Hindi Love Fight Poem for Lover-क्यों रूठा है मेरा प्यार

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रूठे हो क्यों तुम मुझसे
पूछूं मैं क्या तुमसे?
मेरी आँखों के खयाल तुम हो
मेरी सांसों की पहचान हो
मेरे चहरे की मुस्कुराहट तुम हो,
मेरे जीने की वजह तुम हो,
मेरी पलकों पे बसा हुआ ख्वाब तुम हो,
मेरी हर धड़कन में तुम हो,
जब मेरे ख्वाब तेरे थे,
जब प्यार इतना करते थे,
जब दूर इतना रहते थे,
जब मिल के बिछड़े ही थे,
जब इतना प्यार करते ही थे ,
इज़हार से क्यों डरते थे,
आज फिर मैं पूछती हूँ तुमसे,
रूठे हो क्यों तुम मुझसे..
-कविता परमार

Kyon rutha hai mera pyar

ruthe ho kyon tum mujhse
puchun main kya tumse?
meri aankhon ke khayal tum ho
meri saanson ki pehchan tum ho
mere chahre ki muskurahat tum ho,
mere jeene ki wajah tum ho,
meri palkon pe basa hua khwab tum ho,
meri har dhadkan mein tum ho,

jab mere khwab tere the,
jab pyar itna karte the,
jab dur itna rahte the,
jab mil ke bichadte hi the,
jab itna pyar karte hi the ,
izhar se kyon darte the,
aaj phir main puchti hoon tumse,
ruthe ho kyon tum mujse..
-Kavitha Parmar

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