Fire of Love-इश्क़ की अगन

ये इश्क़ की अगन लगे तो मोरा तन मन ही जल जाये,love fire
जो तेरी लगन लगे तो मेरी सुधबुध ही खो जाये,
वो देश गया था पराए जो मुझको दिल से भुलाये,
फिर यादों ने जब जकडा वो दिल से मुझको बुलाये,
ये इश्क़ की अगन लगे तो मोरा तन मन ही जल जाये,
सांझ लगी कांटों सी, हवा भी दर्द को लाये,
जब बातें करती हैं रातें, सपनों में तू ही आये,
आँखों में आंसु रहते हैं जब नज़रों में तू छाये,
ये इश्क़ की अगन लगे तो मोरा तन मन ही जल जाये,
इस दिल का कतरा कतरा कहता तेरा पयार है मुझको पाना,
ना पाऊँ तुझे तो मर जाऊँ सांसो को अब ना रहना,
बिन तेरे क्या है जीना, जीना मुझको ना जीना,
ये इश्क़ की अगन लगे तो मोरा तन मन ही जल जाये,
जो तेरी लगन लगे तो मेरी सुधबुध ही खो जाये|
-गौरव

4 thoughts on “Fire of Love-इश्क़ की अगन

  1. Hi Gaurav..i m Swapnil Rankhambe
    Muze apki ye kavita badi hi acchi lagi..Mera khudka Music band hai uske liye main ek acchi kavita ki khoj me tha..kya apki es kavita ko main apne band me pesh karu? ye apse puchna tha..agar aap chahoto khushi hogi..

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