Hindi Poem for Him-Ishq

इश्क़
इश्क़ किया है तुमसे
तुम्हारी इबादत की है
दिल दिया है तुमको
तुमसे मुहब्बत की है

मेरे दिल के हो तुम राजा
तुम्हारे लिए है घर मेरा सजा
तुमसे ही दिन है मेरा
तुमसे ही मेरी रात है
तुम हो तो सब बात है
तुमसे ही सब जज़्बात हैं

मांगती हूँ बस खुदा से दुआ हर दिन
न दिन आये ऐसा जब रहना हो तुम्हारे बिन

-अनुष्का सूरी

Hindi Love Poem on Separation- प्यार की धड़कन

बिछड़ी प्यार की धड़कने
आँखों में नमी दे
बन्द राहों की उलझनें जीने न दे
वो खामोशियाँ भी इश्क़ को ही तलाशे
कुछ अनकही सी ख्वाइशें
दिल तो छुपा दे ये मोहोब्बत
कैसा जो अंग अंग लुटा न दे……

-स्वेता

Bichadi pyaar ki dhadkaney
Aankhon mein nami de
Bandh raahon ki uljhan Jeene na de
Vo khamoshiyaan bhi Ishq ko hi talashe
Kuch ankahi si khwaahishey
Dil ne chupa de Yeh mohobbat
kaisa Jo ang ang luta na de

-Swetha

Hindi Love Poem for Him :  तुम हो मेरी जिंदगी

तुम हो मेरी जिंदगी का एक ऐसा आईना ,
जो टूट कर भी नहीं टूटता
बिखर कर भी नही बिखरता।
यही बात तुझे सबसे अलग करती है।
जी करता है कितनी करूँ तेरी तारीफ
चाह कर भी खत्म नहीं होता है ।
तुझे देख के जिनेवा का तमन्ना बढ़ जाती है,
तेरी बाते मुझे अपनी लगने लगती है।
तुझे देखा तो आईना देखने लगता हूँ
तु भी मुझे शायद अपना लगने लगता है।
तुम हो मेरी जिंदगी का एक ऐसा आईना,
जो टूट कर भी नही टूटता
बिखर कर भी नही बिखरता ।

-अंजली कुमारी  

Tum ho meri zindagi ka esa aaina
Jo toot kar bhi nahi tootata
Bikhar kar bhi nahi bikharta
Yahi baat tujhe sabse alag karti hai
Ji karta hai kitni karu teri tari
Chah kar bhi khatam nahi hota hai
Tujhe dekh ke jineva ka tamanna bad jati ha
Teri baatein muje apni lagane lagti hai
Tujhe dekha to aaina dekhne lagta hoon
Tu bhi mujhe sayad apna lagne lagta hai
Tum ho meri zindagi ka esa aaina
Jo tut kar bhi nahi tootata
Bikhar kar bhi nahi bikharta

-Anjali kumari   

Hindi Love Poem for Life Partner-हमसफ़र

आँखों ही आँखों में
बातें इशारों में
तुमने जो मुझसे कहीं है
ऐसा क्यों लगता है
जैसे की तुमको भी मुझसे
मोहब्बत हुई है
ऐ हमसफ़र,मेरे हमसफ़र
देखूँ हर जगह
आये तू ही नज़र
ऐ हमसफ़र, मेरे हमसफ़र
तारीफें तेरी
कैसे करे हम कैसे करे हम
ख्वाईशें हलचल मची है
दिल में ये मेरे दिल में जो मेरे
तुम आ गए सांसो में तू
मेरी बातों में तू
मैंने माँगा जिसे
वो दुआ तू ही तू
आँखों ही आँखों में
बातें इशारों में
तुमने जो मुझसे कही है
ऐसा क्यों लगता है
जैसे की तुमको को भी
मुझसे मोहब्बत हुई है
ऐ हमसफ़र मेरे हमसफ़र
देखूँ हर एक जगह
आये तू ही नज़र

-गौरव

Aankho hi aankhon mein
Baatein isharon mein
Tumne jo mujhse kahi hai
Aisa kyu lagta hai
Jaise ki tumko bhi
Mujhse mohabbat hui hai
Ae humsafar, Mere humsafar
Dekhu har ek jagah
Aaaye tu hi nazar
Ae humsafar,  Mere humsafar
Taarife teri
Kaise kare hum Kaise kare hum
Khwaishe Hulchal machi hai
Dil mein ye mere Dil jo mere
Tum aa gaye Saanso mein tu
Meri baaton mein tu
Maine manga jise
Wo dua tu hi tu
Aankhon hi aankhon mein
Baatein isharon mein
Tumne jo mujhse kahi hai
Aisa kyu lagta hai
Jaise ki tumko bhi
Mujhse mohabbat hui hai
Ae humsafar,Mere humsafar
Dekhu har ik jagah
Aaaye tu hi nazar

-Gaurav

Hindi Poems on Love – वो पगली सी दीवानी सी

वो पगली सी दीवानी सी, सपनों में मेरे आती है,
आहट उसकी, जैसे दिल में हलचल सी कर जाती है,
झुकी नजर उसकी, जैसे मुझको पागल कर जाती है,
वो पगली सी दीवानी सी, सपनों में मेरे आती है। आइना है
उसकी नज़रें, जो सबकुछ बतलाती है, वो है पागल,
जो दिल को झुटा बतलाती है, लगती है प्यारी,
जब खुद ही वो शर्माती है,
वो पगली सी दीवानी सी, सपनों में मेरे आती है। कहता है
जमाना कि, वो तो पागल है, वे-वजह, जब-जब वो मुस्कुराती है,
जमाने को क्या पता, कि वो मुझसे क्यों शर्माती है,
वो पगली सी दीवानी सी, सपनों में मेरे आती है।
जब आँखें मेरी मदहोश चेहरे से उसके, मिलकर आती हैं,
काश वो समझ पाती कि, कितना मुझको वो तड़पती हैं,
खो गया गया हूँ मुझसे मै, न नींद मुझको अब आती है,
वो पगली सी दीवानी सी, सपनों में मेरे आती है।….

– अतुल कुमार

Wo pagli si diwani si, sapno me mere aati hai,
Aahat uski, jaise dil me hulchul si kar jati hai,
jhuki nazar uski, jaise mujhko pagal kar jati hai,
Wo pagli si diwani si, sapno me mere aati hai. Aaina hai
Uski nazrein, jo sabkuchh batlati hai, wo hai pagal,
jo dil ko jhuta batlati hai, lagti hai pyari,
jab khud hi wo sharmati hai,
Wo pagli si diwani si, sapno me mere aati hai. Kehta hai
jamana ki, wo pagal hai, Be-wajah, jab-jab wo mushkurati hai,
jamane ko kya pta, ki wo mujhse kyun sharmati hai,
Wo pagli si diwani si, sapno me mere aati hai.
Jab aankhein meri madhosh chehre se uske, milkar aati hai,
Kash wo samajh pati ki, kitna wo mujhko tadpati hai,
Kho gya hu mujhse me, na neend mujhko ab aati hai,
Wo pagli si diwani si, sapno me mere aati hai.

– Atul Kumar

Hindi Love Poem For Him- साथ

 

तुम आकाश हो अगर कभी मैं रहूंगी धरा तुम्हारी
तुम पेड़ हो अगर कभी मैं रहूंगी छाया तुम्हारी
तुम अगर फूल बन जाओ मैं महकूँगी तुम्हारी महक
तुम अगर सागर बन जाओ तो छल्कुंगी बनकर तुम्हारी लेहेर
तुम मेरे तन के कण-कण में बसे रहोगे
मैं तुम्हारे मन के हर घर में बसी रहूंगी आएगा
जब अंतिम समय हमारा तुम्हारे साथ
तुलसी पत्र बनके आउंगी तुम कभी न होना अलग मुझसे
मैं कभी न बिछड़ूगी तुमसे ज़िन्दगी भर ही की तो बात है,
थोड़ी तुम काट लेना ; थोड़ी मैं बाँट लुंगी ।

-प्रियंका जोशी

Tum akash ho agar kabhi mein rahungi dhara tumhari ,
Tum ped ho agar kabhi mein rahungi chaya tumhari,
Tum agar phool ban jao mein mehekungi tumhari mehek,
Tum agar sagar ban jao to chalkungi bankar tumhari leher,
Tum mere tan ke kan – kan me bassey rahoge
mein tumhare man ke har ghar mein basi rahungi Ayega
jab antim samay hamara tumahre saath
tulsi patra banke aaungi Tum kabhi na hona alag mujhse
Mein kabhi na bichadungi tumse zindagi bhar ki hi to baat hai
thodi tum kaat lena, thodi mein baat lungi .

-Priyanka Joshi

Hindi Poem for Him – नयनों में काजल लगा के चली

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आज मैं नयनों में काजल लगा के चली
पलकों पर आपकी खूबसूरत तस्वीर सजा के चली
दिल की धड़कनों को साँसों में छुपा के चली
थोड़ा इतरा के चली
सावन की मयूरी सी बलखा के चली
लहराती हवाओं में केशों को बिखरा के चली
थोड़ा शर्मा के चली
अल्फ़ाज़ों में मीठी सरगमों को मिला के चली
उलझी बेचैनियों को सुलझा के चली
सच्ची मुहब्बत अपनी रूह में बसा के चली
दुनिया की हर खूबी हांथों की लकीरों में ठहरा के चली
अब तो बोल दो कि मैं आपकी ज़िन्दगी हूँ
आपकी खुशियों की बन्दग़ी हूँ
आपकी तक़दीर में संवरती आपकी जीवन संगनी हूँ
अब बस करो बोल भी दो कि मैं ही आपकी अर्धांगिनी हूँ

-संघमित्रा मौर्य

Aj mai nayano me kajal laga ke chali,
Palko par apki khubsoorat tasveer saja ke chali,
Dil ki dhadkano ko sanso me chhupa ke chali,
Thoda itra ke chali,
Sawan ki mayoori si balkha ke chali,
Lahraati hawaao me kesho ko bikhra ke chali,
Thoda sharma ke chali,
Alfaazo me mithi sargamo ko mila ke chali,
Uljhi bechaniyo ko suljha ke chali,
Sachhi mohabbat apni rooh me basa ke chali,
Duniya ki har khoobi hatho ki lakiro me thahara ke chali,
Ab to bol do ki mai apki jindagi hu, apki khushiyo ki bandagi hu,
Apki taqdeer me sawarti apki jeewan sangini hu,
Ab bas karo bol bhi do ki mai hi apki ardhangini hu

-Sanghmitra Maurya

Hindi Love Poem on Separation- ये जरुरी तो नहीं

हम जिसे चाहें वो भी हमें चाहे ये जरुरी तो नहीं,
मिले प्यार के बदले प्यार ये जरुरी तो नहीं।

मिलाकर मन कुछ लोग उतर जाते हैं दिल में,
हो मिलन तन का तन से ये जरुरी तो नहीं।

होते हैं कुछ लोग जो पा लेते हैं चाहकर कुछ भी,
हो सबका नसीब एक जैसा ये जरुरी तो नहीं।

सूरत मिल जाती है अक्सर कइयों से तेरी,
सीरत भी हो तुझसी ये जरुरी तो नहीं।

कवि ‘राज़’ मत रख हसरत किसी पर मरकर जीने की
सबके नसीब हो आसां मौत ये जरुरी तो नहीं।

~राज़ सोरखी “दीवाना कवि”

 

Hum jise chahe wo bhi hme chahe ye jaruri to nahi
Mile pyar k badle pyar ye jaruri to nahi

Milakar man kuch log mil jate hai dil mein
Ho milan tan ka tan se ye jaruri to nahi

Hote hai kuch log jo paa lete hai chah kar kuch bhi
Ho sabka nasib ek jesa ye jaruri to nahi

Surat mil jati hai aksar kaiyon se teri
Sirat bhi ho tujhsi ye jaruri to nahi

Kavi raj mat rakh hasrat kisi par markar jine ki
Sabke nasib ho aasaan mauot ye jaruri to nahi

~Raj sorkhi”diwana kavi”

 

 

Hindi Poem for Him – सब कुछ हार गया हूँ

ना सता यूँ, ए ज़िन्दगी ! की मन हार गया हूँ मैं,
जीत कर दुनिया सारी, सब कुछ हार गया हूँ मैं।

आ और आकर थाम ले हाथ मेरा ए मौला !
जीने की चाह में, मौत के पार गया हूँ मैं।

रिश्ते-नसीब-मेहनत सब आजमाए हैं मैंने,
पासे ही उल्टे पड़ते हैं अब, हर बाज़ी हार गया हूँ मैं।

दर-ब-दर मिली ठोकरें, हौसलों पर आंच ना आने दी,
अब जाकर टूटा हूँ, जब सब कुछ हार गया हूँ मैं।

कवि ‘राज़’ हो गई अब शान्त हर चिंगारी
होकर राख सब अरमान, मौत के पार गया हूँ मैं,

~राज़ सोरखी “दीवाना कवि”

Na stta yoon, aei zindagi! ki man haar gya hoon main
Jeet kar duniya sari sab kuch haar gya hoon main

Aa aur aa kar tham le hath mera aei maulla
Jine ki chah main maut k paar gya hoon main

Rishtei nasib mehanat sab ajmayein hain main
Paase hi ultei padte hai ab har baji haar gya hoon main

Dar b dar mili thokrei hoslon par aanch na aane di
Abb ja kar tutta hoon jab sab kuch haar gya hoon main

Kavi raaz ho gai ab shant har chingari
Ho kar raakh sab armaan maut ke paar gya hoon main

~Raj sorkhi”diwana kavi”