Broken Heart Love Poem-Galti

गलती

बेशक गलती सिर्फ तेरी नहीं,
कुछ मेरी भी होगी

खामोश रातों में आंखें तेरी भी भीगी होगी
यकीन है हमें
तू भी तड़पा होगा भीगी पलकों के साथ
बीते लम्हों की तुझे भी याद आयी होगी
बेशक गलती सिर्फ तेरी नहीं,
कुछ मेरी भी होगी

वो रातों की कुछ शरारतें
जिस में अक्सर नींदें खो जाया करती थी
बेशक तुझे भी याद होगा
कि किस कदर तेरी मुहब्बत में अक्सर आंखें भीग जाया करती थी
बुरा नहीं है तू
बेशक गलती सिर्फ तेरी नहीं
कुछ मेरी भी होगी

रात के आहोश में उस पल तू भी अकेले भीगा होगा
जिस पल तुझे मेरी ज़रूरत सबसे ज़्यादा होगी
बेशक गलती सिर्फ तेरी नहीं
कुछ मेरी भी होगी

महजबीन

कविता का भावार्थ:

यह कविता एक प्रेमिका अपने प्रेमी के विषय में लिख रही है। कविता का शीर्षक “गलती” यह बतला रहा है कि प्रेमिका को अपने प्रेमी के साथ सम्बद्ध टूट जाने पर बहुत अफ़सोस है। इसी कारण वह इस घटना को एक गलती बता रही है। प्रेमिका अपने प्रेमी को यह भी सन्देश दे रही है कि यह गलती केवल उसकी अकेले की नहीं, बल्कि दोनों की बराबर थी। कविता में प्रेम के मिलन की झांकी है एवं विरह की वेदना भी स्पष्ट दिखाई पड़ती है।

Poetry Text with English Translation

Here is the poetry text in English and its meaning:

Galti (Mistake)

Beshaq galti sirf teri nahi, (Without a doubt, the mistake was not entirely yours)
Kuch meri bhi hogi (But also mine to some extent)

Khamosh raato mein ankhein teri bhi bheegi hogi (In silent nights, your eyes must have been wet too)
Yakeen hai hamein (I believe this)
Tu bhi tadpa hoga bheegi palko ke sath (You would have missed me too with wet eyes)
Beete lamho ki tujhe bhi yaad ayi hogi (You would be missing the time we spend together too)
Beshaq galti sirf teri nahi, (Without a doubt, the mistake was not entirely yours)
Kuch meri bhi hogi (But also mine to some extent)

Wo raato ki kuch shararatein (Those naughty acts at night)
Jis mein aksar neendein kho jaya karti thi (Engaged in them, we used to forget our sleep)
Beshaq tujhe bhi yaad hoga (Without doubt, you would have remembered the incidents)
Ki kis kadar teri muhabbat mein aksar ankhein bheeg jaya karti thi (When my eyes used to be wet in your love)
Bura nahi hai tu (You are not bad)
Beshaq galti sirf teri nahi, (Without a doubt, the mistake was not entirely yours)
Kuch meri bhi hogi (But also mine to some extent)

Raat ke ahosh mein us pal tu bhi akele bheega hoga (In the loneliness of night, you would have also cried alone)
Jis pal tujhe meri zarurat sabse zyada hogi (The moment you felt my need the most)
Beshaq galti sirf teri nahi, (Without a doubt, the mistake was not entirely yours)
Kuch meri bhi hogi (But also mine to some extent)

Mehjabeen (Author)

Hindi Poem on Betrayal in Love-Sirf Bewafai Dekhi

ज़िन्दगी में सिर्फ बेवफाई देखी, हमने महफ़िल में सिर्फ तनहाई देखी
वफ़ाओं का मेरी जो सिला दे, मै वो इश्क़ तलाश करता हूं,

ये ज़ख्म जो मिले गहरे हैं बहुत, मेरी खुशियों पे गमों के पहरे हैं बहुत
दर्द को मेरे जो मिटा दे, मैं वो शिफा तलाश करता हूं,

रिश्तों की कश्मकश में उलझा ऐसे, खुद को ही खुद से खो दिया जैसे
वजूद को मेरे जो मुझसे मिला दे, मैं वो आईना तलाश करता हूं,

इबादत को कभी ना छोड़ा हमने, अपने अक़ीदे को ना कभी तोड़ा हमने
जन्नत जो मुझे दिला दे, मैं वो खुदा तलाश करता हूं,

हर अल्फ़ाज़ को जताने की कोशिश है, हर जज़्बात को बताने की कोशिश है
इस बज़्म को जो एहसास करा दे, मैं वो नज़्म तालाश करता हूं

(अरमान )

Sad Miss You Love Poem-Teri Yaadein

तेरी यादें (कविता का शीर्षक)
उल्फत है तेरी कि ये बाहें तुझे पुकारती हैं
हर रोज़ तेरी चाहत में ये तन्हाई मुझे डराती है
खुदा करे ये मुहब्बत तुझे भी एक बार मिले
ये दर्द जो मुझे मिला है तुझे हर बार मिले
टूटे तारे की चमक भी नहीं छुपा सकते
ये दर्द जो सीने में है तुम्हें भी नहीं बता सकते
सोचा था कि वफ़ा मिले गी वफ़ा के बदले
लेकिन तूने इस दिल में बेबसी भर दी
काश इन रुखों में प्यास भर आये
तेरे दिल में मेरे लिए मिठास भर आये
वरना जी रहे थे हम खुदा बंदी में
और मर जायेंगे तुझे याद करते करते
-उबैद ग़ज़ली (कवि)

Teri Yaadein (Your Memories)

Ulfat hai teri ki yeh bahein tujhe pukaarti hain, (I am dying to take you in my arms)

Har roz teri chahat mein ye tanhai mujhe darati hai, (My loneliness scares me every day when I lovingly remember you)

Khuda kare ye mohabbat tujhe bhi ek baar mile, (I pray to God that you also fall in love once)

Ye dard jo mujhe mila hai tujhe har baar mile, (The pain I got, you get it every time)

Toote tarey ki chamak bhi nahi chupa sakte, (You cannot hide the brightness of a shooting star(comet))

Ye dard jo seene me hai tumhein bhee nahi bata sakte, (Similarly, I cannot explain the pain in my heart)

Socha tha ki wafa mile gi wafa ke badle, (I had thought you will be faithful to me)

Lekin tune is dil mein bebasi bhardi, (But you disappointed me)

Kaash in rukhon mein pyaas bhar aye, (I wish you long for me)

Tere dil mein mere liye mithaas bhar aye, (You have good feelings for me in your heart)

Warna jee rahe the ham Khuda bandi mein, (Else I am living in the name of God)

Aur mar jayenge tujhe yaad karte karte. (And will die while remembering you)

-Ubaid Ghazali (Poet)

Sad Hindi Love Poem-Kuch To Asar Hai

कुछ तो असर है (कविता का शीर्षक)
कुछ तो असर है ज़िन्दगी में तेरी दुआओं का,
कि ग़म बहुत है, आँखें भी नम है,
फिर भी जिए जा रहे हैं, धीरे धीरे ही सही पर दो घूँट पीए जा रहे हैं,
एक नीला सा आसमान है, कहने को तो सारा जहान है,
पर तेरे बिना सब मंजर बंजर सब रेगिस्तान है,
ये अहसास मेरे दिल का तेरे दिल से यूं ना जाएगा,
मेरी यादों का ज़र्रा ज़र्रा किस्सा मेरा तुझे सुनाएगा,
मेरी आँखों से गिरता हर एक आँसूं मेरी कहानी तुझे बताएगा,
कहने को तो ज़िन्दगी नदी की बहती एक धारा है,
किस्मत वाले हैं वो जिन्हें मिल जाए जो मिलना किनारा है,
मुक्कमल हो जाए तेरा साथ मेरे साथ में, शायद मेरे हाथ में वो लकीर ही नहीं,
धन दौलत है बहुत पर तेरा साथ ही नहीं, चलो फिर तेरे लिए एक फकीर ही सही,
ये रौशनी, ये हवा, ये ज़िंदगानी सब तेरी ही तो है,
ये कहानी वो जवानी, मेरी रवानी तेरी ही तो है,
तू आकर मेरी यादों में मुझे न गमगीन कर
बहुत मुश्किल से सीखा है जीना, इस तरह से मेरी ज़िन्दगी को न नमकीन कर,
तू कहे तो तेरे नाम को अमर मैं कर दूँ,
मेरा कुछ मोल ना सही तेरी नज़रों में,
पर तू कहे तो कोहिनूर तुझे कर दूँ,
लोग भरते है सागर में गागर, पर तू कहे तो संग जी के तेरे साथ
गागर में सागर मैं भर दूँ।।।।
कोमल सिंह (कवि का नाम)

Kuch To Asar Hai (Title of the Poem)
Kuch to asar hai zindagi mein teri duaon ka, (Your kind wishes have made some impact on my life)
Ki gam bahut hai, ankhein bhi nam hai, (There are so many griefs and my eyes are also wet)
Phir bhi jiye ja rahe hain, dheere-dheere hi sahi par do ghut piye ja rahe hain, (Still I am carrying on with my life and drinking this poison slowly sip by sip)
Ek neela sa asmaan hai, kehne ko to saara jahaan hai, (The sky appears blue and the entire world is there for you)
Par tere bina jab manzar banjar sab registan hai, (But without you every destination is like a barren land, a desert)
Ye ehsas mere dil ka tere dil se yu na jayega, (My feelings won’t disappear from your heart so easily)
Meri yaado ka zarra zarra kissa mere tujhe sunayega, (Each particle of my memories will recite a story to you)
Meri ankho se girta har ek ansu meri kahani tujhe batayega, (Each tear falling from my eye will tell you my story)
Kehne ko to zindagi nadi ki behti ek dhara hai, (Life is life a flowing river)
Kismat wale hain wo jinhein mil jaye jo milna kinara hai, (Fortunate are those who have met their life goals)
Mukammal ho jaye tera sath mere sath mein, shayad mere hath mein wo lakeer hi nahi, (May be your company is not in my destiny)
Dhan daulat hai bahut par tera sath hi nahi, chalo phir tere liye ek fakeer hi sahi, (I have a lot of material wealth, but I do not have your company; I am like a beggar for you)
Ye roshni, ye hawa, ye zindgani sab teri hi to hai, (This light, this wind, this life- all are yours)
Ye kahani wo jawani, meri ravani teri hi to hai, (This story, our youth, my enthusiasm are all yours)
Tu akar meri yaado mein mujhe na gamkeen kar, (Please do not make me sad by appearing in my memories)
Bahut mushkil se seekha hai jeena, is tarha se meri zindagi ko namkeen na kar, (I have learnt living without you with a great difficulty, please do not make my life tougher)
Tu kahe to tere naam ko amar main kar du, (If you say I can make your name immortal)
Mera kuch mol na sahi teri nazro mein, (I may not have any value in your eyes)
Par tu kahe to kohinoor tujhe kar du, (But if you say I can turn you into a Kohinoor (diamond))
Log bharte hain sagar mein gagar, par tu kahe to sang ji ke tere sath, (People fill their pots from ocean, but if you say, while living with you)
Gagar mein sagar main bhar du (I can गागर में सागर मैं भर दूँ।।।।
Komal Singh (Poet)

Sad Poem for Him-Tumse

तुमसे
उस एक दिन जब बातें शुरू हुई तुमसे
लगा कुछ तो अलग सा है तुम में
लगा कुछ तो नया सा है तुम में
फिर रोज़ की बातें होती गयी
और यूं बिना सोचे पिघलती रही मैं उन में
यूं ही बिना समझे फिसलती रही उस रास्ते पे
हाँ पता था मुझको दोबारा उसी रास्ते जा रही हूँ जहाँ गम बहुत हैं
पर गम की क्या बिसात यहाँ तुम्हारा साथ बहुत है
उस दिन जब पहली मुलाकात हुई तुमसे
लगा जैसे मैं खुद को मिल गयी
मेरे अंदर की मुरझाई कली खिल गयी
फिर तुम्हारा मुझको छूना
चूमना मुझको गले लगा कर
कसम से मेरे अंदर कुछ तो कमाल कर गया
बहुत दिनों से शांत मेरे मन में सवाल कर गया
फिर मिलना हुआ और मिलते रहना हुआ
तुम्हारी बातें तुम्हारी आँखों से पढ़ना हुआ
तुझको ढूंढ कर तुझमें ही खोना हुआ
सच, ये एक प्यार सिर्फ तुमसे कई हज़ार बार हुआ
फिर हुआ कुछ बुरा
शायद उपरवाले की मर्ज़ी थी
तेरा मुझसे कई दफे रूठ जाना हुआ
मेरा तुझको हर दफे मनाना हुआ
और हर आंसू के बाद भी
दुआ में उठे हाथ
और झुकी नज़रों में तेरी खैरियत का आना हुआ
-अश्वनी कुमार

Tumse
Us ek din jab baatein shuru hui tumse (That day when I started talking to you)
Laga kuch to alag sa hai tum mein (I felt you were different from others)
Laga kuch to naya sa hai tum mein (I felt that there is something new in your personality)
Fir roz ki baatein hoti gayi (Then, we started talking on a daily basis)
Aur yoon bina soche pighalti rahi main un mein (And I started falling for you)
Yoon hi bina samjhe fislati rahi us raste pe (I started walking on the path of love without thinking much)
Haan pata tha mujhko dobara usi raste jaa rahi hoon jahan ghum bahut hain (Yes, I was aware that I am again walking on the path that is full of sorrows)
Par gam ki kya bisaat yaha tumhara saath bahut hai (But who worries about sorrows when you are by my side)
Us din jab pehli mulaqaat hui tumse (That day when I met you for the first time)
Laga jaise main khud ko mil gayi (I felt as if I met myself)
Mere andar ki murjhayi kali khil gayi (I regained my motivation)
Fir tumhara mujhko chuna (Then your touch)
Chumna mujhko gale laga kar (Kissing me while embracing me)
Kasam se mere andar kuchh toh kamaal kar gaya (I swear, it changed me)
Bahut dino se shaant mere man mein sawal kar gaya (It created questions in my peaceful mind)
Fir milna hua aur milte rehna hua (Then I kept seeing you and meeting you)
Tumhari baatein tumhari aankhon se padhna hua (I read your eyes while we talked)
Tujhko dhundh kar tujh mein hi khona hua (I felt lost in you)
Sach… Yeh ek pyar sirf tumse kai hazaar baar hua (I fell in love with you a thousand times)
Fir hua kuch bura (Then something bad happened)
Shayad uparwale ki marzi thi (Maybe, it was God’s will)
Tera mujhse kai kai dafe rooth jana hua (You were annoyed with me many times)
Mera tujhko har dafe manana hua (I tried to console you each time)
Aur har aansoo k baad bhi (And even after every tear)
Dua mein uthe hath (I prayed for you)
Aur jhuki nazaron mein teri khairiyat ka aana hua (And I got to know that you are doing fine)
-Ashwani Kumar