Hindi Love Poem-पता न चला

पता न चला, मै कहाँ खो गया
उसके जुल्फों के नीचे,
सहर हो गया एक मुस्कान जो,
उसने मेरे नाम की तो पूरे शहर मे,
कहर हो गया अब तो दबे पाँव,
मिलने लगी तो सारा जमाना,
लहर हो गया पूरी दुनिया जली,
उसने उल्फत जो की तो मै उसके लिए,
हमसफ़र हो गया इतने जख्मों को देखा,
खुदा भी रोया तो राधा का गोबिंद, गिरिधर हो गया

-गोविंद जी राय

Pata n chala, Mai kaha kho gaya
Usake julfo ke niche,
Sahar ho gaya Ek mushkan jo,
Usane mere naam ki to pure shahar me
Kahar ho gaya ab to dabe pawn,
Milane lagi to saara jamana
Lahar ho gaya puri duniya jali,
Usane ulafat jo ki to mai usake liye,
Hamsafar ho gaya etane jakhmo ko dekha,
Khuda bhi roya to radha ka gobind, giridhar ho gaya

-Gobind Ji Rai

Leave a Reply