Hindi Love Poem – याद बस तू

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ख्याल तू
गुज़रता हर साल तू,

वो दो-चार दिनों की मुलाकात तू
मेरी कविताओं में बसी हर बात तू,

मेरे होठों की मुस्कराहट तू
होने वाली हर आहट तू,

ज़िंदगी का हर अहसास तू
कुछ गंदा-बच्चा सा, कुछ खास तू,

तेरी मैं और मेरी पहचान तू
दिल में बसा हर अरमान तू,

मेरे आईने की हर सूरत तू
दिल के मंदिर की इकलौती मूरत तू

कभी “धूप”, कभी छाँव तू, कभी रात है तू
जो ना कही कभी होठों से वो बात है तू,

मेरा गुरूर तू-मेरी औकात तू
खुदा की रहमत से मिली ऐसी शौगात तू….

-राज सोरखी 

 

Khyal tu
Gujarta har sal tu

wo do char dino ki mulakat tu
meri kavitaon me fasi bat tu

mere hoton ki muskrahat tu
haone wali har aahat tu

zindgi ka har ehsas tu
kuch ganda bcha sa, kuch khas tu

teri main aur meri phachaan tu
dil main bsa har armaan tu

mere aaene ki har surat tu
dil k mandir ki eklauti murat tu

kabhi dhub kabhi chav tu kabhi rat hai tu
jo na kabhi khi hotho se wo baat hai tu

mera grur tu meri aukaat tu
khuda ki rehmat se mili esi sogaat tu

-Raaj Sorkhi

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