प्यार के नगमें खोजने चला है दिल

प्यार के नगमें खोजने चला है दिल
अब मैं सजा लूं वीरान इस दिल की महफ़िल
कभी तो बात कर मुझसे कभी तो आकर मिल
तेरी यादों में ही गुज़रते हैं अब मेरे रात और दिन
अब जुदाई न सही जाये हो गयी है बड़ी मुश्किल
अब आजा पास मेरे ऐ मेरे हसीन कातिल

Leave a Reply