Hindi Love Poem For Her – तो क्या हो गया

हाँ मचला था कुछ पल को दिल फिर सो गया
आज उससे फिर मिल भी लिये तो क्या हो गया
मोहब्बत की राहों में हर किसी को भटकना है
सामना उनसे अगर हो भी गया तो क्या हो गया
माना की ज़ख्म अभी अभी तो भरा था मेरा
उसके मिलने से हरा हो भी गया तो क्या हो गया
सच है की उसे भुलाने को वो गलियां छोड़ आया
उसने भी इसी शहर घर बनाया तो क्या हो गया
बस अभी तो मुस्कुराना शुरू ही किया था
मेरे फिर इन आँखों में आंसू आया तो क्या हो गया
कुछ मुझे भी अब उजाले रास आने लगे थे ‘मौन’
फिर अंधेरो में बिठाया तो क्या हो गया

-अमित मिश्रा

Haan machala tha kuch pal ko dil fir so gya
Aaj usse fir mil bhi liye to kya ho gya
Mohabbat ki rahon mein har kisi ko bhtkana hai
Samana unse agar ho bhi gya to kya ho gya
Mana ki jkham abhi abhi to bhara tha mera
Uske milne se hara ho bhi gya to kya ho gya
Such hai ki use bhulane ko wo galiyaan chor aaya
Usne bhi esi Shahar me ghar bnaya to kya ho gya
Bs abhi to muskurana shuru hi kiya tha
Mere fir en aankhon me aansu aaya to kya ho gya
Kuch muje bhi ab ujale raas aane lage they ‘maun’
Fir andhere me bithaya to kya ho gya

-Amit Mishra

One thought on “Hindi Love Poem For Her – तो क्या हो गया

  1. माना की ज़ख्म अभी अभी तो भरा था मेरा
    उसके मिलने से हरा हो भी गया तो क्या हो गया
    वाह।बेहतरीन कविता।

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