Hindi Poem on Betrayal in Love-Sirf Bewafai Dekhi

ज़िन्दगी में सिर्फ बेवफाई देखी, हमने महफ़िल में सिर्फ तनहाई देखी
वफ़ाओं का मेरी जो सिला दे, मै वो इश्क़ तलाश करता हूं,

ये ज़ख्म जो मिले गहरे हैं बहुत, मेरी खुशियों पे गमों के पहरे हैं बहुत
दर्द को मेरे जो मिटा दे, मैं वो शिफा तलाश करता हूं,

रिश्तों की कश्मकश में उलझा ऐसे, खुद को ही खुद से खो दिया जैसे
वजूद को मेरे जो मुझसे मिला दे, मैं वो आईना तलाश करता हूं,

इबादत को कभी ना छोड़ा हमने, अपने अक़ीदे को ना कभी तोड़ा हमने
जन्नत जो मुझे दिला दे, मैं वो खुदा तलाश करता हूं,

हर अल्फ़ाज़ को जताने की कोशिश है, हर जज़्बात को बताने की कोशिश है
इस बज़्म को जो एहसास करा दे, मैं वो नज़्म तालाश करता हूं

(अरमान )

Missing Her Love Poem-Tumhari Yaad Dil Se Jaati Nahi

तुम्हारी याद दिल से जाती नहीं (कविता का शीर्षक)

तुम से मिलने की आशा बहुत है मगर,
तुम से मिलने कि रुत है कि आती नहीं|
करूँ कितनी भी कोशिश दिल बहलाने की मगर,
एक तेरी याद दिल से है कि जाती नहीं ||

प्रेम कि राह में मुझको ले चली|
वो हाथ पकड़ के अपनी गली||
मैं तो चलता रहा उसी राह पर मगर,
अब मेरे पीछे वो है कि आती नहीं |
करूँ कितनी भी कोशिश दिल बहलाने की मगर,
एक तेरी याद दिल से है कि जाती नहीं ||

साथ चलने की चाहत तुम्हारी ही थी|
साथ जीने-मरने की कसमें भी तुम्हारी ही थी||
राह तकता हूँ मैं अब तक उसकी मगर,
वो है कि इस राह आती नहीं |
करूँ कितनी भी कोशिश दिल बहलाने की मगर,
एक तेरी याद दिल से है कि जाती नहीं ||

क्या हुई थी गलती हमें समझाओ तो|
दूर जाने की वजह हमें बतलाओ तो ||
हम पूछते रहे उन से मगर, वो है कि कुछ भी बताती नहीं |
करूँ कितनी भी कोशिश दिल बहलाने की मगर,
एक तेरी याद दिल से है कि जाती नहीं ||
-कुलेश्वर जायसवाल (कवि )

Tumhari Yaad Dil Se Jaati Nahi (Title of the Poem)

Tum se milne ki aasha bahut hai magar,
Tum se milne ki rut hai ki aati nahi |
Karu kitni bhi koshish dil bahalane ki magar,
Ek teri yad dil se hai ki jati nahi ||

Prem ki rah me mujhko le chali|
Wo hath pakad ke apni gali||
Mai to chalta raha usi rah par magar,
Ab mere pichhe wo hai ki aati nahi |
Karu kitni bhi koshish dil bahalane ki magar,
Ek teri yad dil se hai ki jati nahi||

Sath chalne ki chahat tumhari hi thi|
Sath jeene-marne ki kasmein tumhari hi thi||
Rah takta hu main ab tak magar,
Wo hai ki ab is rah aati nahi|
Karu kitni bhi koshish dil bahalane ki magar,
Ek teri yad dil se jati nahi||

Kya hui thi galati hamein samajhao to|
Dur jane ki vajah batlao to||
Ham puchhate rahe un se magar,
Wo hai ki kuchh bhi batati nahi|
Karu kitni bhi koshish dil bahalane ki magar,
Ek teri yad dil se jati nahi||
-Kuleshwar Jaiswal (Poet)

Meaning in English/English Translation of the Poem:

Your memories do not fade from my heart
I have high hopes of meeting you but,
The season of meeting you just does not arrive.
However hard I may try to convince my heart but,
your memories do not go away from my heart.

You took me on the path of love
while holding her hand in her street
I kept walking on the same path but,
now she does not follow me.
However hard I may try to convince my heart but,
your memories do not go away from my heart.

It was only your wish to walk together
You only had pledged to live and die together.
I keep waiting for you on this path till now but,
she does not come on this path now.
However hard I may try to convince my heart but,
your memories do not go away from my heart.

What did I do wrong at least let me know?
Tell me the reason for going away.
I kept asking her but,
she never told me anything.
However hard I may try to convince my heart but,
your memories do not go away from my heart.

Do not break anyone’s heart Hindi love poem-Dil Kisi Ka Todna Mat

दिल किसी का तोड़ना मत

प्यार सच्चा झूठा करना मत,
कभी भी दिल किसी का तोड़ना मत
तोड़ना मत

दिल नाज़ुक होता है तो
उसे तोड़ना मत

दिल कोई खेल का मैदान नहीं
उसपे प्यार का खेल खेलना मत

चाहते हो तुम किसी को दिल से
तो उसकी आँखों में आँसू लाना मत

कभी भी दिल किसी का तोड़ना मत
तोड़ना मत

प्यार एक खूबसूरत दरिया है

उसमें झूठ का कचरा फैलाना मत

जिसे तुम प्यार करते हो
उसे धोखा देना मत

कभी भी किसी का दिल तोड़ना मत
तोड़ना मत

-नरेश दिला

Hindi Love Poem – प्यार कितना है तमसे

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प्यार कितना है तमसे
ये छुपाऊँ कैसे
दर्द इतना है दिल में
आँसू रोक पाऊँ कैसे
तुमको देखा है जब से
खो गई हूँ मैं तब से
तुमको जानने की तलब
दिल से मिटाऊँ कैसे
प्यार कितना है तुमसे
ये छुपाऊँ कैसे

-अनुष्का सूरी

Pyar kitna hai tumse
Ye chupau kaise
Dard itna hai dil mein
Ansu rok pau kaise
Tumko dekha hai jab se
Kho gayi hu main tab se
Tumko jaanne ki talab
Dil se mitau kaise
Pyar kitna hai tumse
Ye chupau kaise

-Anushka Suri

Hindi Love Poem – काँटे क़िस्मत में हो

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काँटे क़िस्मत में हो
तो बहारें आये कैसे
जो नहीं बस में हो
उसकी चाहत घटाये कैसे

सूरज जो चढ़ता है
करते है उसको सब सलाम
ढूबते सूरज को भला
ख़िदमत हम दिलायें कैसे

वो तो नादान है
समंद्र को समझते है तालाब
कितनी गहराई है
साहिल से बताये कैसे

दिल की बातें है
दिल वाले समझते है जनाब
जिसका दिल पत्थर का हो
उसको पिघलाये कैसे

काँटे क़िस्मत में हो
तो बहारें आये कैसे
जो नहीं बस में हो
उसकी चाहत घटाये कैसे

-अनुष्का सूरी

Kante kismat mein ho
To baharein aye kaise
Jo nahi bas mein ho
Uski chahat ghataye kais

Suraj jo chadha hai
Karte hai usko sab salaam
Dubte suraj ko bhala
Khidmat ham dilaye kaise 

Wo to nadaan hai
Samandar ko samajhte hai talaab
Kitni gehrayi hai
Sahil se batayei kaise 

Dil ki batein hai
Dil wale samajhte hai janab
Jiska dil pathar ka ho
Usko pighlayein kaise

Kante kismat mein ho
To baharein aye kaise
Jo nahi bas mein ho
Uski chahat ghataye kaise

-Anushka Suri

Sad Hindi Love Shayari for Girlfriend – वीरानियाँ

inside_out_sadness___disney_pixar-wallpaper-1366x768रोने दे कुछ पल मुझको
ये आंसू अच्छे लगते हैँ
कभी कभी ये गम के बादल भी
कुछ अपने लगते हैं
हँसना मेरा सबने देखा
जो मेरी पहचान है
पर छुप छुप के हूँ कितना रोया
इस बात से सब अनजान हैं
रात की छाया ले आई जब तन्हाई
उदासी सी कुछ उमड़ आई
सहसा ढलका आँख का पानी
आंसू बन के बहता गया
कोई न यहाँ जग है तन्हा
हैं बस मैं और मेरी तन्हाईयाँ
साथ मेरा देते हैं आंसू
छाईं हैं वीरानियाँ

-गौरव

Hindi Love Poem on Separation- मैं और मेरी तन्हाई

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मैं और मेरी तन्हाई बैठे थे आज…
और हो रही थी मेरे प्यार की बात…
तन्हाई ने कहा कैसा प्यार है तेरा…
जो आज तक है उसने मुंह फेरा…
मैं था चुप और इस से तन्हाई थी हैरान…
मैं था शांत और इस से तन्हाई थी परेशान…
तन्हाई ने कहा क्या मिला तुझे प्यार में…
इस से अच्छा बैठा होता कही ऐशो बहारो में…
तन्हाई बोली क्या है अब पास में तेरे…
छा गए हैं बादल और गमों के अँधेरे…
मैं था चुप और इस से तन्हाई थी हैरान…
मैं था शांत और इस से तन्हाई थी परेशान…
तन्हाई ने कहा की प्यार में बहुत फरेब है धोखा है…
जा कुछ और कर प्यार के अलावा तुझे क्या किसी ने रोका है…
तन्हाई ने कहा क्या है ये प्यार का अजूबा…
जा, यार के वापिस आने की उम्मीद में मत रह डूबा…
मैं था चुप और इस से तन्हाई थी हैरान…
मैं था शांत और इस से तन्हाई थी परेशान…
तन्हाई ने कहा तेरा बिछड़ा यार नहीं आएगा…
मुझे लगता है तू कभी अपना प्यार नहीं पायेगा…
तन्हाई बोली अरे मूर्ख कुछ तो बोल…
मई इतनी देर से बक बक कर रही हूँ तू भी तो अपना मुंह खोल…
मैंने कहा बता कहाँ लिखा है की वो नहीं आएगी…
और अपने साथ प्यार की सौगात नहीं लाएगी…
कौन सी ऐसी दिवार है हमारे बीच जो खड़ी हो सकें…
ऐसी कोई दिवार नहीं बनी जिसकी नीव डलते ही हम उसे तोड़ न सकें…
कौन कहता है की उसका प्यार हो गया है पूरा…
क्यूंकि “प्यार” तो खुद शब्द ही ऐसा है जिसका पहला अक्षर है अधूरा…
कौन कहता है की प्यार सिर्फ दो जिस्मो का मिलान है…
माना वो मुझसे दूर है पर फिर भी मैं उसका और वो मेरी हमदम है…
अब बोल रहा था मई और चुप थी तन्हाई….
तभी सामने आई मेरी जान और भाग गयी तन्हाई…

-अनूप भंडारी

Hindi Poem on Lost Love-बेवफ़ा कहेंगे उनको 

बेवफ़ा कहेंगे उनको broken-heart-1
ये कभी सोचा ना था
दर्द के दरिया में अकेले
डूबना चाहा ना था
कौन कहता बसर है
दिल की चाहत में खुदा
हमने जिसको चाहा था दिल से
वो ही निकला बेवफ़ा
वही गलियां वही राहें
वही सूनी सूनी निगाहें
क्या पता दिल का किसी को
कब बेगाना हो जाएगा
दिल की चाहत है मेरी
तुझको भी ना आये सुकून
क्या पता किस दिन
ये तडप तू पायेगा
-अनुष्का सूरी

Hindi Love Poem for Girlfriend-तेरे न होने की मुझे फिकर तो है

hindipoem1

तेरे न होने की मुझे फिकर तो है,
मेरी ज़ुबाँ पर तेरा ज़िकर तो है,
ढूँढता हूँ तुम्हे मैं बीती हुई यादों में ,
उन चन्द लम्हों की मुलाकातों में ,
कैसे कहुँ तुमसे वो सारी बातें,
बेरुखी सी हो गई है अब हालतें,
किस हद तक तेरा इंतेजार करता हूँ,
अपनी साँसो को हर-पल बेक़रार करता हूँ,

तुमसे खफ़ा होना मुझे आता नहीं,
बिन देखे तुम्हे रहा जाता नहीं,
कैसी ये घड़ी ऋतु लायी है,
उनकी तस्वीर ही मेरे पास बच पायी है,
जब कभी अकेले में रोता हूँ,
भीगी पलकों से उसको देखता हूँ,

अब तो ये मेरी आदत बन चुकी है,
मेरी निगाहें अभी भी उसी पर टिकी हैं,
चलो चलता हूँ, फिर कभी मुलाकात करूँगा,
तेरे जवाब का मै इंतेजार करूँगा ,

-सत्यम राजा