Hindi Love Poem – Veh Pal

‘वह पल’

सालों का इंतज़ार एक पल बनके खड़ा था

चाह तो थी कुछ और लेकिन समय विपरीत ही चल पड़ा था ।।

पल की नज़दीकी क्षणिक और थी

समय का चक्र भी मानो स्थल सा पड़ा था ।।

आते ही उसके मैं समझ से बाहर खड़ा था

मानो किसी बंजर जमीन को पानी का स्पर्श मिला था ।।

चाहता तो था उसे रोकना पर इस भाग-दौड़ भरी जिंदगी में

खुद को साबित करना अभी बाकी बचा था ।।

-सुमित रघुवंशी

How to read:

Vah Pal

Salo ka intzar ek pal banke khada tha

Chah to thi kuch aur lekin samay vipreet hi chal pada tha

Pal ki nazdeeki shanik aur thi

Samay ka chakra bhi mano sthal sa pada tha

Aate hi uske mai samajh se bahar khada tha

Maano kisi banjar zameen ko paani ka sparsh mila tha

Chahta to tha usey rokna par is bhag-daud bhari zindagi mei

Khud ko sabit karna abhi baaki bacha tha.

-Sumit Raghuvanshi

Sad Hindi Poem on One Sided Love – चाहा तुमको चाहा

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मैंने चाहा तुमको चाहा
हाँ सिर्फ तुमको चाहा
तुमको पाना चाहा
तुम में खोना चाहा

पर तुमने मुझे ठुकराया
मेरा मज़ाक बनाया
मुझको पागल बताया
नफरत को यूं निभाया

हर लम्हा मेरा तनहा
प्यार मेरा हुआ रुस्वा
ये कैसा दर्द है रब्बा
एक पल भी नहीं है चैना

मैंने चाहा तुमको चाहा
हाँ सिर्फ तुमको चाहा
सिर्फ तुमको चाहा
सिर्फ तुमको चाहा

-अनुष्का सूरी

Hindi Love Poem – उनका प्यार

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उनको छूने का एहसास अब अजनबी नहीं लगता
कि वो दिल के बहुत करीब हो गये
लड़ते हैं झगड़ते हैं
कि देते हैं हज़ारों घाव प्यार के वो दिनभर हमको
कि रात में हम रोते हुए सो जाते हैं
लेकिन वो भी करते हैं इस क़दर प्यार हमको
कि रात में जब हम सो जाते हैं
आते हैं करीब हमारे घाव पे मरहम भी वही लगा जाते हैं
देखते हैं हम भी चुप-चाप उनको मरहम लगाते हुए नॅम आँखों से
और उनके दिये दर्द में भी प्यार की बारिश समझ के भीग जाते हैं
क्योंकि मरहम जहां वो हमको लगाते हैं
वहां एक घाव वो अपने आप को भी दे जाते हैं

-गौरव