Hindi Love Poem -दे सकता हूँ मैं

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खामोशी में सहमी हुई मुस्कान दे सकता हूँ मैं
रातों की परछाइयों का साया दे सकता हूँ मैं
बिखर तो गया हूँ आज तेरे जाने से मैं
कुछ पल के लिये ही सही, तुझे तेरी ज़िंदगी वापस दे सकता हूँ मैं
-शुभम सिंग 

Khamoshi mein sehemi hui muskan de sakta hu main
Raato ki parchaiyon ka saya de sakta hu main
Bikhar to gaya hu aaj  tere  jane se main
Kuch pal ke liye hi sahi,tuje teri zindagi wapas de sakta hu main…
-Shubham Singh

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