Hindi Love Poem For Her-तुम जो संग बने रहो

हम सारे वादों को निभाएंगे,
जिंदगी को सफल बनाएंगे,
तुम जो संग बने रहो,
तुम वादा करके मुकर ना जाना,
मेरे दर्द प्रार्थनाओं को खोरी-कोटी ना सुनाना,
फिर भी तुमसे किया वादा निभाउंगा,
तुम जो संग बने रहो।
तुम्हारे कारण हर चाहत से इज़हार है मेरा,
तुम्हारे कारण हर जीत से प्यार है मेरा,
मेरा सीरत ये बढ़ता रहेगा,
तुम जो संग बने रहो।
कल को कायनात बदल दूंगा,
हर हार को जीत लूंगा,
हर कोशिश वो बार बार करुंगा,
तुम जो संग बने रहो।
तुम्हारे हँसी सपनों के लिए,
तुम्हारे हैसी अपनो के लिए,
हर एक से मतलबी हो जाऊ,
तुम जो संग बने रहो।

-राम

Hum sare waadon ko nibhayenge
Zindagi ko safal banayenge
Tum jo sang bane raho
Tum wada Karke mukar na jana
Mere achche prayas ko khari-koti na sunana
Phir bhi Tumse kiya wada nibhaunga
Tum jo sang bane raho
Tumhare karan har chahat se izhaar hai mera
Tumhare karan har jeet se pyar hai mera
Mera seerat ye badhta rahega
Tum jo sang bane raho
Kal ko kayanat badal dunga
Har haar ko jeet lunga
Har koshish wo bar bar Karunga
Tum jo sang bane raho
Tumhare hasi sapnon ke liye
Tumhare hasi apno ke liye
Har ek se matlabi ho jaun
Tum jo sang bane raho.

-Ram

Hindi Love Poem Expressing Love – चाँद चांदनी को चाहता है जिस कदर

चाँद चांदनी को चाहता है जिस कदर,
उस कदर चाहूँ मैं तुझे।
मेरी एक खुवाईश है कि बस,
या तू मेरी बन जा या अपना बना ले तू मुझे।

मुझे अच्छी तरह याद है वो दिन,
जब हमारा मिलन हुआ ,
ये भी याद है तुम ने उस दिन क्या पहना हुआ था,
हमारी किस बात से वार्तालाप शुरू होई थी.
बस उस दिन के बाद मेरा दिल तेरी याद में सदा डूबे,
या तू मेरी बन जा या अपना बना ले तू मुझे।

तुम मेरे पास होती हूँ तू मुझे लगता है की दुनिया की हर ख़ुशी है मेरे पास.
जब तुम मेरे पास नहीं तो मेरे पास कुछ भी नहीं,
तुम्हारे बिना इस दिल को और कुछ भी नहीं सूझे ,
या तू मेरी बन जा या अपना बना ले तू मुझे।

जब से तुम मुझे मिले हूँ मेरा दिल मेरे बस में नहीं.
ये दिल बस तुम्हें खुश देखना चाहता है,
जब तुम खुश होते हूँ तो मुझे सारी कयानात खुश नज़र आती है,
जब तुम उदास होते हूँ तो मुझे अपने आप से नफरत होती है,
बस मेरा दिल तुझे भगवान की तरह पूजे ,
या तू मेरी बन जा या अपना बना ले तू मुझे।

ना मेरे पास ज़्यादा पैसा ना ज़्यादा दौलत ,ना ही ज़्यादा शौरत,
मैं तुम्हें प्यार करता था, करता हूँ और करता रहूँगा ,
बस तुम हमेशा के लिए मेरी बन जाओ और कुछ ना चाहूँ मैं उस खुदा से,
बोलो भूषण अपनी फैमिली से कब मिलवाये तुझे ।
या तू मेरी बन जा या अपना बना ले तू मुझे।

-भूषण धवन

Chand Chandni ko chahta hai jis kadar,
Us kadar chahu main tujhe ish kadar ,
Meri ek khwayish hai ki bas,
Ya tu meri ban ja ya apna bana le tu mujhe,

Mujhe acchi tarah yaad hai wo din,
Jab hamra Milan hua ,
Ye bhi yaad hai tumne us din kya pehna hua tha,
Hamari kis baat se vartalap shuru huyi thi,
Bas us din ke baad mera dil teri yaad me sada dube,
Ya tu meri ban ja ya apna bana le tu mujhe,

Tum mere pass hoti ho to mujhe lagta hai ki
duniya ki har khushi hai mere pass,
Jab tum mere pass nahi to mere pass kuch bhi nahi,
Tumhare bina ish dil ko aur kuch bhi nahi sujhe,
Ya tu meri ban ja ya apna bana le tu mujhe,

Jab se tum mujhe mile ho mera dil mere bas me nahi,
Ye dil bas tumhien khush dekhna chahta hai,
Jab tum khush hote ho to mujhe sari kayanat khush nazar aati hai,
Jab tum udas hote ho to mujhe apne aap se nafrat hoti hai,
Bas mera dil tujhe bhagwan ki tarah puje,
Ya tu meri ban ja ya apna bana le tu mujhe,

Na mere paas jyada paisa, na jyada daulat aur na hi jyada shauhrat,
Main tumehin pyar karta tha, karta hu aur karta rahunga,
Bas tum hamesha ke liye meri ban jao aur kuch na chahu main us khuda se,
Bolo bhushan apni family se kab milwaye tujhe,

– Bhushan dhawan

Miss You Love Poem- याद है

 

याद है मुझे आज भी उनसे
मेरी पहली मुलकात का वो सफर
था वो बड़ा ही खास दिन मेरे लिये
था वो सफर लम्बा पर सुनकर
उनकी मीठी आवाज कर दिया
सफर मेरा सुकून भरा
मेरे सफर की पूरी थकान उतर गई
जब उसने मुस्कुरा के मुझे देखा याद है
मुझे मेरी नयी ज़िंदगी की नई शुरुआत
इसी ऐसी सफर से मिली वो सफर
सिर्फ एक सफ़र नहीं बल्कि
मेरी ज़िन्दगी की नयी ख़ूबसूरत सूरत थी
याद है मुझे आज भी उसने
हमारी पहली मुलाक़ात का वो सफर

-भारत ठाकुर

Yaad hai mujhe aaj bhi unse
Meri pehli mulakat ka vo safar,
Tha vo bada hi khaas din mere liye,
Tha vo safar lamba par sunkaar
Unki mithi aavaaz kar diya
Safar mera sukun bhara
Mere safar ki puri thakaan utri gayi
Jab usne muskurake muje dekha yad hai…
Muje meri nai zindagi ki nai suruaat
Esi safar se mili.. vo safar
Ssirf ek safar nai balki
Meri jindgi ki nayi khubsurat suruat thi
Yaad hai muje aaj bhi usne
Hamari pehli mulakat ka vo safar
Kese baya karu apne vo jazbaat…
Meri mulakat ka vo safar…

-Bharat Thakor

Waiting for Love Hindi Poem-सुनहरा पल

हृदय की अनकही बातें कभी जब लब पर आती हैं
स्वरों में कम्पन होती है. स्वयं पलकें झुक जातीं हैं।

कहीं भी दिल नहीं लगता मिलन की तीस सताती है
कभी जब तन्हाई मे. किसी की याद आती है।

प्रात: खुशियों से भर जाती शाम अभिसार में जाती है
दिन उदास रहता है.रात मे नींद न आती है।

निगाहें चंचल हो जाती हैं नज़र चौखट पर रहती है
ख़्वाब की दुनिया सजती है अधर स्मित सी रहती है।

कभी जो संगम नहीं होता गात अलसाई रहती है
निगाहें चार होते ही…. सतत विलसाई रहती हैं।

रवि प्रकाश सिंह(नागपुर)

Hridaya ki ankahi baatein kabhi jab lab par aati hai
Sawaron me kampan hoti hai sway palke jhuk jati hai

Kahi bhi man nahi lagta milan ki tis satati hai
Kabhi jab tanhai mein kisi ki yaad aati hai

Pratah khushiyon se bhar jati sham abhisar mein jati hai
Din udas rhata hai raat mein neend naa ati hai

Nigahein chanchal ho jati hai nazar chaukhat par rahti hai
Khwab ki duniya sajti hai adhar smit si rahti hai

Kabhi jo sangam nahi hota ghaat alsai rahti hai
Nigahein char hote hi.. satat vilsai rahti hai

Ravi Parkash Sigh

Hindi Love Poem- इश्क़ से अंजान

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माही मेरे इश्क़ को ना समझे मेरा यार,
गहरा बहुत है दिल मे मेरे आज तेरा प्यार,
तुझमे ही मैं खोई रहती,तुझको ही मैं सोचती,
सारी दुनिया बोलती जोगन बनी मैं यार,
मेरे दिल की सबने जानी पर वो वाबरा अंजान है,
वही कुछ नहीं जनता जिसे करूँ मैं प्यार,
जिसको सोचके हँसती हूँ,जिसमें ही मैं खोती हूँ,
जिसमे जीवन के रंग सजे,बस बना रहा वही मेरे इश्क़ से अंजान,
सच कहा है दुनिया ने जोगन तेरे इश्क़ को ना समझे तेरा यार,
करती है तू कितना उसको अपने दिल से प्यार,
बस बना रहा वही वाबरा इश्क़ से अंजान,तेरे इश्क़ से अंजान।

– गौरव

Hindi Love Shayari for Her- तेरी आँखों में

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एक ग़ज़ल लिखी तेरे पहलू में तेरी आँखों को यूँ देख के,
कि इनमें छुपा है प्यार बस मेरे लिये मेरे लिये,
एक ग़ज़ल लिखी तेरे पहलू में तेरी आँखों को यूँ देख के,
कि पहलू में तेरे बैठ के, तेरी ज़ुल्फ़ों से यूँ खेल के,
बस दिल से मैं लिखता रहा, तुझे सोचते बस तुझे सोचते,
एक ग़ज़ल लिखी तेरे पहलू में तेरी आँखों को यूँ देख के,
कि शाम भी अब ढल गयी, तेरे पहलू में सिमट गयी,
कि चांदनी भी अब तेरे हुस्न से पिघल गयी,
एक ग़ज़ल लिखी तेरे पहलू में तेरी आँखों को यूँ देख के,
गीतों को लिखता रहूँ, तुझ में ही मैं जीता रहूँ,
कि मेरी धड़कन भी तेरी धडकनों से जुड़ गयी,
एक ग़ज़ल लिखी तेरे पहलू में तेरी आँखों को यूँ देख के,
अल्फ़ाज़ भी मेरे नहीं, ये गीत भी मेरा नहीं,
बस तू ने जो ना कहा लिख दिया तुझे सोच के,
एक ग़ज़ल लिखी तेरे पहलू में तेरी आँखों को यूँ देख के,
कि वक़्त भी अब थम गया, जो तूने वो कह दिया,
कि आए मेरे हमसफर ये दिल भी है तेरे लिये,
एक ग़ज़ल लिखी तेरे पहलू में तेरी आँखों को यूँ देख के,
जब मैने वो सुन लिया, धड़कन को तेरे जी लिया,
तुझे पहलू में समेट के होश में ना मैं रहा,
एक ग़ज़ल लिखी तेरे पहलू में तेरी आँखों को यूँ देख के,
कि इन में छुपा है प्यार बस मेरे लिये बस मेरे लिये|
-गौरव

Ek gazal likhi tere pahlu mein teri aankhon ko yoon dekh ke,
Ki inmein chupa hai pyar bas mere liye mere liye,
Ek gazal likhi tere pahlu mein teri aankhon ko yoon dekh ke,
Ki pahlu mein tere baith ke, teri zulphon se yoon khel ke,
Bas dil se main likhta raha, tujhe sochte bas tujhe sochte,
Ek gazal likhi tere pahlu mein teri aankhon ko yoon dekh ke,
Ki sham bhi ab dhal gayi, tere pahlu mein simat gayi,
Ki chandni bhi ab tere husn se pighal gayi,
Ek gazal likhi tere pahlu mein teri aankhon ko yoon dekh ke,
Geeton ko likhta rahoon, tujh mein hi main jeeta rahoon,
Ki meri dhadkan bhi teri dhadkanon se jud gayi,
Ek gazal likhi tere pahlu mein teri aankhon ko yoon dekh ke,
Alfaz bhi mere nahin, ye geet bhi mera nahin,
Bas tu ne jo na kaha likh diya tujhe soch ke,
Ek gazal likhi tere pahlu mein teri aankhon ko yoon dekh ke,
Ki waqt bhi ab tham gaya, jo toone wo kah diya,
Ki ae mere hamsafar ye dil bhi hai tere liye,
Ek gazal likhi tere pahlu mein teri aankhon ko yoon dekh ke,
Jab maine wo sun liya, dhadkan ko tere jee liya,
Tujhe pahlu mein samet ke hosh mein na main raha,
Ek gazal likhi tere pahlu mein teri aankhon ko yoon dekh ke,
Ki in mein chupa hai pyar bas mere liye bas mere liye|
-Gaurav

Hindi Love Poem for Him-इंतज़ार

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इंतज़ार-आखिर कब तक?

अनजानी राहों पे इंतज़ार किया करती हूँ,
हज़ारों की भीड़ में बस तुझे तलाश किया करती हूँ,
कुछ पल के लिये तो ये राहें भी साथ देती हैं,
थोड़ा चलके साथ आगे तन्हा छोड़ देती हैं,
आंसू जब भी आते हैं मेरी आँखों में,
मेरी नज़रें बस तेरा दामन तलाश करती हैं,
जब नहीं मिलता है दामन तेरा,
जी भर के पलकें भिगोया करती हैं,
रास्ते भी ये देख के मुझपे हंसा करते हैं,
देखके मेरी बेबसी का ये मंज़र,
या खुदा मुझे अब मिलादे बिछड़ने वालों से,
लोग मेरी बेबसी का मज़ाक बनाने का इंतज़ार किया करते हैं|

-कविता परमार

Short Hindi Love Poem for Her – छोटी छोटी बातों पे

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छोटी छोटी बातों पे हंसी उसको आती नहीं,
धीमे धीमे प्यार से वो मुस्कुराती नहीं,
क्या करूँ मैं? उसको हसाऊँ या खुद रो पड़ूँ मैं?
उसे मुस्कुराहट का मतलब किन लफ़्ज़ों में समझाऊँ मैं..
-कविता परमार
Choti choti baton pe hansi usko aati nahin,
Dheeme dheeme pyar se wo muskurati nahin,
Kya karoon main? Usko hasaoon ya khud padoon main?
Use muskurahat ka matlab kin lafzon mein samjhaoon main..
-Kavitha Parmar
English Translation
She does not laugh at ordinary events
She does not cutely and slowly smile with love
What should I do? Should I make her smile or cry myself?
In what words do I explain the meaning of a smile to her?
– A poem by Kavitha Parmar

Hindi Love Shayari on Girl Eyes-हाय तेरी आँखें 

हाय तेरी आँखें eyes
जिसमे सुंदर संसार नजर आता है।
होंगी उज्जवल हिरणी की आँखे,
पर उसमे विस्मय, तुझमें विश्वास नज़र आता है।
हाय तेरी आँखें,
जो मुझे मेरी मंजिल दिखाती हैं।
बर्फ की धवल कुंडो में,
नीली जल राशि,
जीवन संघर्ष विस्मृत कर, मन मदमस्त कर जाती हैं।
हाय तेरी आँखें,
ऐसा प्रेमपाश छोड़ देती हैं,
जितना भी देखो जी न  भरता,
दिन का चैन, रातों की नींद उड़ा ले जाती हैं।
हाय तेरी आँखें ,
गहरा,शांत अनंत समुद्र सा नज़र आता है।
देखो जितनी बार ,
हर बार एक नया रूप उभर कर आता है।
-प्रियांशु शेखर