दर्द के साये मे भी दिल बहलने लगा,
मेरे आंसुओं का रंग भी बदलने लगा,
इतने करीब आकर उसने ज़ख्म दिये मुझे,
सांसें चलती रही पर दम निकलने लगा,
मेरी राहों मे हज़ार कांटे बिखेर कर,
अब वो खुद मेरा हमसफर बनने लगा,
उसके दिये जख्मो मे मैं प्यार तलाश करती रही,
वो मुझे प्यार करते-करते दर्द मे डुबाने लगा |
Tag: उदास हिंदी ग़ज़ल
Hindi Poem-जाहिल कहो पागल कहो
जाहिल कहो पागल कहो – हिन्दी प्रेम कविता
जाहिल कहो पागल कहो
आवारा कहो मजनू कहो
मैं बुरा न मानूँगा
आशिक़ हूँ तुम्हारा
मीठे बोल बोलो या गाली दो
मुझसे मुँह फेरो या हँस के मिलो
मैं बुरा न मानूँगा
दीवाना हूँ तुम्हारा
दिल में रखो या दिल से निकालो
ज़िंदा रखो या मुझे मार डालो
तुमको मैं ना भूलूँगा
महबूब हूँ तुम्हारा
Hindi Love Poem for Girlfriend-किस नाम से पुकारूँ तुझे
किस नाम से पुकारूँ तुझे समझ नहीं पाता
क्या कहूँ महरबां या कहूँ हसीना
हाय ये तेरी झील सी आँखें
मीठी मीठी तेरी बातें
तेरे भूरे भूरे बाल
उफ ये तेरी मतवारी चाल
इतना कर देती हैं मुझको घायल
कि पूछता हूँ खुद से एक ही सवाल
किस नाम से पुकारूँ तुझे
मेरी प्यारी मेरी सुंदरी मेरी जान



