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Painful Love Story-तेरा ही इंतज़ार था

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आ गयी तू मुझे तेरा ही इंतज़ार था …
तुझे शायद नहीं पता होगा, मैं कितना बेक़रार था

खैर, पता है जब तू यहाँ नहीं थी
तो मेरे साथ क्या हो रहा था
मैं तो आँखें बंद करके सो रहा था
फिर भी लोग कहते हैं की मैं रो रहा था

अब उन नासमझों को कौन समझाए
क़ि वो मैं रो नहीं रहा था
वो तो अंदर का सैलाब बह रहा था
तुझे तो पता होगा कि मैं रोता नहीं
हर आंसू में तस्वीर है तेरी
इसीलिए मैं उनको खोता नहीं

अरे यार तू कुछ बोलती क्यों नहीं
पहले की तरह ये अश्क़ मेरे पोंछती क्यों नहीं

पता है जब तू गयी थी
तो सब बोलते थे
कि जो चले जाते हैं वो कभी लौटते नहीं
पय मुझे यकीं था, की तू आएगी
क्योंकि तू प्यार है मेरा
और जज़्बात कभी मरते नहीं

पर खफा हूँ तेरे उस धोखे से
तूने बिना मांगे जो दिया उस तोहफे से
माना मैंने कहा था
अपना दिल देदे मुझे
इसका ये मतलब नहीं
पगली दिल देके ज़िन्दगी देगी मुझे
जब होश आया डॉक्टर ने बताया सब,
रुक गयी मेरी सब सांसें तब
फिर फैसला किया
मैं भी आरहा हूँ तेरे पास
पर फिर डिल से आई आवाज़ तेरी
पगले हूँ तो मैं तेरे साथ

याद है तुझे
वो रास्ते जो
तुझे बहुत पसंद थे
अक्सर आज भी मैं
वहां से गुज़रा करता हूँ
जो तू मुझे बातें करती
उन रास्तों पर वही आवाज़ें सुना करता हूँ मैं

तू यहाँ नहीं थी
तो तेरे लिए कविता लिखता था
अक्सर कागज़ के पन्ने
हवा में फेकता था
अब तू कहेगी, ऐसा क्यों?
क्या मैं पागल हो गया था?

पर मैं उन पन्नो पर
तेरी ही खुशबु खोजता था
अगर इसे पागलपन कहते हैं,
तो हाँ यार मैं पागल हो गया था

-नितेश गौर (बृजवासी)

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Hindi Poem on Lost Love-बेवफ़ा कहेंगे उनको 

बेवफ़ा कहेंगे उनको broken-heart-1
ये कभी सोचा ना था
दर्द के दरिया में अकेले
डूबना चाहा ना था
कौन कहता बसर है
दिल की चाहत में खुदा
हमने जिसको चाहा था दिल से
वो ही निकला बेवफ़ा
वही गलियां वही राहें
वही सूनी सूनी निगाहें
क्या पता दिल का किसी को
कब बेगाना हो जाएगा
दिल की चाहत है मेरी
तुझको भी ना आये सुकून
क्या पता किस दिन
ये तडप तू पायेगा
-अनुष्का सूरी
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Hindi Love Poem for Him-इंतज़ार

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इंतज़ार-आखिर कब तक?

अनजानी राहों पे इंतज़ार किया करती हूँ,
हज़ारों की भीड़ में बस तुझे तलाश किया करती हूँ,
कुछ पल के लिये तो ये राहें भी साथ देती हैं,
थोड़ा चलके साथ आगे तन्हा छोड़ देती हैं,
आंसू जब भी आते हैं मेरी आँखों में,
मेरी नज़रें बस तेरा दामन तलाश करती हैं,
जब नहीं मिलता है दामन तेरा,
जी भर के पलकें भिगोया करती हैं,
रास्ते भी ये देख के मुझपे हंसा करते हैं,
देखके मेरी बेबसी का ये मंज़र,
या खुदा मुझे अब मिलादे बिछड़ने वालों से,
लोग मेरी बेबसी का मज़ाक बनाने का इंतज़ार किया करते हैं|

-कविता परमार

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Hindi Love Poetry, Love Shayari-मेरा क्या कसूर

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मेरा क्या कसूर
निगाहें तेरी कातिलाना हैं
इस में मेरा क्या कसूर?
खूबसूरत तू बेपनाह है
दीवाना मैं हो रहा हूँ
इस में मेरा क्या कसूर?
देखती हो जिस अदा से मुझको
प्यार तुमसे करने लगा हूँ
अपनी निगाहों को तुझे देखने से रोक ना पाऊँ
इस में मेरा क्या कसूर?
दिल कहता है कहीं और चल
पर कदम तेरी ओर खुद ही बढ़ जायें अगर
इस में मेरा क्या कसूर?
ख्वाब भी परेशन हैं
नींद भी हैरान है
मेरे सपनों में अब रोज़ रोज़ अगर तुम आओ
इस में मेरा क्या कसूर?
जब भी लिखता हूँ कविता कोई
अपने आप दिल की कहानी लिख जाती है ये मेरी कलम
इतना याद अगर तुम आओ
इस में मेरा क्या कसूर,
सहमे सहमे लबों से बोलना
शुरू कर दिया है तुमसे
पर ये ज़ुबान सिर्फ प्यार के ढाई अक्षर
अगर तुमसे कहना चाहे
इस में मेरा क्या कसूर?
-गौरव
Mera Kya Kasoor
Nigahein teri katilana hain
Is mein mera kya kasoor,
Khubsurat tu bepanah hai
Deewana main ho raha hoon
Is mein mera kya kasoor,
Dekhti ho jis ada se mujhko
Pyar tumse karne laga hoon
Apni nigahon ko tujhe dekhne se rok na paaoon
Is mein mera kya kasoor,
Dil kahta hai kahin aur chal
Par kadam teri ore khud hi badh jayein agar
Is mein mera kya kasoor,
Khwab bhi pareshan hain
Neend bhi hairan hai
Mere sapnon mein ap roz roz agar tum aao
Is mein mera kya kasoor,
Jab bhi likhta hoon kavita koi
Apne ap dil ki kahani likh jati hai ye meri kalam
Itna yaad agar tum aao
Is mein mera kya kasoor,
Sahme sahme labon se bolna
Shuru kr dia hai tumse
Par ye zuban sirf pyar ke dhai akshar
Agar tumse kahna chahe
Is mein mera kya kasoor.
-Gaurav
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Hindi Love Poem-आज फिर

आज फिर ये लम्हा
कुछ रुक कर कुछ कह रहा है..
आज फिर ये समा
एक अजीब कसक सी खामोशी में रह रहा है..
आज फिर ये धड़कन
कुछ तेज़ तो कुछ धीमी है …
आज फिर कदमों से
दूर लगती ये ज़मी है..
आज फिर कोई दिल को
इस कदर सता रहा है..
आज फिर कोई दूर जाने का इशारा करके 
पास बुला रहा है..
आज फिर दिल से 
एक फरियाद आ रही ह़ै 
आज फिर दिल को तेरी
बहुत याद आ रही है …..

-रवि 
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Hindi Love Poetry-दिल का दर्द

दिल का दर्द – हिन्दी प्रेम कविता

दिल में दर्द होठों पे मुस्कुराहट हो
ऐसा लगे ज़िंदगी से कोई शिकायत ना हो
फिर ज़िंदगी भी क्या याद करेगी
खुदबखुद फरियाद करेगी
कहेगी शामिल करलो मुझे भी खुद में
बस खुशामद आपकी करना 
उसकी ज़रूरत रहेगी

-गुमनाम कवि

Dil ka dard – Hindi Prem Kavita

Dil mein dard hotho pe muskurahat ho
Aisa lage zindagi se koi shikayat na ho
Phir zindagi bhi kya yad karegi
Khudbakhud fariyad karegi
Kahegi shamil karlo mujhe bhi khud mein
Bas khushamad apki karna
Uski zarurat rahegi

-Gumnam  Kavi

English Translation of the poem for non-Hindi readers:

The pain of heart – Hindi Love Poem

Pain in the heart and a smile on the face
It should seem that there are no complaints from life
Then life will realize the fact
It will request by itself
It shall say please include me in yourself
Just pleasing you
Will be its necessity

-Anonymous Poet

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Hindi Love Poem -याद

तेरी यादों के सायों ने मजबूर कर दिया
आँखों की नमीं ने आँखों को नॅम कर दिया
पल पल तेरी यादों ने जुदाई के बादल ला दिये
पल पल भीगे थे जो तेरे एहसास मेरे साथ उन एहसासों के साये ला दिये
आँखों की नमी भी आँखों में समां न सकी
पहलू मैं छुपके मेरे दर्द की वजह बन गयी
धीरे से आके समाने लगी वो नमीं मेरे हाथों में
तेरी खुशियों की दुआ बन गयी
जिसे करता हूँ इतना प्यार उसकी खुशी ही मेरे जीने की वजह बन गयी