Hindi Love Poem For Her – रात होते ही


 

रात होते ही फलक पे सितारे जगमगाते हैं
वो चुपके से दबे पांव मुझसे मिलने आते हैं
याद रहे बस नाम उनका भूल के जमाने को
वो चुनरी को इस तरह मेरे चेहरे पे गिराते हैं
सौ गम और हज़ार ज़ख़्म हो चाहे
दुनिया के हर दर्द भूल जाये
कुछ इस तरह गुदगुदाते हैं
डूब जाये ये कायनात तो हम नाचीज़ क्या हैं
इतनी मोहब्बत वो दामन में भर के लाते हैं
तिश्नगी कम ना होने पाये चाहत की
मुझमे प्यास बढाकर मेरी फिर वो मय बन जाते हैं
सख़्त हिदायत है हमे खुद पे काबू रखने की
रोक के हमको मगर वो खुद ही बहक जाते हैं
बयां करने को दास्तान-ए-इश्क़ लब्ज़ ना मिलें वो
यूँ हक़ मुझपे जताते हैं कि ‘मौन’ कर जाते हैं

-अमित मिश्रा

Raat hote hi falak pe sitare jagmgate hain
Wo chupke se dabe paaw mujse milne aate hain
Yaad rhe bus naam unka bhul ke jamane ko
Wo chunri ko es tarh mere chehre pe girate hain
So gum aur hzar jkham ho chahe
Duniya k har dard bhul jaye
Kuch es trah gudgudate hain
Dub jaye ye kaynaat to hum nachiz kya hain
Etni mhobbat wo daman mein bhar ke late hain
Tisngi kam na hone paye chahhat ki
Mujme pyas bdakar meri fir wo may ban jate hain
Skhat hidayat hai hme khud pe kabu rkhne ki
Rok k hamko magar wo khud hi bahk jate hain
Byan krne ko dastaan a ishq labz na mile wo
Yoon haq mujpe jatate hai ki moon kar jate hain

-Amit Mishra

Hindi Love Poem – जीना सीख लिया


हार कर सब कुछ जीने का जज़्बा सीख लिया,
हारना तो मौत से है,मैंने जिंदगी जीना सीख लिया।

कई बाज़ी हारा हूँ, अभी कई बाज़ी जीतूंगा भी,
सहना अब जिंदगी का हर वार सीख लिया।

दुःखों का क्या है आनी-जानी चीज है,
सफर में धूप है तो छाँव ढूंढना सीख लिया।

खो कर रास्ते बार-बार, नई मंज़िल पर निकल लेता हूँ,
पल-दो-पल की ख़ुशी को पूरी जिंदगी बनाना सीख लिया।

खुशियों से ज्यादा तो गम मिल जाते है अक्सर,
वक्त बुरा है या हम ये समझाना सीख लिया।

कवि “राज़” यूँ तो भरी है ज़िंदगी जख्मों से,
भूल कर सब कुछ वक्त को मरहम बनाना सीख लिया।

राज़ सोरखी “दीवाना कवि”

Haar kar sab kuch jine ka jazba sikh liya
Harna to maut se haimene zindgi jeena sikh liya

Kai baji hara hoon abhi kai baji jituga bhi
Sehna ab zindgi ka har var sikh liya

Dukho ka kya hai anjani chiz hai
Safar me dhoop hai to chhav dhundna sikh liya

Kho kar raste bar bar nayi manjil par nikal leta hoon
Pal do pal ki khushi ko puri zindgi bnana sikh liya hai

Khushiyon se jyada to gum mil jatein hai aksr
Vakat bura hai ya hum ye smjhna sikh liya hai

Kavi “raj” yoon to bhri hai zindgi jakhmo se
Bhul kar sab kuch waqt ko marhum bnana sikh liya

~Raj sorkhi”diwana kavi”

Miss You Love Poem – तेरी यादें


one_heart-wallpaper-1366x768

सजना तेरी यादें आज भी साथ हैं मेरे…
बस दुख इस बात का है की खाली हाथ हैं मेरे…
बहुत हुए दिन हमें बिछड़े हुए…
अब तो वापिस आजा ऐ साजन मेरे…
रो रो कर अब तो आँखों का पानी भी सूख गया हैं…
लगता है अब तो मेरा मौला भी मुझसे रूठ गया हैं…
याद तेरी में तड़प तड़प अब बीतें रातें…
आजा “सपना” सपने में ही कर ले मुलाकातें…
बहुत हुई दूरी अब तो मिल जा आ कर…
आँखें भी अब नम नहीं होती सूख गयीं हैं वो भी आंसू बहा बहा कर…
दर्द जुदाई का अब मुझसे सहा ना जाए…
तू भी आजा अब तो पंछी भी घर को लौट हैं आए…
यादें तेरी आज भी हैं मेरे सीने में…
पर मज़ा नहीं है कुछ भी बिना तेरे जीने में…

-अनूप भंडारी

Sajna teri yaadein aaj bhi sath hai mere
Bas dukh es bat ka hai ki khali hath hai mere
Bhut hue din hame bichde hue
Ab to bapas aaja a sajan mere
Ro ro kar ab to aankhon ka pani bhi sukh gya
Lgta hai ab to mera maulla bhi mujse ruth gya
Yaad teri me tadap tadap bite ratein
Aja “sapna” sapne me hi kr le mulakatein
Bhut hue duri ab to mil ja aa kar
Aankhein bhi ab nam ni hoti sukh gai hai wo aasu bha bha kar
Dard judai ka abmujse sha na jaye
Tu bhi aaja ab to panchi bhi ghr laut hai aaye
Yaade teri aaj bhi hai mere sine mein
Par mza nai hai kuch bhi bin tere jine mein

-Anoop Bhandari

Hindi Poem For Girlfriend-पता नहीं


aa.png

 

पता नहीं किसकी दुनिया में खो गया हूँ
प्यार की किस्ती में बैठ, साहिल की खोज में सो  गया हूँ
ऐसी क्या कमी है मुझमे जिसे देख कोई प्यार करने से डरता है
उन्हें कोई ये समझाओ , “नादानी है ये उसकी जो ये हद से ज्यादा प्यार करता है ।  “
थक गया हूँ  प्यार की तलाश में
ज़िंदगी से रुठ  गया हूँ,  महोब्बत की खराश में
कही ऐसे न हो प्यार से मेरा भरोसा उठ जाये
चलते चलते , मेरे हाथों नसीब का  गला  न घूट  जाये
ऐ  प्यार तुझे रब दा वास्ता कभी मेरी भी फ़िक्र कर लिया कर
जिससे मोहब्बत करू ,उसके दिल से जा कर  मेरी थोड़ी ज़िकर भी कर लिया कर
हर पल धीरे धीरे मरने से अच्छा  मुझे  एक पल में साफ कर  देना
उसके बाद हो सके तो , इस बदनसीब दिल को दिल से माफ़ कर देना

 

– निखल कुमार पटवारी

Hindi Poem For Angry Girlfriend- छल मत कर


hindi poem for angry girlfriend.jpg

छल मत कर छल मत कर
छल मत कर सब जान कर तू
बनी,बनाई बात तू बिगाड़ मत तू
रोता है मन मेरा ये जान कर कि
अच्छी-खासी रिश्ते को बिगाड़ा है अभी
था मैं अकेला जब तू थी नही
तूने ही धड़काया दिल जब तू थी मिली
है कोई बात तो कह दे ना साफ
दूर कर गिले शिकवे और कर दे ना माफ़
तेरे आँखों से मुझे लगता है यही
करती है तू प्यार मुझे उतना ही अभी
इतना गुस्सा ठीक नही मान भी जाओ प्यारी
तेरे गुस्से से मैं मर जाऊ वारी वारी
जो भी बात थी तुझे कहना था मुझसे
नही डालती तू रंग में भंग और न होता मैं दंग तुझसे
करता हूँ मैं प्यार तुझे सागर से भी गहरा
उठता है दिल में मेरे बवंडर,लहरो का घेरा
सारी गलती खुद ही माना, अब क्या करु बोल
तेरी गलती माफ़ किया, अब तो कुछ तो बोल
मान भी जाओ रानी अब मत कर ज्यादा देर
नही तो भूल जाऊंगा जल्द ही देर सवेर
मत रख तू मौन व्रत और बन पहले जैसी
रख मुख पर मुस्कान और बन फिर से वैसी
अब ज्यादा न कर देर तू फिर से
नही तो रूठ जाऊंगा मैं तुझसे
है तू भोली,नादान और मासूम अभी भी
चेहरे पर दिखता है तेरा प्यार अभी भी
नही आता है तुझे कहना तो कोई बात नही
मत कर प्यार मुझसे पर कर बात ही सही
डर लगता है मुझे तेरे समक्ष कहना
कि रूठ न तू मुझसे नही तो हो जायेगा दूवर जीना
बस कर यार अब कर भी ले बात
समकक्षी हूँ तेरा नही तो तड़पूंगा प्रत्येक वार
चल जीत गयी तू,मान ली मैंने हार
बस कर अब बस कर अब कर भी ले मुझसे बात

विशेष मित्र के लिए समर्पित
ये कविता उन युवक युवतियों के लिए है जो किसी रिश्ते में बन्धने के बाद किसी कारण और गलत फ़हमी से अलग हो जाते है ! ये कविता उनके रिश्ते को सुधारने और उन्हें जोड़ने के लिए प्रोत्साहित करने का काम अवश्य करेगी। कृपया कविता का मर्म समझने की कोशिश करे और खुद गलती मान कर अपने रिश्ते की डोर में गांठ न आने दे

-सारांश सागर

Hindi Love Poem for Friend-दोस्ती


friendship_9-wallpaper-1366x768

लोग कहते हैं कि दोस्ती का रिश्ता
सबसे खूबसूरत होता है
अगर दोस्ती ही बेवफा हो जाये
तो कौन सा रिश्ता इससे बदसूरत हुआ
दोस्ती तो दो दिलों की जान होती है
एक दोस्त अगर बिछड़ जाये
तो ज़िन्दगी वीरान होती है
दोस्ती दो दिलों को जोड़ती है
वो दुःख का असर तोड़ती है
दोस्तों प्यार तो खोकर फिर भी मिल जायेगा
लेकिन खोया दोस्त दोबारा न मिल पायेगा
हमेशा बांध कर रखना दोस्ती प्रेम की डोर से
क्योंकि दोस्ती का रिश्ता सबसे अनमोल है
तन्हाई में दोस्त ही काम आता है
ख़ुशी में भी दोस्ती के साथ हाथों में जाम आता है
दोस्त को कभी न खोना तुम
दोस्त को दिल में बसाना तुम
-संगीता श्रीवास्तव