Sad Hindi Love Poem on Pain-मेरा गम

Hindi Love Poem on Pain-क्यों?

Miss my love Hindi poem-बस और नहीं

Hindi Love Poem-आज फिर
आज फिर ये लम्हा
कुछ रुक कर कुछ कह रहा है..
आज फिर ये समा
एक अजीब कसक सी खामोशी में रह रहा है..
आज फिर ये धड़कन
कुछ तेज़ तो कुछ धीमी है …
आज फिर कदमों से
दूर लगती ये ज़मी है..
आज फिर कोई दिल को
इस कदर सता रहा है..
आज फिर कोई दूर जाने का इशारा करके
पास बुला रहा है..
आज फिर दिल से
एक फरियाद आ रही ह़ै
आज फिर दिल को तेरी
बहुत याद आ रही है …..
Hindi love poem on emotions of the heart-दिल के ख्वाब
ये दिल कितना पागल है हर पल तेरे ही ख्वाब ये बुनता हैरहता है मेरे सीने में धड़कन पर तेरी ही सुनता हैकभी अकेले में हंसता हैकभी सामने रखी तेरी तस्वीर से हज़ारों बातें करता हैये दिल को ना जाने क्या हो गया हैकभी गुदगुदाके तेरे खयालों को याद दिलाता हैकभी सटा के तुझको छेड़ता हैकभी प्यार से मनाके गले लगता हैये दिल को ना जाने क्या हो गया हैकभी ख्वाहिशों के महल बनता हैरहता है उसमें तेरे साथ प्यार के हज़ारो गीत वो दीवाना दिल तेरे लिये गाता हैये दिल जैसा भी है नटखट है शैतान हैतेरा है तुझसे प्यार करता हैये दिल कितना पागल है हर पल तेरे ही ख्वाब ये बुनता है
-गौरव
Hindi love poem on long distance love-दूरियाँ

नहीं देखता उनके जिस्म की सुंदरता उनकी रूह में बस जाना चाहता हूँ
करके बेपनाह प्यार उन्हें उनके दिल से चुरा लेना चाहता हूँ
वो कहते हैं दूरियां हैं जिस्मों की हम कहते हैं बेपनाह प्यार है
भले ही दूर हैं तेरे जिस्म से पर तेरे हुस्न की सादगी के बहुत पास हैं
ना समझना ये प्यार है इस जन्म का ये प्यार तो है बरसों के एहसासों का
हर बार जन्म लेते हैं तुझे पाने के लिये पर कभी तुझे ना पा पते हैं
बस रूह मैं बसे रहते हैं तेरे उसी रूह के साथ फ़ना हो जाते हैं
कभी गम ना रहा की तुझे छू ना सके
हम तो फक्र से कहते हैं बिना छूए ही हम हर बार हर जन्म उनकी रूह में बस जाते हैं
-गौरव


