Sad Hindi Love Poem- दूसरों की बातों में


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दूसरों की बातों में लोग यूँही खो गए 
हमने शुरू किया बताना 
तो किस्से गलत हो गये 
हमारी तो किसी को जरुरत नहीं 
हमपे बात आयी तो सब खत्म  हो गये 
उन्होंने तो हमे कभी  याद भी न किया 
हमारे पास उनके सारे किस्से जतन हो गये 
हम जगाते रहे उनको सोचते सोचते 
और वो बेवफा हमे भुला के चैन से सो गये 
-गणेश मघर 

 

Dusro ki baaton me log yuhi kho gaye
Humne shuru kiya batana 
To kisse galat ho gaye
Humari to kisi ko jarurat nahi
Humpe baat aaye to sab khatam ho gaye
Unhone to kabhi hume yaad bhi na kiya
Humare pass unke sare kisse jatan ho gaye
Hum jagate rahe unko sochate sochate
Our wo bewafa hume bhula ke chain se so gaye
-Ganesh Magar

Hindi Love Poem – काँटे क़िस्मत में हो


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काँटे क़िस्मत में हो
तो बहारें आये कैसे
जो नहीं बस में हो
उसकी चाहत घटाये कैसे

सूरज जो चढ़ता है
करते है उसको सब सलाम
ढूबते सूरज को भला
ख़िदमत हम दिलायें कैसे

वो तो नादान है
समंद्र को समझते है तालाब
कितनी गहराई है
साहिल से बताये कैसे

दिल की बातें है
दिल वाले समझते है जनाब
जिसका दिल पत्थर का हो
उसको पिघलाये कैसे

काँटे क़िस्मत में हो
तो बहारें आये कैसे
जो नहीं बस में हो
उसकी चाहत घटाये कैसे

-अनुष्का सूरी

Kante kismat mein ho
To baharein aye kaise
Jo nahi bas mein ho
Uski chahat ghataye kais

Suraj jo chadha hai
Karte hai usko sab salaam
Dubte suraj ko bhala
Khidmat ham dilaye kaise 

Wo to nadaan hai
Samandar ko samajhte hai talaab
Kitni gehrayi hai
Sahil se batayei kaise 

Dil ki batein hai
Dil wale samajhte hai janab
Jiska dil pathar ka ho
Usko pighlayein kaise

Kante kismat mein ho
To baharein aye kaise
Jo nahi bas mein ho
Uski chahat ghataye kaise

-Anushka Suri