Waiting for Love Hindi Poem: Arzoo


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आरज़ू
शून्य घोर चित्त चंचल में एक दबी है आरज़ू,
तुम्हारी रोज़ की तकरार की आरज़ू,
हमारी भीनी अनदेखी, मुस्कुराहट की आरज़ू,
मेरी भीतर गुज़रती हर कसक की आरज़ू,
तुम रुस्वाई की बात करते हो,
तो समन्दर सी अश्कों से ढलने वाली आरज़ू,
लगता है उधार दी है मैंने तुम्हैं सांसे अपनी,
इन अधूरी सांसो में कटती जिदंगी की आरज़ू,
इतंजार, उम्मीदें और अहसास सब बिखरा सा है,
टूटती निगाहों में लुटती पनाह की आरज़ू,
आखिरी बार जब तुम कहते हो!! ना रहा कुछ,
तो निर्धन सी, यादों की धनी होने की आरज़ू,
अनजान से पहचान का लम्बा सफर गुज़रा,
अब पहचान से अपनेपन की आरज़ू,
तुम जीवन की मांग करते हो,
मेरी तुम संग जीकर मरने की आरज़ू,
ज़माना क्या कहता है!!!!
ना खबर मुझे!! खबरहीन बेसुध,
मेरे इकरार और तुम्हारे इनकार की आरज़ू!!!!!!
डाॅ. अवन्तिका

Hindi Love Poem For Her- चलते रहने दो


दीदार-ऐ-नजर ना सही सपनों में आते रहिये
मुलाकातों का सिलसिला यूँ ही चलते रहने दो
लब खामोश अगर तो क्या आँखों से बताते रहिये
इस दिल को अपनी बेकरारी यूँ ही कहते रहने दो
हवा आहिस्ता बहे तो क्या इन जुल्फों को उड़ाते रहिये
इन केशों को हंसी चेहरे पे यूँ ही बिखरते रहने दो
लाख गम हो सीने में मगर फिर भी मुस्कुराते रहिये
इन हंसी के फुहारों को यूँ ही निकलते रहने दो जल्द होगी
मुलाक़ात उनसे खुद को समझाते रहिये
तुम ‘मौन’ सही पर अरमानों को यूँ ही मचलते रहने दो

-अमित मिश्रा

Deedar a nazar na sahi sapno me aate rahiye
Mulakaton ka silsila yoon hi chalte rahne do
Lab khamosh agar to kya aankhon se btate rahiye
Es dil ko apni bekarari yoon hi kahte rahne do
Hawa aahista bahe to kya en Zulfon ko uadate rahiye
En julfon ko hassi chehre pe yoon hi bikhrte rahne do
Lakh gam ho sine me magar fir bhi muskurate rahiye
En hasi k fuharon ko yoon hi nikle rhe do
Jaldi hogi mulakaat unse khud ko samjhate rahiye
Tum maun sahi par armanon ko yoon hi machalte rhne do

-Amit Mishra

Miss You Love Poem-याद जब भी उसकी आती है


याद जब भी उसकी आती है रातों की नींद उड़ ही जाती हैं
मेरे दिल का हाल ना पूछो प्यारे आशिकी ऐसे ही होती है
तेरे खोने का गम है मुझको तेरी यादें बहुत सताती हैं
याद जब भी उसकी आती है तूने धोखा दिया
वह बेवफा तेरी यादें मुझे रुलाती हैं तेरे इश्क में पागल था
मैं तेरी यादें मुझे तड़पाती हैं याद जब भी उसकी याद आती है
तू तो कहती थी की उम्र भर में साथ हूं फिर यह कैसी जुदाई है
धोखा दिया तूने हमको क्या यही आशिकी कहलाती है
याद जब भी उसकी याद आती है रातों की नींद उड़ ही जाती ।

– चंद्रभान सिंह

Yaad jab bhi uski aati hai to raaton ki neend ud jati hai
Mere dil ka haal na phucho pyare aashiqi ese hi hoti hai
Tere khone ka gam hai mujhko teri yaad bhut satati hai
Yaad jab bhi uski aati hai tune dokha diya
Ve bewafa teri yaadein muje rulati hai tere ishq me pagal tha
Main teri yaadein muje tadpati hai yaad jab bhi uski yaad aati hai
Tu to kahti thi ki umar bhar main sath hoon fir ye kaisi judai hai
Dokha diya tune hamko kya yahi ashiqi kehlati hai
Yaad jab bh uski yaad aati hai raaton ki neend ud jati hai

Chanderbhan Singh

Miss You Love Poem- तेरी याद आये


नग़मे इश्क़ के कोई गाये तो तेरी याद आये
जिक्र मोहब्बत का जो आये तो तेरी याद आये

यूँ तो हर पेड़ पे डालें हज़ारों है निकली
टूट के कोई पत्ता जो गिर जाये तो तेरी याद आये

कितने फूलों से गुलशन है ये बगिया मेरी
भंवरा इनपे जो कोई मंडराये तो तेरी याद आये

चन्दन सी महक रहे इस बहती पुरवाई में
झोंका हवा का मुझसे टकराये तो तेरी याद आये

शीतल सी धारा बहे अपनी ही मस्ती में यहाँ
मोड़ पे बल खाये जो ये नदिया तो तेरी याद आये

शांत जो ये है सागर कितनी गहराई लिये
शोर करती लहरें जो गोते लगाये तो तेरी याद आये

सुबह का सूरज जो निकला है रौशनी लिये
ये किरणें हर ओर बिखर जाये तो तेरी याद आये

‘मौन’ बैठा है ये चाँद दामन में सितारे लिये
टूटता कोई तारा जो दिख जाये तो तेरी याद आये

-अमित मिश्रा

Nagme ishq mein koi gaye to teri yaad aaye
Zikr mohabbat ka aaye to teri yaad aaye

Yoon to har ped par dalein hazaro hai nikali
Toot ke koi patta jo gir jaye to teri yaad aaye

Kitne phulon se gulshan hai ye bagiya meri
Bhanvra inpe jo koi mandraye to teri yaad aaye

Chandan si mehek rahi is bahti purvai mein
Jhonka hawa ka mujhse takraye to teri yaad aaye

Sheetal si dhara bahey apni hi masti mein yahan
Mod pe balkhaye jo ye nadiya to teri yaad aaye

Shant jo hai ye sagar kitni gehrai liye
Shor karti lehre jo gotey lagaye to teri yaad aaye

Subah ka suraj jo nikla hai roshni liye
Ye kirne har or bikhar jaye to teri yaad aaye

Maun baitha hai ye chaand daman mein sitare liye
Toot-ta koi tara jo dikh jaye to teri yaad aaye

-Amit Mishra

Hindi Love Poem For Girlfriend – मेरे दिल के हर पन्नो में


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मेरे दिल के हर पन्नो में ऐसे झूठे हुए हो तुम
रूठ कर भी मुझसे क्यूँ खुद से रूठे हुए हो तुम
मुजमे कुछ तड़प है बाक़ी तेरे हर सच को सुनाने की
करके बात आधी सी बहुत कुछ भूले हुए हो तुम
हर झूठ से तेरे मोहब्बत की है बहोत हमने
खुद से सच के आगे क्यों इतने बिखरे हुए हो तुम
मैंने ज़िन्दगी के हर हिस्से में खुदा से मांग लिया था तुमको
फिर ना जाने क्यू ज़िन्दगी के किस्से बन गए हो तुम

-शिवम विजय जयसवाल

Mere dil ke har panno me aise jhute huye ho tum
Ruth kr bhi mujhse kyu khud se ruthe huye ho tum.
Mujhme kuch tadap hai baki tere had such ko sunane ki
Karke baat aadhi si bahot kuch bhule huye ho tum.
Har jhuth se tere mohabbat ki hai bahot hamne
Khud ke such ke age kyu itane bikhre huye ho tum
Maine zindagi ke har hisse me khuda se maag liya tha tumko
To fir na Jane kyu zindagi ke kisses ban gaye ho tum .

-Shivam Vijay Jayswal

Hindi Poem for Her – इंतज़ार


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तेरी यादों का मारा हूँ
कभी पागल कभी आवारा हूँ
कभी तेरे हूँ कभी खयालो में ही तुझ संग जी हूँ
कभी नींद में ही बेचैन हो जाता हूँ
तुझे सोचते रहना , तुझे चाहते रहना
बस एक यही काम मुझे रहना
तू मेरी क़िस्मत में है नहीं जाना
पर दिल ने ये आज तक माना
मैं तेरा इंतज़ार करूँगा
इस जन्म में क्या हर जन्म में
तुझपे यी जान निसार करूँगा

-इशान चौधरी

Teri yadion ka mara hu
Kbhi pagal kbhi awara hu
Kbhi tere khyalo mein kho jata hu
Kbhi khyalo mein hi tujh sang ji leta hu
Kbhi nind mein hi bechain ho jata hu
Tujhe sochte rhna,tujhe chahte rhna
Bas ek yhi kaam ab mujhe h krte rhna
Tu meri kismat mein hai hi ni jana
Par dil ne ye aaj tak na mana
Main tera intezar krunga
Is janm main kya har janam
Main tujhpe ye jaan nisar krunga

-Ishan choudhary

Miss You Love Poem – तेरी यादें


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सजना तेरी यादें आज भी साथ हैं मेरे…
बस दुख इस बात का है की खाली हाथ हैं मेरे…
बहुत हुए दिन हमें बिछड़े हुए…
अब तो वापिस आजा ऐ साजन मेरे…
रो रो कर अब तो आँखों का पानी भी सूख गया हैं…
लगता है अब तो मेरा मौला भी मुझसे रूठ गया हैं…
याद तेरी में तड़प तड़प अब बीतें रातें…
आजा “सपना” सपने में ही कर ले मुलाकातें…
बहुत हुई दूरी अब तो मिल जा आ कर…
आँखें भी अब नम नहीं होती सूख गयीं हैं वो भी आंसू बहा बहा कर…
दर्द जुदाई का अब मुझसे सहा ना जाए…
तू भी आजा अब तो पंछी भी घर को लौट हैं आए…
यादें तेरी आज भी हैं मेरे सीने में…
पर मज़ा नहीं है कुछ भी बिना तेरे जीने में…

-अनूप भंडारी

Sajna teri yaadein aaj bhi sath hai mere
Bas dukh es bat ka hai ki khali hath hai mere
Bhut hue din hame bichde hue
Ab to bapas aaja a sajan mere
Ro ro kar ab to aankhon ka pani bhi sukh gya
Lgta hai ab to mera maulla bhi mujse ruth gya
Yaad teri me tadap tadap bite ratein
Aja “sapna” sapne me hi kr le mulakatein
Bhut hue duri ab to mil ja aa kar
Aankhein bhi ab nam ni hoti sukh gai hai wo aasu bha bha kar
Dard judai ka abmujse sha na jaye
Tu bhi aaja ab to panchi bhi ghr laut hai aaye
Yaade teri aaj bhi hai mere sine mein
Par mza nai hai kuch bhi bin tere jine mein

-Anoop Bhandari