Hindi Love Poem on Relationships-Ek Pehal Rishtey Ki Ore

एक पहल रिश्ते की ओर (कविता का शीर्षक )
सुनो… सुनो न!
कुछ तुम बदलो, कुछ हम बदलें
और बदलके इस रिश्ते को ढेर सारा प्यार देते हैं !
चलो न, वक़्त रहते इस रिश्ते को सवार लेते हैं!
जो गलतियां तुमने की हैं, जो गलतियां मैंने की हैं!
साथ बैठके आज उन्हें सुधार लेते हैं
चलो न, वक़्त रहते इस रिश्ते को सवार लेते हैं
प्यार तुमको भी है, प्यार हमको भी है
आओ इस बात को मन से स्वीकार लेते हैं!
चलो न, वक़्त रहते इस रिश्ते को सवार लेते हैं
थोड़ा तुम मुझे समझ लो, थोड़ा मैं तुम्हें समझ लूँ!
और कारण इस तकरार का जान लेते हैं!
चलो न, वक़्त रहते इस रिश्ते को सवार लेते हैं
यूं तो तुम भी कुछ वायदे करते हो, और मैं भी करती हूँ!
आओ वायदे का दिल से ऐतबार करते हैं
चलो न वक़्त रहते इस रिश्ते को सवार लेते हैं
प्लीज़ चलो न
वक़्त रहते इस रिश्ते को सवार लेते हैं
आरती सैनी (कवयित्री)

English Translation:

Ek Pahal Rishtey Ki Ore (One step towards our relationship) (Title of the Poem)
Suno…. Suno na! (Listen, listen please)
Kuch tum badlo, kuch hum badle.. (Bring some change within you, I change too)
Aur badalke is rishte ko dher sara pyar dete hain… ! (And let us nurture our relationship with lots of love)
Chalo na, waqt rehte iss rishtey ko sawaar lete hain!(Come, let us strengthen our relationship while there is time)
Jo galtiya tumne ki hain, jo galtiya maine ki hain! (The mistakes you have made, the ones I have made)
Sath baithke aaj unhe sudhar lete hain.. (Let us correct them together today)
Chalo na, waqt rehte iss rishtey ko sawaar lete hain.. (Come, let us strengthen our relationship while there is time)
Pyar tumko bhi hai, pyar humko bhi hai ! (You love me, I love you too)
Aao iss baat ko mann se sweekar lete hain! (Come, let us confess this fact from our heart)
Chalo na waqt rehte Iss rishte ko sawaar lete hain.. (Come, let us strengthen our relationship while there is time)
Thoda tum mujhe samajh lo, thoda main tumhe samjh lu! (You understand me a little, I understand you a little)
Aur kaaran is takraar ka jaan lete hain! (And let is find out the reason for our conflict)
Chalo na, waqt rehte iss rishtey ko sawaar lete hain.. (Come, let us strengthen our relationship while there is time)
Yun to tum bhi kuch vaayede krte ho, or main bhi krti hu! (You make some promises to me, and I make some to you)
Aao aaj us wayede ka dil se aitbar krte hain.. (Come, let us trust each other’s promise today)
Chalo na waqt rehte iss rishtey ko sawaar hain…. (Come, let us strengthen our relationship while there is time)
Please chalo na…… (Please, come along)
Waqt rehte iss rishtey ko sawaar lete hain!! (Let us strengthen our relationship while there is time)
Arti Saini (Poetess)

Hindi Love Poem for Him-Ishq

इश्क़

ज़िक्र तेरा मेरी बातों में होने लगा है
तेरा हर ख्वाब आँखों में रहने लगा है
सोचते हैं हर पल बस अब तेरे ही बारे में
कैसे कहूँ मुझे इश्क़ अब तुझसे होने लगा है
जब देखे वो मुझे आँखें भी मानो शर्मा सी जाती हैं
मेरी हर अदा पर उसका जैसे पहरा सा रहने लगा है
देखूं जब भी आईना मैं अक्स उसका मुझमें दिखने लगा है
रहती हूँ हर वक़्त बस उसके ही ख्यालों में और दिल भी अजब सा धड़कने लगा है
-निशि

English Translations for International Audience:

Ishq (Love)

Zikr tera meri baaton me hone laga hai, (You have started coming up as a reference in my conversations)
Tera har khwaab aankhon me rehne laga hai, (Your every dream stays in my eyes)
Sochte hain har pal bas ab tere hi baare mein, (I keep thinking only about you every moment)
Kaise kahun mujhe Ishq ab tujhse hone laga hai, (How do I say that I have started falling in love with you)
Jab dekhe voh mujhe aankhein bhi mano sharma si jati hain, (Whenever he looks at me, even my eyes blush)
Meri har adaa pr uska jaise pehra sa rehne laga hai, (He keeps an eye on my every activity)
Dekhun jab bhi aaina main aks uska mujhme dikhne laga hai, (Whenever I look at the mirror, I see him in me)
Rehti hoon har waqt bs uske hi khayalon me aur dil bhi ajab sa dhadakna laga hai.. (I am engrossed only in his thoughts and my heart is also beating in an irregular manner)

-Nishi (Poet)

Hindi Love Poem on Midnight Romantic Thoughts-Raat Ki Khumari

रात की खुमारी 

मूक अँधेरी रात में
किसने छेड़ी बांसुरी की विरह तान 
कसमसाती हैं कलियाँ 
सनसनाते हैं कुछ गुमसुम अरमान 
बहती चपल बयार 
दिल का दुखड़ा कोई गुनगुनाती है 
साजन की याद में 
तड़पती विरहन कोई कुनमुनाती है 
चाँद है बरसाता 
नभमंडल से स्वेत अनुरागी कण 
धरा चूमती जिनको 
रसीले अधरों से हर-पल हर-क्षण
अप्सरा करती श्रृंगार 
थामकर हाथों में अलौकिक दर्पण 
झिलमिल तारे झूमकर 
करते शुभ बेला में यौवन अर्पण 
पारदर्शी हिम शिखर
आईनेदार दरख्तों पर खड़ी है
सफ़ेद आँचल तले 
उजली हिरे मोतियों से जड़ी है
मौन अमलतास की 
कोमल पत्तियाँ देखो चुलबुलाती हैं 
ओस की रेशमी बूंदें 
चांदनी की फुहार में कुलबुलाती हैं
भोर अभी आना मत 
मनभावन चांदनी अभी कुँवारी है
जवां है इक मधुशाला
बावली रात की अजीब खुमारी है 

-किशन नेगी ‘एकांत’

Hindi Poems on Love – वो पगली सी दीवानी सी

वो पगली सी दीवानी सी, सपनों में मेरे आती है,
आहट उसकी, जैसे दिल में हलचल सी कर जाती है,
झुकी नजर उसकी, जैसे मुझको पागल कर जाती है,
वो पगली सी दीवानी सी, सपनों में मेरे आती है। आइना है
उसकी नज़रें, जो सबकुछ बतलाती है, वो है पागल,
जो दिल को झुटा बतलाती है, लगती है प्यारी,
जब खुद ही वो शर्माती है,
वो पगली सी दीवानी सी, सपनों में मेरे आती है। कहता है
जमाना कि, वो तो पागल है, वे-वजह, जब-जब वो मुस्कुराती है,
जमाने को क्या पता, कि वो मुझसे क्यों शर्माती है,
वो पगली सी दीवानी सी, सपनों में मेरे आती है।
जब आँखें मेरी मदहोश चेहरे से उसके, मिलकर आती हैं,
काश वो समझ पाती कि, कितना मुझको वो तड़पती हैं,
खो गया गया हूँ मुझसे मै, न नींद मुझको अब आती है,
वो पगली सी दीवानी सी, सपनों में मेरे आती है।….

– अतुल कुमार

Wo pagli si diwani si, sapno me mere aati hai,
Aahat uski, jaise dil me hulchul si kar jati hai,
jhuki nazar uski, jaise mujhko pagal kar jati hai,
Wo pagli si diwani si, sapno me mere aati hai. Aaina hai
Uski nazrein, jo sabkuchh batlati hai, wo hai pagal,
jo dil ko jhuta batlati hai, lagti hai pyari,
jab khud hi wo sharmati hai,
Wo pagli si diwani si, sapno me mere aati hai. Kehta hai
jamana ki, wo pagal hai, Be-wajah, jab-jab wo mushkurati hai,
jamane ko kya pta, ki wo mujhse kyun sharmati hai,
Wo pagli si diwani si, sapno me mere aati hai.
Jab aankhein meri madhosh chehre se uske, milkar aati hai,
Kash wo samajh pati ki, kitna wo mujhko tadpati hai,
Kho gya hu mujhse me, na neend mujhko ab aati hai,
Wo pagli si diwani si, sapno me mere aati hai.

– Atul Kumar

Hindi Love Poem for Him, Her-दिल की चाहत

दिल की चाहत
कल भी तुम थे
आज भी तुम हो

मेरी ज़रूरत
कल भी तुम थे
आज भी तुम हो

तुमने तो मुझे कबका
भुला दिया
मेरी आदत
कल भी तुम थे
आज भी तुम हो

तुमने न जाना कितना
तुमको प्यार किया
मेरी इबादत
कल भी तुम थे
आज भी तुम हो

बेखबर बनते हो
खबर हो के भी
मेरी किस्मत
कल भी तुम थे
आज भी तुम हो

-अनुष्का सूरी

 

How to read:

Dil ki chahat 

Kal bhi tum the

Aj bhi tum ho

 

Meri zarurat

Kal bhi tum the

Aj bhi tum ho

 

Tumne to mujhe kabka 

Bhula diya

Meri adat

Kal bhi tum the

Aj bhi tum ho

 

Tumne na jana

Kitna tumko pyar kiya

Meri ibadat

Kal bhi tum the

Aj bhi tum ho

 

Bekhabar bante ho

Khabar ho ke bhi

Meri kismat

Kal bhi tum the

Aj bhi tum ho

-Anushka Suri

 

English Translation:

You were my heart’s desire yesterday,

and today as well

 

You were my need yesterday,

and today as well

It has been a long time since you have forgotten me.

You were my habit yesterday,

and today as well.

 

You never had any clue

How much I loved you

You were my prayer yesterday,

and today as well.

 

You act unaware even after knowing it all.

You were my destiny yesterday,

and today as well.

 

 

Missing You Hindi Love Poem-रातों के सन्नाटे में

रातों के सन्नाटे में heart_shaped_romance-wallpaper-800x600
दिन के उजाले में
कभी महफ़िल में
कभी वीराने में
तू नहीं मिलता
तो तेरा ख्याल ही सही
दिल ये आशिक़ मेरा
तेरा दीदार मांगता है
तू न मिल सका
आज तेरा नाम ही सही
तेरी याद में यूं तो रोज़ बहाते हैं पानी
आज तेरी याद में एक जाम ही सही
सोचा था कभी तुझसे मुलाकात न होगी
पर आज तुझे देखा तो देखता रह गया |

-अनुष्का सूरी

Hindi Love Poem for Him-रंग खिलता जाये

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मेरा रंग हुस्न का खिलता जाये,
तू ही मेरे दिल को भाये,
मुझ पे चढ़ी जवानी योवन छाये,
मैं हुई बावरी तेरी,
मैं हुई दीवानी तेरी,
ख़यालों में तेरे जब भी डूबूं,
तेरी ही बाहों में झूमूँ,
तितली के मैं साथ चलूँ,
और दिल में तेरे रहलूँ,
ये प्यार कैसे रंग सजाये,
मेरा रंग हुस्न का खिलता जाये,
तस्वीर तेरी मैं रोज़ बनाऊँ,
प्यार के रंगों से उसे सजाऊँ,
मैं गुस्सा होके उससे रूठूँ,
उससे ही मैं तो कह दूँ,
कैसे कैसे रोग लगाये,
ये प्यार कैसे रंग सजाये,
मेरा रंग हुस्न का खिलता जाये,
तू ही मेरे दिल को भाये.
-ट्रू लव

Fire of Love-इश्क़ की अगन

ये इश्क़ की अगन लगे तो मोरा तन मन ही जल जाये,love fire
जो तेरी लगन लगे तो मेरी सुधबुध ही खो जाये,
वो देश गया था पराए जो मुझको दिल से भुलाये,
फिर यादों ने जब जकडा वो दिल से मुझको बुलाये,
ये इश्क़ की अगन लगे तो मोरा तन मन ही जल जाये,
सांझ लगी कांटों सी, हवा भी दर्द को लाये,
जब बातें करती हैं रातें, सपनों में तू ही आये,
आँखों में आंसु रहते हैं जब नज़रों में तू छाये,
ये इश्क़ की अगन लगे तो मोरा तन मन ही जल जाये,
इस दिल का कतरा कतरा कहता तेरा पयार है मुझको पाना,
ना पाऊँ तुझे तो मर जाऊँ सांसो को अब ना रहना,
बिन तेरे क्या है जीना, जीना मुझको ना जीना,
ये इश्क़ की अगन लगे तो मोरा तन मन ही जल जाये,
जो तेरी लगन लगे तो मेरी सुधबुध ही खो जाये|
-गौरव

Hindi Poem on Lost Love-बेवफ़ा कहेंगे उनको 

बेवफ़ा कहेंगे उनको broken-heart-1
ये कभी सोचा ना था
दर्द के दरिया में अकेले
डूबना चाहा ना था
कौन कहता बसर है
दिल की चाहत में खुदा
हमने जिसको चाहा था दिल से
वो ही निकला बेवफ़ा
वही गलियां वही राहें
वही सूनी सूनी निगाहें
क्या पता दिल का किसी को
कब बेगाना हो जाएगा
दिल की चाहत है मेरी
तुझको भी ना आये सुकून
क्या पता किस दिन
ये तडप तू पायेगा
-अनुष्का सूरी