Hindi Love Poem – एक मीठा एहसास

11

प्यार का पता नहीं की वो क्या होता है। पर जब हम मिलते हैं
एक अजनबी से तो सब कुछ बदल जाता है।
उसकी छोटी छोटी बाते बहुत हँसाती हैं।
और दिल है की एक खुद की ही दुनिया बसा लेता है।
शायद किसी अजनबी का साथ जो दिल को अच्छा लगने लगे वही प्यार होता है।
चलिये  प्यार के कुछ ऐसे ही रंग तलाशते हैं
एक नये प्यार की सुगबुगाहट हुई, दिल से दिल की कुछ बात हुई,
कशमकश में था ये दिल मेरा की कैसे ये दिल की हालत हुई,
सोचती रही रात भर तुमको,और सुबह की भी आहट हुई,
हिम्मत करके दिल ने मुझे संभाला,
और घबराते हुए बातो की शुरुआत हुई,
मैँ थी घबराई पर देखा जब पहली बार तुमको,
दिल में पुरानी सी जान पहचान सी निकल आई,
दिल बस तुमको ही सुने लगा।हर वक़्त तुमको ही जीने लगा,
कैसे ये दिल वगावत कर बैठा जो तुमसे मिलने चली आई,
होके मजबूर दिल से बस आके तुझमे समाई,
तुम्हारी हर बात अच्छी लगती है शहद सी घुली लगती है,
जो हुआ न था आज तक क्या वो मुझको हो गया,
ए मेरे अजनबी हमसफ़र क्या तुमसे प्यार हो गया,
अब तो तेरा जिक्र आते ही हया का एहसास होता है,
घूंघट में शर्म के छुपके दिल का हाल बेहाल होता है,
दोस्तों की बातों में भी वो हँसी नहीं  आती,
पर जिक्र आते ही तेरा हँसी मुझमें कहीं बस सी जाती है,
जो नाम था अजनवी आज वो अपना हो गया,
कोरे कागज पे हाँथो से लिख देती हूँ,
हथेली को मेहबूब की मेहंदी में घोल देती हूँ,
कैसा ये हाल बेहाल हो गया शायद  उस अजनबी से प्यार हो गया,
अब तो हर वक़्त तेरा ही ख्याल रहता है,
शाम से ही ढली रात का इंतज़ार रहता है,
उन्ही के ख्याल पर दिल हैरान रहता है,
बस देख लूँ एक बार फिर उनको यही दिल बार बार कहता है,
हाल ये मेरा कैसा हो गया है,शायद उस अजनबी से प्यार हो गया है,
एक पल में कोई अपना बना गया,
जो मेरा था दिल का चैन वो चुपके से ही चुरा गया,
एक बार कहा उसने आँखे तुम्हारी खूबसूरत हैं,
होंठ  भी बेमिसाल हैं, सादगी के रंगो से सजी हो तुम,
इतना तो मैं भी नही जानती थी खुद को जितना वो मुझको बता गया,
मुझमे समाके खुद से बेगाना बना गया,
शायद यही तो प्यार है की एक अजनबी कैसे अपना हो जाता है,
उसकी छोटी छोटी बातों पे भी प्यार नजर आता है,
करेला था जो कडुवा कभी वही शहद सा मीठा हो जाता है,
होता है जो अजनबी बरसों से दूजे पल वही दिल में समाता है,
उसी अजनबी से प्यार हो जाता है।
-गौरव

Missing Him Hindi Love Poem – तुमको चाहती थी

romantic_couple_sunset-wallpaper-1366x768

जिसे इन अठारह सालों में नहीं किया
उस काम को आज करने की तमन्ना थी
जिस इज़हार से डर लगता है
उसे आज करना चाहती थी
ज़िन्दगी देने वाला कोई और है ये जानती हूँ
पर तुम्हारे साथ चंद खूबसूरत लम्हे जीना चाहती थी
जो प्यार आज तक किसी को नहीं  दिया
वो कल तुम को देना चाहती थी
प्यार तो बहुत दिया दुनिया वालों ने
पर उस में वो एहसास कहाँ
तुम्हारे प्यार को महसूस करना चाहती थी
जिन लम्हों को सिर्फ सोचती आई हूँ
उनको हकीकत बनाना चाहती थी
ये जानते हुए भी कि तू मेरा नहीं हो सकता
एक बार तुम्हारे दिल को चुना चाहती थी
ज़िन्दगी भर का साथ मिले या न मिले
कुछ पल तो तेरे साथ जीना चाहती थी
कल की मेरी ये ख्वाहिश आज अधूरी रह गयी
फिर भी खुद से अहकृ बार कुछ मांगना हो
तो उसे नहीं उसकी खुशियां मांगती हूँ
आज तू मेरी किस्मत में नहीं
पर तेरी खुशियों में खुश होना शायद नसीब हो

  • यह कविता मेरे प्यार को समर्पित है  (लता कुशवाह)

Hindi Shayari for First Love – रोज़  सनम दिख जाता

lovely_day-wallpaper-1366x768

दिल की धड़कन बढ़ जाती है
जब सामने वो आ जाती है
दूर दूर होकर भी
वो मेरा चैन चुराती है
धीरे धीरे कदम बढ़ा
वो पास मेरे जब आती है
साँसे होती तेज़ मेरी
नजरें चंचल हो जाती हैं
क्या कहूँ मेरा क्या हाल हुआ
दिल का हाल बेहाल हुआ
अब कहूँ मुझे क्या जोग लगा
या प्यार का कोई रोग लगा
अब दिन का ना कोई खयाल है
रातों का भी ये हाल है
दिल कहता है मेरा
बस सामने वो आ जाये
नजरें फिर से मिल जाये
जो चैन गया था मेरा
वो चैन मुझे मिल जाये
इस बार कहा है दिल ने
हाल दिल का उसे बतलाऊँ
कि हो गया है इश्क़ तुमसे
उसको भी जताऊं
पर सोच मेरा दिल घबराये कि
ना हो जाये नाराज कहीं तू
इसलिए तुझसे छुपाता
जो है छुप छुप के बस प्यार मेरा
दिल में ही रह जाता
पर इतना तो है शुक्र खुदा का
कि रोज़ सनम दिख जाता
रोज़  सनम दिख जाता

-गौरव

Hindi Love Poetry on Dream Girl-कविता से मुलाकात हो गयी

sadas
कविता से मुलाकात हो गयी
तन्हा मेरी ज़िंदगी में ख्वाबों की बरसात हो गयी,
एक दिन था अकेला, कविता से मुलाकात हो गयी,
कुछ वो मुझसे कहने लगी कुछ मैं उसे कहने लगा,
एक अनजाने अपने पहलू से मीठी कुछ बात हो गयी,
वो मेरे शब्दों में घुल गयी कविता बन के ज़िंदगी की कहानी कह गयी
तन्हाई के आलम से बाहर आने लगा अकेलेपन में मेरी हमसफर वो हो गयी,
कल्पना करता हूँ जब भी उसकी खूबसूरती की उसकी गहराई में डूब जाता हूँ,
ज़िंदगी के मेरे हर पल को एक पल में वो जीवन कर गयी,
शब्दों का ना वो जाल है ना कोई मायाजाल,
वो तो बस मेरे दिल का हाल है इतनी बात वो कह गयी,
हर खुशी हर गम को मेरे साथ वो सहती है
कुछ ना कहती है मुझसे हर पल हंसाती रहती है
रूप अनेक बनाती है कभी ग़ज़ल है, 
कभी है कविता, कभी शायरी वो कहलाती,
बस ओढ़ चुनरिया खुशियों की 
वो मेरे दिल को छू के जाती,
रात की गहराई हो या दिन का पहर 
साथ मेरे वो रहती है,
कभी रूठती है मुझसे कभी खेलती है 
मेरे संग मेरी कल्पना में जीती है,
अब ना जीना उसके बिन, 
मेरी सांसों में मेरी रूह में धड़कन बन के वो बस गयी,
तन्हा मेरी ज़िंदगी में ख्वाबों की रात हो गयी,
एक दिन था अकेला कविता से मुलाकात हो गयी
-गौरव

Hindi Love Poem Shayari for Her-कविता सा कोई अपना

heart-462873_960_720
अंजानी सी है वो,
कोई हकीकत या कोई सपना,
है प्यारी सी ग़ज़ल वो,
या कविता सा कोई अपना,
गीत है दिलों का,
या चांदनी से सजी कोई रात,
वो मुस्कुराहट है चहरे की
या भीगी हुई बारिश का साथ,
प्यार से सजा कोई गीत है
या दो दिलों के मिलने का अंदाज़,
रंग है वो खुशियों का
या सुरों से सजा कोई साज़,
संगेमरमर सी है काया जिसकी
है बेपनाह खूबसूरती से सजा ताज,
तस्वीर है किसी कलाकर की
या कल्पना का कोई ख्वाब,
आँखें हैं गहरी झील सी
या ठहरे हुए जज़्बात,
ज़ुल्फ़ों में सजे हैं सितारे हज़ार
या जादू चला है हुस्न का बेशुमार
अंजानी सी है वो
या कविता जैसा खूबसूरत एहसास कोई अपना.
-गौरव

Hindi Love Poem-मुस्कुराने की वजह

मुस्कुराने की वजह तेरी आँखों में तलाश करते हैं
ए अजनबी हम तुम्हें कितना प्यार करते हैं
देखा नहीं तुझे कभी पर खाबों के रंगों से तेरी तस्वीर बनाया करते हैं,
तेरी प्यार भरी खूबसूरत तस्वीर को खाबों में ही सही हकीकत बनाया करते हैं,
मुस्कुराने की वजह तेरी आँखों में तलाश करते हैं,
ए अजनबी जब भी चलें कभी ज़िंदगी की हर राह पे तेरा इंतज़ार करते हैं
देखी कभी ना कोई राह, ना कभी चले प्यार की राहों पे तेरे बिना,
जो प्यार से थाम ले मेरा हाथ किसी राह पे उस अजनबी के आने का इंतज़ार करते हैं,
मुस्कुराने की वजह तेरी आँखों में तलाश करते हैं,
ए अजनबी जब थामता है तू मेरा हाथ धड़कन को थामा करता है
लगता है प्यार से मेरे गले रूह तक उतर जाया करता है
भूल जाता हूँ खुद को, तेरे प्यार में खो जाता हूँ
देखता रहता हूँ बस तेरी आँखों में
मुस्कुराने की वजह तेरी आँखों में तलाश करता हूँ
-गौरव