Sad Hindi Love Poem-Ek Sahara Mila Tha

एक सहारा मिला था (कविता का शीर्षक)

एक सहारा मिला था,
जीवन में आगे बढ़ने के लिए
आज वो भी छूटा सा नज़र आ रहा है
जो बनाया था कभी सपनों का महल,
आज वो भी टूटा से नज़र आ रहा है
जीवन की नदी पार करने का
कोई किनारा नहीं दिखाई पड़ता,
बस चारों ओर समंदर नज़र आ रहा है
उलझ गया है पंक्षियों का आशियाना,
हर तरफ बस बंजर ही नज़र आ रहा है
जिंदगी तो तेरे साथ थी मेरे यार,
अब तो मौत ही हमसफ़र नज़र आ रहा है
-निहारिका चौधरी (कवयित्री)

English Translation for International Readers:

Ek Sahara Mila Tha (I had found a refuge)

Ek sahara mila tha (I had found a refuge),

Jeevan mein age badhne ke liye (To progress in life)

Aaj wo bhi chuta sa nazar araha hai (Today that too is appearing to go away)

Jo banaya tha kabhi sapno ka mahal (The palace of my dreams that I had made)

Aj wo bhi tuta sa nazar araha hai (Today it appears to be broken)

Jeevan ki nadi paar karne ka (To cross the river of life)

Koi kinara nahi dikhai padta (I do not see any bank)

Bas charo or samandar nazar araha hai (I only see water on all the four sides)

Ulajh gaya hai pakshiyo ka ashiyana (The nest of birds has become complicated)

Har taraf bas banjar hi nazar araha hai (I only see drought everywhere)

Zindagi to tere sath thi mere yar (I had a great life with you my friend)

Ab to maut hi hamsafar nazar araha hai (Now, I only see death as my companion).

-Niharika Chaudhary (Poet)

Hindi Love Poem on Relationship-Rishtey Ki Ehmiyat

रिश्ते की एहमियत
जड़ों में ज़ख्म लग जायें
तो शाखें सूख जाती हैं,
मिले हों मन अगर
तो बातें रास आती हैं,
दो लोगों की ज़रूरत को
कोई क्या जान पाया है,
जुदाई एक दूजे की
अहमियत को बताती है ।
भदौरिया निहारिका (रचनाकार )

Meaning with English Translations (for international and non-Hindi readers):

Rishtey Ki Ehmiyat (The Importance of a Relationship)

Jadon mein zakhm lag jayen

If the roots of a tree are injured

to shakhein sookh jati hain,

then its branches become dry,

Mile ho man agar

If the hearts are in a sync

to batein raas aaati hain,

then the talks of each other are appreciated by both,

Do logon ki zarurat ko

The needs of two people (couple)

koi kya jaan paya hai,

who else can understand them,

Judai ek duje ki,

Separation makes a couple aware

ehmiyat ko btati hai.

about the importance of each other (in their life).

Bhadauriya Niharika (Poet)

Hindi Love Poem for Her-Hawa Ke Jhonke

हवा के झोंके
मैंने सांस ली अपनी छत से…एक झोंके से वो उड़ चली
तू थी कहीं मीलों दूर अपनी छत पे…तेरी भी सांसें उड़ चली
मैंने सोचा कि मिलना तो ना था हमारे मुक़ददर में लिखा
मगर….
कहीं ना कहीं वह हवाएं जाती होंगी
जहां हमारे सांसें टकराती होंगी…
जो कुछ हम कह न सके कभी
वह मिलके अपनी दास्तान सुनाती होंगी ।
आयुष पांडे

Hindi Love Poem – Veh Pal

‘वह पल’

सालों का इंतज़ार एक पल बनके खड़ा था

चाह तो थी कुछ और लेकिन समय विपरीत ही चल पड़ा था ।।

पल की नज़दीकी क्षणिक और थी

समय का चक्र भी मानो स्थल सा पड़ा था ।।

आते ही उसके मैं समझ से बाहर खड़ा था

मानो किसी बंजर जमीन को पानी का स्पर्श मिला था ।।

चाहता तो था उसे रोकना पर इस भाग-दौड़ भरी जिंदगी में

खुद को साबित करना अभी बाकी बचा था ।।

-सुमित रघुवंशी

How to read:

Vah Pal

Salo ka intzar ek pal banke khada tha

Chah to thi kuch aur lekin samay vipreet hi chal pada tha

Pal ki nazdeeki shanik aur thi

Samay ka chakra bhi mano sthal sa pada tha

Aate hi uske mai samajh se bahar khada tha

Maano kisi banjar zameen ko paani ka sparsh mila tha

Chahta to tha usey rokna par is bhag-daud bhari zindagi mei

Khud ko sabit karna abhi baaki bacha tha.

-Sumit Raghuvanshi

Hindi Love Poem on Midnight Romantic Thoughts-Raat Ki Khumari

रात की खुमारी 

मूक अँधेरी रात में
किसने छेड़ी बांसुरी की विरह तान 
कसमसाती हैं कलियाँ 
सनसनाते हैं कुछ गुमसुम अरमान 
बहती चपल बयार 
दिल का दुखड़ा कोई गुनगुनाती है 
साजन की याद में 
तड़पती विरहन कोई कुनमुनाती है 
चाँद है बरसाता 
नभमंडल से स्वेत अनुरागी कण 
धरा चूमती जिनको 
रसीले अधरों से हर-पल हर-क्षण
अप्सरा करती श्रृंगार 
थामकर हाथों में अलौकिक दर्पण 
झिलमिल तारे झूमकर 
करते शुभ बेला में यौवन अर्पण 
पारदर्शी हिम शिखर
आईनेदार दरख्तों पर खड़ी है
सफ़ेद आँचल तले 
उजली हिरे मोतियों से जड़ी है
मौन अमलतास की 
कोमल पत्तियाँ देखो चुलबुलाती हैं 
ओस की रेशमी बूंदें 
चांदनी की फुहार में कुलबुलाती हैं
भोर अभी आना मत 
मनभावन चांदनी अभी कुँवारी है
जवां है इक मधुशाला
बावली रात की अजीब खुमारी है 

-किशन नेगी ‘एकांत’

Waiting for Love Hindi Poem: Arzoo

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आरज़ू
शून्य घोर चित्त चंचल में एक दबी है आरज़ू,
तुम्हारी रोज़ की तकरार की आरज़ू,
हमारी भीनी अनदेखी, मुस्कुराहट की आरज़ू,
मेरी भीतर गुज़रती हर कसक की आरज़ू,
तुम रुस्वाई की बात करते हो,
तो समन्दर सी अश्कों से ढलने वाली आरज़ू,
लगता है उधार दी है मैंने तुम्हैं सांसे अपनी,
इन अधूरी सांसो में कटती जिदंगी की आरज़ू,
इतंजार, उम्मीदें और अहसास सब बिखरा सा है,
टूटती निगाहों में लुटती पनाह की आरज़ू,
आखिरी बार जब तुम कहते हो!! ना रहा कुछ,
तो निर्धन सी, यादों की धनी होने की आरज़ू,
अनजान से पहचान का लम्बा सफर गुज़रा,
अब पहचान से अपनेपन की आरज़ू,
तुम जीवन की मांग करते हो,
मेरी तुम संग जीकर मरने की आरज़ू,
ज़माना क्या कहता है!!!!
ना खबर मुझे!! खबरहीन बेसुध,
मेरे इकरार और तुम्हारे इनकार की आरज़ू!!!!!!
डाॅ. अवन्तिका