रहे हैं महले कई,
इन ज़ालिमों ने भी कर दिया मुझे कवि,
हर जगह बस दिख रही बस तेरी छवि,
बस इतना ही कहूँगा……..
“तेरी खूबसूरती का दीवाना हर कोई,
तेरी नज़रों का दीवाना हर कोई,
जब कभी पूछो ज़माने से कुदरत की खूबसूरती क्या है,
तब सिर्फ तेरा नाम बताता हर कोई”

तेरा जब कोई मुझसे पता पूछे तो उसको मैं भटकाता रहता हूँ
तुझे आँखों के सामने रखने की कोशिश करता ही रहता हूँ,
करता ही रहता हूँ,
करता ही रहता हूँ……………
-कुमार हर्ष

Ankho Ke Samne

Ankhein khule to didar tumhara hona chahiye,
Agar karein band to sapna tumhara hona chahiye,
Hame marne ke liye bhi har lamha manzur hai,
Bas kafan ke badle anchal tumhara hona chahiye…

Tujhe ankho ke samne rakhne ki koshish karta rahta hu,
Koi kar na le sazish tujhe churane ki, is baat se bhi darta rahta hu,
Tujhe ankho ke samne rakhne ki kosish karta hi rahta hu.
Khush to bahut hu, phir bhi darta rahta hu,
Tera dil badal na jaye is dar se teri ankho ko padta rahta hu,
Rachne wale ne kya racha hai tujhe,
Har gali, har muhalle, har zubaan par hain charche tere,
Har jagah bat rahe pyar ke parche mere,
Par…..
Ye parche meri muhabbat mujhse cheen na le, is baat se darta rahta hu,
Tujhe ankho ke samne rakhne ki koshish karta hi rahta hu,
Karta hi rahta hu…

Sunta hu, kai Shah Jahan teri chahat mein banwa rahe hain mahle kai,
In zalimo ne bhi kar diya mujhe kavi,
Har jagah bas dikh rahi teri chhavi,
Bas itna hi kahunga….
“Teri khubsoorti ka deawana har koi,
Teri nazaron ka deewana har koi,
Jab kabhi pucho zamane se kudrat ki khubsurti kya hai,
Tab tab sirf tera naam batata har koi.”

Tera jab mujhse koi pta puche to usko mai bhatkata rahta hu,
Tujhe mujhse koi chura na le is baat se darta rahta hu,
Tujhe ankho ke samne rakhne ki koshish karta rahta hu,
Karta rahta hu,
Karta rahta hu…..
-Kumar Harsh

Missing Her Love Poem-Tumhari Yaad Dil Se Jaati Nahi

तुम्हारी याद दिल से जाती नहीं (कविता का शीर्षक)

तुम से मिलने की आशा बहुत है मगर,
तुम से मिलने कि रुत है कि आती नहीं|
करूँ कितनी भी कोशिश दिल बहलाने की मगर,
एक तेरी याद दिल से है कि जाती नहीं ||

प्रेम कि राह में मुझको ले चली|
वो हाथ पकड़ के अपनी गली||
मैं तो चलता रहा उसी राह पर मगर,
अब मेरे पीछे वो है कि आती नहीं |
करूँ कितनी भी कोशिश दिल बहलाने की मगर,
एक तेरी याद दिल से है कि जाती नहीं ||

साथ चलने की चाहत तुम्हारी ही थी|
साथ जीने-मरने की कसमें भी तुम्हारी ही थी||
राह तकता हूँ मैं अब तक उसकी मगर,
वो है कि इस राह आती नहीं |
करूँ कितनी भी कोशिश दिल बहलाने की मगर,
एक तेरी याद दिल से है कि जाती नहीं ||

क्या हुई थी गलती हमें समझाओ तो|
दूर जाने की वजह हमें बतलाओ तो ||
हम पूछते रहे उन से मगर, वो है कि कुछ भी बताती नहीं |
करूँ कितनी भी कोशिश दिल बहलाने की मगर,
एक तेरी याद दिल से है कि जाती नहीं ||
-कुलेश्वर जायसवाल (कवि )

Tumhari Yaad Dil Se Jaati Nahi (Title of the Poem)

Tum se milne ki aasha bahut hai magar,
Tum se milne ki rut hai ki aati nahi |
Karu kitni bhi koshish dil bahalane ki magar,
Ek teri yad dil se hai ki jati nahi ||

Prem ki rah me mujhko le chali|
Wo hath pakad ke apni gali||
Mai to chalta raha usi rah par magar,
Ab mere pichhe wo hai ki aati nahi |
Karu kitni bhi koshish dil bahalane ki magar,
Ek teri yad dil se hai ki jati nahi||

Sath chalne ki chahat tumhari hi thi|
Sath jeene-marne ki kasmein tumhari hi thi||
Rah takta hu main ab tak magar,
Wo hai ki ab is rah aati nahi|
Karu kitni bhi koshish dil bahalane ki magar,
Ek teri yad dil se jati nahi||

Kya hui thi galati hamein samajhao to|
Dur jane ki vajah batlao to||
Ham puchhate rahe un se magar,
Wo hai ki kuchh bhi batati nahi|
Karu kitni bhi koshish dil bahalane ki magar,
Ek teri yad dil se jati nahi||
-Kuleshwar Jaiswal (Poet)

Meaning in English/English Translation of the Poem:

Your memories do not fade from my heart
I have high hopes of meeting you but,
The season of meeting you just does not arrive.
However hard I may try to convince my heart but,
your memories do not go away from my heart.

You took me on the path of love
while holding her hand in her street
I kept walking on the same path but,
now she does not follow me.
However hard I may try to convince my heart but,
your memories do not go away from my heart.

It was only your wish to walk together
You only had pledged to live and die together.
I keep waiting for you on this path till now but,
she does not come on this path now.
However hard I may try to convince my heart but,
your memories do not go away from my heart.

What did I do wrong at least let me know?
Tell me the reason for going away.
I kept asking her but,
she never told me anything.
However hard I may try to convince my heart but,
your memories do not go away from my heart.

Missing Him Love Poem-Ek Waqt Tha

एक वक़्त था (कविता का शीर्षक)

एक वक़्त था .. जब हम अजनबी हुआ करते थे

एक वक़्त था . जब वो अजनबी हो कर भी अपना सा लगा करता था

एक वक़्त था . जब आंखें सिर्फ उसी को ढूंढा करती थी .

एक वक़्त था .. जब उसे न देखो तो बेचैनी सी हुआ करती थी

एक वक़्त था .. जब सिर्फ आँखों से बात हुआ करती थी

एक वक़्त था .. जब उसकी एक झलक देख कर, बड़ी सी स्माइल हुआ करती थी

एक वक़्त था . जब दिल उससे बात करने के लिए बेचैन रहता था

एक वक़्त था .. जब उसे फेसबुक पर सर्च करा जाता था और उसके न मिलने पे बड़ा अफ़सोस करा जाता था

एक वक़्त था .. जब दिल सिर्फ उसी को याद किया करता था

एक वक़्त था .. जब खवाब भी उसी के आते थे .

एक वक़्त था .. जब हर दुआ में उसका नाम शामिल होता था

एक वक़्त था .. जब उसे खुदा से माँगा जाता था

एक वक़्त था .. जब वो फेसबुक पे मिल गया था मानो दुनिया की साड़ी खुशियां ही मिल गयी हों

एक वक़्त था .. मानो ऐसा लग रहा था रब ने मेरी सुन ली हो

एक वक़्त था … जब हम फ्रेंड्स बन गए थे

एक वक़्त था .. जब सुबह, उसकी फोटो देख के होती थी

एक वक़्त था  .. जब उसकी एक ही फोटो को सौ सौ बार देखा जाता था

एक वक़्त था …  जब दो मिनट बात करके भी दिन भर खुश रहा जाता था

एक वक़्त था … जब उसके ऑनलाइन आने का घंटों वेट किया जाता था

एक वक़्त था .. जब हम बोलते रहते थे और वो सुनता रहता था

एक वक़्त था … जब एक दिन भी उसकी फोटो देखे बिना रहा नहीं जाता था

एक वक़्त था … जब सिर्फ दिल की सुनी जाती थी

एक वक़्त था .. जब दिल और दिमाग पर सिर्फ उसी का राज होता था

एक वक़्त था .. जब उसकी फोटो न देखो तो दिन सूना सूना सा लगता था

एक वक़्त था .. जब हम उसे अपनी बातों से बोर किया करते थे और उसका रिप्लाई हाँ हूँ हम्म में ख़तम हो जाया करता था

एक वक़्त था .. जब हम दोनों ने प्यार का इज़हार कर दिया था

एक वक़्त था .. जब फ़ोन पे घंटों बात हुआ करती थी

एक वक़्त था .. जब उसका और मेरा रास्ता अलग हो गया था

और एक आज का वक़्त है.. जब उसके होने या न होने से कोई फरक नहीं पड़ता

और एक आज का वक़्त है.. जब दिल में उसके लिए एक भी जगह नहीं है

और एक आज का वक़्त है.. जब हम फिर से अजनबी हो चुके हैं..

– नैनिका साहू (कवि)

Ek Waqt Tha (Title of the Poem)

Ek waqt tha.. Jab hum ajnabi hua karte the (There was a time when we both were strangers to each other)
Ek waqt tha. Jab vo ajnabi ho kar bhi apna sa laga karta tha (There was a time when he seemed so close despite being a stranger)
Ek waqt tha. Jab ankhein sirf usi ko dhundha karti thi. (There was a time when my eyes used to look only for him)
Ek waqt tha.. Jab use na dekho toh bechaini si hua krti thi (There was a time when I used to get anxious on not seeing him)
Ek waqt tha.. Jab sirf ankho se baat hua karti thi (There was a time when we used to talk only through our eyes)
Ek waqt tha.. Jab uski ek jhalk dekh kar, badi se smile hua karti thi (There was a time when I used to have a big smile on my face after having a glance at him)
Ek waqt tha. Jab dil us se baat kerne ke liye bechain rehta tha (There was a time when I used to be anxious to talk to him)
Ek waqt tha.. Jab use fb pe search kara jata tha aur uske na milne pe bada afsos kara jata tha (There was a time when I used to search him on Facebook and not finding him there used to be a big turn off)
Ek waqt tha.. Jab dil sirf usi ko yaad kiya karta tha (There was a time when my heart used to remember him only)
Ek waqt tha.. Jab khwaab bhi usi ke aate the. (There was a time when I used to dream only about him)
Ek waqt tha.. Jab har dua mein uska naam shamil hota tha (There was a time when his name was included in every prayer)
Ek waqt tha.. Jab use Khuda se maanga jata tha (There was a time when I used to ask for him from God)
Ek waqt tha.. Jab vo fb pe mil gya tha mano duniya ki sari khushiyaan hi mil gayi ho (There was a time when I found him on Facebook and felt as if I got all the happiness of this world)
Ek waqt tha.. Mano aisa lag raha tha Rab ne meri sun li ho (There was a time when I felt as if God had answered my prayers)
Ek waqt tha… Jab hum friends ban gaye the (There was a time when we had become friends)
Ek waqt tha.. Jab subah, uski photo dekh ke hoti thi (There was a time when I used to start my morning after looking at his picture)
Ek waqt tha .. Jab uski ek hi photo ko sau sau baar dekha jata tha (There was a time when I used to look at one of his pictures at least hundred times)
Ek waqt tha… Jab do minute baat kar ke bhi din bhar khush raha jata tha (There was a time when I used to feel happy the entire day after talking to him for two minutes)
Ek waqt tha… Jab uske online aane ka ghanto wait kiya jata tha (There was a time when I used to wait for hours for him to come online)
Ek waqt tha.. Jab hum bolte rehte the aur vo sunta rehta tha (There was a time when I used to speak and he used to listen)
Ek waqt tha… Jab ek din bhi uski photo dekhe bina raha nahi jata tha (There was a time when I could not spend even one day without looking at his picture)
Ek waqt tha… Jab sirf dil ki suni jati thi (There was a time when I used to only listen to my heart)
Ek waqt tha.. Jab dil aur dimag mein sirf usi ka raaj hota tha (There was a time when he used to rule my heart and brain)
Ek waqt tha.. Jab uski photo na dekho to din suna suna sa laga karta tha (There was a time when I used to feel lonely if I did not look at his picture)
Ek waqt tha.. Jab hum use apni baaton se bore kiya karte the aur uska reply ha hu hmm mein khatam ho jaya karta tha (There was a rime when I used to bore him with my talks and he used to reply to my chats in yes, yea…)
Ek waqt tha.. Jab hum dono ne pyar ka izhaar kar diya tha (There was a time when we both had confessed our love for each other)
Ek waqt tha.. Jab phone pe ghanto baat hua karti thi (There was a time when we used to talk on phone for hours)
Ek waqt tha.. Jab uska aur mera raasta alag ho gaya tha (There was a time when we both went separate ways)
Aur ek aj ka waqt h.. Jab uske hone ya na hone se koi fark hi padta (And today there is a time when I do not care if he exists or not)
Aur ek aj ka waqt hai. Jab dil mein uske liye ek bhi jagh nahi hai (And today there is a time when there is no place for him in my heart)
Aur ek aj ka waqt hai.. Jab hum phir se ajnabi ho chuke hain (And today there is a time when we both have again become strangers to each other)

-Nainika Sahu (Poet)

Sad Miss You Love Poem-Teri Yaadein

तेरी यादें (कविता का शीर्षक)
उल्फत है तेरी कि ये बाहें तुझे पुकारती हैं
हर रोज़ तेरी चाहत में ये तन्हाई मुझे डराती है
खुदा करे ये मुहब्बत तुझे भी एक बार मिले
ये दर्द जो मुझे मिला है तुझे हर बार मिले
टूटे तारे की चमक भी नहीं छुपा सकते
ये दर्द जो सीने में है तुम्हें भी नहीं बता सकते
सोचा था कि वफ़ा मिले गी वफ़ा के बदले
लेकिन तूने इस दिल में बेबसी भर दी
काश इन रुखों में प्यास भर आये
तेरे दिल में मेरे लिए मिठास भर आये
वरना जी रहे थे हम खुदा बंदी में
और मर जायेंगे तुझे याद करते करते
-उबैद ग़ज़ली (कवि)

Teri Yaadein (Your Memories)

Ulfat hai teri ki yeh bahein tujhe pukaarti hain, (I am dying to take you in my arms)

Har roz teri chahat mein ye tanhai mujhe darati hai, (My loneliness scares me every day when I lovingly remember you)

Khuda kare ye mohabbat tujhe bhi ek baar mile, (I pray to God that you also fall in love once)

Ye dard jo mujhe mila hai tujhe har baar mile, (The pain I got, you get it every time)

Toote tarey ki chamak bhi nahi chupa sakte, (You cannot hide the brightness of a shooting star(comet))

Ye dard jo seene me hai tumhein bhee nahi bata sakte, (Similarly, I cannot explain the pain in my heart)

Socha tha ki wafa mile gi wafa ke badle, (I had thought you will be faithful to me)

Lekin tune is dil mein bebasi bhardi, (But you disappointed me)

Kaash in rukhon mein pyaas bhar aye, (I wish you long for me)

Tere dil mein mere liye mithaas bhar aye, (You have good feelings for me in your heart)

Warna jee rahe the ham Khuda bandi mein, (Else I am living in the name of God)

Aur mar jayenge tujhe yaad karte karte. (And will die while remembering you)

-Ubaid Ghazali (Poet)

Romantic Poem for Her-Agar Mere Bas Mein Hota

अगर मेरे बस में होता (कविता का शीर्षक)
आसमान के सारे चाँद-तारे तोड़ लाता,
दुनिया की सारी सुंदरता,
तुम्हारे बालों में सजा देता,
अगर मेरे बस में होता,
दुनिया के सभी झरनों को ,
मैं “माही” बना देता,
आँखों से बहते आँसू,
और लबों पर मुस्कान झलकते,
दोनों को मैं संगम बना देता,
अगर मेरे बस में होता,
रातों में भी तुम्हारे, ख्बाबों में सोता,
सपनों में तेरी यादों को संजोता,
इन सपनों को मैं शाही बनाता,
अगर मेरे बस में होता,
हम-तुम से तुम्हारा हमसफर बन जाता,
तुमसे बात करने का बहाना मिल जाता,
मिलती तुम तो, किस्मत को खज़ाना मिल जाता,
अगर मेरे बस में होता ।
-अजय राजपूत (झाँसी) (कवि)

Agar Mere Bas Mein Hota (Title of the Poem)
Asmaan ke saare chand-taarey tod lata (I would have plucked all stars from the sky)
Duniya ki saari sundarta (The entire beauty of this world)
Tumhare baalo mein saja deta (I would have decorated your hair with)
Agar mere bas mein hota (If I had the power to do so)
Duniya ke sabhi jharno ko (The entire waterfalls of this world)
Main Mahi bana deta (I would have turned them divine)
Ankho se bahte ansu (The tears shedding from eyes)
Aur labo par muskaan jhalakte (And smile on lips)
Dono ka main sangam bana deta (I would have got them together)
Agar mere bas mein hota (If I had the power to do so)
Raato mein bhi tumhare, khwabo mein sota (I would have slept in your dreams every night)
Sapno mein teri yaado ko sanjota (I would have remembered you in my dreams)
In sapno ko main shahi banata (I would have turned these dreams luxurious)
Agar mere bas mein hota (If I had the power to do so)
Ham-tum se tumhara hamsafar ban jata (I would have become your life partner)
Tumse baat karne ka bahaana mil jata (I would have got the excuse to talk to you)
Milti tum to, kismat ka khazana mil jata (If I had you, my destiny would have won a jackpot)
Agar mere bas mein hota (If I had the power to do so)
-Ajay Rajput (Jhansi) (Poet)

Missing My Love Poem in Hindi-Ap Ki Yaadein

आप की यादें (कविता का शीर्षक)
चाँदनी रात है
एक प्यारी सी बात है
हाथों में चाय का प्याला है
आपके आगमन से जीवन में उजाला है
यही बैठे हुए
चाय की चुस्कियाँ लगाते हैं
जबभी आपका खयाल आता है
मन ही मन मुस्कुराते हैं ।

यूँ तारों का टिम-टिमाना
आपकी आखें याद दिलाता है
चाँद पर नज़र जाए तो
आपका चेहरा नज़र आता है
कुछ तो बात है
इस चाँद की चाँदनी में
आपकी झलक दिखाता है
मेरा दिल भी बहलाता है ।

काश ऐसा होता
ये दूरियाँ ही न होती
इस चाँदनी रात में
मेरे साथ आप होती
हाथों में आपका हाथ होता
जीवन में आपका साथ होता
एक साथ चलते इस जीवन की राह पर
जीना भी साथ होता और
मरना भी साथ होता ।

अभिनव उपाध्याय (कवि)

Aap Ki Yaadein (Title of the Poem)
Chandni raat hai (It is a full moon night)
Ek pyaru si baat hai (I have something lovely to say)
Hatho mein chai ka pyala hai (I have a cup of tea in my hands)
Apke agman se jeevan mein ujala hai (Your arrival has lightened up my life)
Yahi baithe hue (While sitting here)
Chai ki chuskiyan lagate hain (We sip tea)
Jab bhi apka khayal ata hai (Whenever I think about you)
Man hi man muskurate hain (I smile in my heart)

Yu taaro ka timtimana (The twinkling of the stars)
Apki ankhein yad dilata hai (Makes me remember your eyes)
Chand par nazar jaye to (Whenever I look at the moon)
Apka chehra nazar ata hai (I see your face)
Kuch to baat hai (There is something great)
Is chand ki chandni mein (About the moon’s light)
Apki jhalak dikhata hai (It shows your glimpse)
Mera dil bhi behlata hai (It also entertains my heart)

Kash aisa hota (I wish) काश ऐसा होता
Ye duriyan hi na hoti (Our separation did not exist)
Is chandni raat mein (In this full moon night)
Mere sath aap hoti (You would have been by my side)
Hatho mein apka hath hota (Your hand would have been in mine)
Jeevan mein apka sath hota (I had your company in my life)
Ek sath chalte is jeevan ki rah par (We would have walked together on this path of life)
Jeena bhi sath hota aur (We would have lived together and)
Marna bhi sath hota (died together)

-Abhinav Upadhyaya (Poet)

Ecstatic Love Poem in Hindi-Umang Tarang

उमंग-तरंग (शीर्षक)
डूब डूब उतर आओ
आमग्न हो प्यार में
झील की जल परियों
डूब डूब उतर आओ

अंधेरे के आंचल में
हीरे की कणियों सी
आशा की जुगनुओं
खुशियों के बयार में
पंख पंख लहराओ
आमग्न हो प्यार में
डूब डूब उतर आओ

नभ में तेरी काया उजली
उर में यौवन की बिजली
सागर की ललनाओं
दिल के दयार में
बूंद बूंद बरसाओ
आमग्न हो प्यार में
डूब डूब उतर आओ

दृढ़ शाखों के आलिंगन में
गुंथी लताओं सी
अहसासों की सिहरन पर
नाचती तरंगों सी
बींधे चोंच की श्रृंखला में
इत्र की पंखुड़ियो
डगर डगर महकाओ
डूब डूब उतर आओ !
-सौरभ कुमार सिंह (कवि)

Ecstasy

Afloat laid back
On the surging waves
In the ocean of love
‘O’ mermaids of ecstasy
Relish the bliss

In drapes of darkness
Like diamond studs
‘O’ fireflies of hope
Flap your jovial wings
Twinkle the fervency

White body of silk-cotton
Electric swords in bosom
‘O’ clouds of desire
Do rain in drops
Drench the façade of affection

Warm embrace around trellis
Amid tender foliage of caress
Pair of sparrows sharing beaks
‘O’ pistils of blush
Shower the fragrance
Flush the ambiance

-Saurabh Kumar Singh (Poet)