Hindi Love Poem – Veh Pal

‘वह पल’

सालों का इंतज़ार एक पल बनके खड़ा था

चाह तो थी कुछ और लेकिन समय विपरीत ही चल पड़ा था ।।

पल की नज़दीकी क्षणिक और थी

समय का चक्र भी मानो स्थल सा पड़ा था ।।

आते ही उसके मैं समझ से बाहर खड़ा था

मानो किसी बंजर जमीन को पानी का स्पर्श मिला था ।।

चाहता तो था उसे रोकना पर इस भाग-दौड़ भरी जिंदगी में

खुद को साबित करना अभी बाकी बचा था ।।

-सुमित रघुवंशी

How to read:

Vah Pal

Salo ka intzar ek pal banke khada tha

Chah to thi kuch aur lekin samay vipreet hi chal pada tha

Pal ki nazdeeki shanik aur thi

Samay ka chakra bhi mano sthal sa pada tha

Aate hi uske mai samajh se bahar khada tha

Maano kisi banjar zameen ko paani ka sparsh mila tha

Chahta to tha usey rokna par is bhag-daud bhari zindagi mei

Khud ko sabit karna abhi baaki bacha tha.

-Sumit Raghuvanshi

Waiting for Love Hindi Poem: Arzoo

love-1643452_960_720

आरज़ू
शून्य घोर चित्त चंचल में एक दबी है आरज़ू,
तुम्हारी रोज़ की तकरार की आरज़ू,
हमारी भीनी अनदेखी, मुस्कुराहट की आरज़ू,
मेरी भीतर गुज़रती हर कसक की आरज़ू,
तुम रुस्वाई की बात करते हो,
तो समन्दर सी अश्कों से ढलने वाली आरज़ू,
लगता है उधार दी है मैंने तुम्हैं सांसे अपनी,
इन अधूरी सांसो में कटती जिदंगी की आरज़ू,
इतंजार, उम्मीदें और अहसास सब बिखरा सा है,
टूटती निगाहों में लुटती पनाह की आरज़ू,
आखिरी बार जब तुम कहते हो!! ना रहा कुछ,
तो निर्धन सी, यादों की धनी होने की आरज़ू,
अनजान से पहचान का लम्बा सफर गुज़रा,
अब पहचान से अपनेपन की आरज़ू,
तुम जीवन की मांग करते हो,
मेरी तुम संग जीकर मरने की आरज़ू,
ज़माना क्या कहता है!!!!
ना खबर मुझे!! खबरहीन बेसुध,
मेरे इकरार और तुम्हारे इनकार की आरज़ू!!!!!!
डाॅ. अवन्तिका

Hindi Poem on Angry Love-रूठे से वो

inside_out_sadness___disney_pixar-wallpaper-1366x768

वो रूठे हैं इस कदर मनायें कैसे।
जज़्बात अपने दिल के दिखाएँ कैसे।
नर्म एहसासों की सिहरन कह रही है पास आ जाओ।
सिमट जाओ मुझमें और दिल में समां जाओ।
देखो लौट आओ ना रूठो हमसे।
बस रह गया है तुम्हारा इंतज़ार कब से।
इतनी भी क्या तकरार हमसे ।
तेरे इंतज़ार में हो गया है दिल बेकरार कब से।
लड़ना मुझसे झगड़ना मुझसे पर कभी न दूर रहना मुझसे।
एक बार फिर ढलती शाम में बढ़ रहा है खुमार  कब से।
अब तुम्ही मीत हो मेरे दिल की सदायें समझो।
मेरे दिल की ख़ामोशी मेरी वफायें समझो
अब क्या कहूँ अपने दिल की सदायें उनसे।
वो रूठे हैं इस कदर मनायें कैसे।
जज़्बात अपने दिल के दिखाये कैसे।
-गौरव

How to read:

Wo ruthe hain is kadar manayein kaise

Jazbaat apne dil ke dikhayein kaise

Narm ehsaso ki sirhan keh rahi hai pas ajao

Simat jao mujhmein aur dil mein sama jao

Dekho laut aao na rutho hamse

Bas reh gaya hai tumhara Intezar kab se 

Itni bhi kya takraar ham se 

Tere Intezar mein ho gaya hai dil bekarar kab se 

Ladna mujhse jhagadna mujhse par kabhi na dur rehna mujhse 

Ek bar phir dhalti sham mein badh raha hai khumar kab se

Ab tum hi meet ho mere dil ki sadayein samjho

Mere dil ki khamoshi meri wafayein samjho

Ab kya kahu apne dil ki sadayein unse

Wo ruthe hain is kadar manayein kaise

Jazbaat apne dil ke dikhayein kaise

-Gaurav

English Translation:

The extent to which my love is angry with me, how do I wow my love

How do I show emotions of my heart to my love?

The sweet memories of our love ask you to come nearby

Embrace me tight and get absorbed in me

Please come back, do not stay angry with me

I have been waiting for you for so long

Is it such a big feud between us?

My heart is highly impatient while waiting for you

You can fight with me, argue with me, but do not stay away from me

Once again with the evening approaching night, my heart is getting mad for you

You are my only friend, please understand my emotions for you

The extent to which my love is angry with me, how do I wow my love

How do I show emotions of my heart to my love?

 

Hindi Love Shayari for Girlfiend – प्यार

two_lovers-wallpaper-1366x768

उन यादों से तुम कह दो
यूँ रोज ना आया करें
जब पास ना हो हमदम
तब यूँ ना सताया करें
पर वो भी है ज़िद की पक्की
बेवक़्त सताती हैं
जब पास ना हो दिलबर
तब आंसू लाती हैं
शाम सवेरे इस दिल में
बस तू ही समाती है
नैनों में छुप छुप के
सपनो में आती है
कल यारो ने पूछा
क्या रोग लगाया है
मैंने भी हंस के बोला
इश्क़ का जोग लगाया है
तस्वीर तेरी दिलबर
अब सीने में रहती है
साँसे चलती हैँ मेरी
धड़कन तुझ में बसती है
क्या क्या मैं बन जाऊं
इश्क़ का जोग लगाया है
कभी लिखूँ कुछ कविता तुझपे
कभी तस्वीर बनाऊँ
नहीँ जानता रब कैसा है
बस तुझको ही तो जाना
दिलबर तेरी पूजा की
तुझको ख़ुदा है माना
तुझमें ही रब जाना

-गौरव

Hindi Love Poem for Boyfriend, Girlfriend-हम यूं ही रहेंगे

human-1215160__340
वक़्त के दायरो में हम यूं ही पिघल जायेंगे,
दूर ही सही पर हर पल तुम्हें याद आयेंगे,
कभी वक़्त के पन्नों को पलट के आप सोचेंगे
मेरी लिखी हर कविता में खुद को आप पायेंगे,
मिले थे आप जिसे बन के अजनबी,
वही तो हैं हम जो दिल के पास हो जायेंगे,
हम तो हर वक़्त रहेंगे आपके साथ कविता बन के
वक़्त के साथ ना समझना हमें बेवफा,
जब भी बुलाओगे दिल से हमें
आपकी आँखों को छुपाये अपने हाथों से हम ही मुस्कुरायेंगे,
जब भी याद करोगे दिल से हमें
आँखों से आंसू बन के हम छलक जायेंगे
-कविता परमार

Hindi Love Shayari for Girlfriend-जान 

LOV

हँसीनों में हँसीन सब से हँसी हो
ओ मेरी जान तुम मेरे दिल में बसी हो
खोलूँ जब आँखें तुम्हें देखना चाहूँ
जो बंद करूँ आँखें तुम्हें मन में देखूँ
वो मासूम चहरा वो प्यारी बातें
वो मीठी आवाज़ वो हँसी मुलाकातें
वो तुम्हारा पल पल मुझे याद करना
वो मेरा तुम्हें सोच ठंडी आहें भरना
तुम्हें चाहता हूँ
तुम्हें सोचता हूँ
तुम्हें पूजता हूँ
तुम्हें मांगता हूँ
तुम ही तो हो मेरे सपनों की रानी
तुम्हारे बिना फीकी है मेरी ज़िंदगानी
आओ मिलो अब ना करो अब देरी
तुम मेरी थी कल भी और आज भी हो मेरी
-अनुष्का सूरी

Hindi Love Poetry on Dream Girl-कविता से मुलाकात हो गयी

sadas
कविता से मुलाकात हो गयी
तन्हा मेरी ज़िंदगी में ख्वाबों की बरसात हो गयी,
एक दिन था अकेला, कविता से मुलाकात हो गयी,
कुछ वो मुझसे कहने लगी कुछ मैं उसे कहने लगा,
एक अनजाने अपने पहलू से मीठी कुछ बात हो गयी,
वो मेरे शब्दों में घुल गयी कविता बन के ज़िंदगी की कहानी कह गयी
तन्हाई के आलम से बाहर आने लगा अकेलेपन में मेरी हमसफर वो हो गयी,
कल्पना करता हूँ जब भी उसकी खूबसूरती की उसकी गहराई में डूब जाता हूँ,
ज़िंदगी के मेरे हर पल को एक पल में वो जीवन कर गयी,
शब्दों का ना वो जाल है ना कोई मायाजाल,
वो तो बस मेरे दिल का हाल है इतनी बात वो कह गयी,
हर खुशी हर गम को मेरे साथ वो सहती है
कुछ ना कहती है मुझसे हर पल हंसाती रहती है
रूप अनेक बनाती है कभी ग़ज़ल है, 
कभी है कविता, कभी शायरी वो कहलाती,
बस ओढ़ चुनरिया खुशियों की 
वो मेरे दिल को छू के जाती,
रात की गहराई हो या दिन का पहर 
साथ मेरे वो रहती है,
कभी रूठती है मुझसे कभी खेलती है 
मेरे संग मेरी कल्पना में जीती है,
अब ना जीना उसके बिन, 
मेरी सांसों में मेरी रूह में धड़कन बन के वो बस गयी,
तन्हा मेरी ज़िंदगी में ख्वाबों की रात हो गयी,
एक दिन था अकेला कविता से मुलाकात हो गयी
-गौरव

Hindi love poem on long distance love-दूरियाँ 

11
नहीं देखता उनके जिस्म की सुंदरता उनकी रूह में बस जाना चाहता हूँ
करके बेपनाह प्यार उन्हें उनके दिल से चुरा लेना चाहता हूँ
वो कहते हैं दूरियां हैं जिस्मों की हम कहते हैं बेपनाह प्यार है
भले ही दूर हैं तेरे जिस्म से पर तेरे हुस्न की सादगी के बहुत पास हैं
ना समझना ये प्यार है इस जन्म का ये प्यार तो है बरसों के एहसासों का
हर बार जन्म लेते हैं तुझे पाने के लिये पर कभी तुझे ना पा पते हैं
बस रूह मैं बसे रहते हैं तेरे उसी रूह के साथ फ़ना हो जाते हैं
कभी गम ना रहा की तुझे छू ना सके
हम तो फक्र से कहते हैं बिना छूए ही हम हर बार हर जन्म उनकी रूह में बस जाते हैं
-गौरव