Longing for Love Poem – Kash Kash


काश…काश…

कहने की हैं बातें
डरता हूँ
जब सोता हूँ रातें
सोचता हूँ

काश हम मिलें
कुछ बोलें
दर्द सिले
कुछ न टोले

चाहता नहीं हूँ
पर चाहता भी हूँ
क्यों यह रिश्ता
नहीं जाता बरिस्ता

चलो कुछ लम्हों के लिए
बन जाओ मेरे लिए
मैं रहूँ तुम्हारी बाहों में
और तुम मेरी सांसों में

काश …काश …

-रोहन भरद्वाज

Hindi Poem Longing for Love – आखरी ख्वाहिश


 

इस ज़िन्दगी का खूबसूरत सपना हो तुम
कह सके ये दिल जिसे अपना वो हो तुम
पतझड़ सी ज़िन्दगी में आई हसीन बहार हो तुम
इस जीवन रूपी गर्मी की ठण्डी फुहार  हो तुम
सर पर चढ़ता हुआ जूनून हो तुम
इस दिल को राहत देने वाला सुकून हो तुम
रब की करी हुई दिलक़श  साज़िश हो तुम
मेरी ज़िन्दगी की अब आखरी  ख्वाहिश हो तुम

– मोनिका मखारिया

Is zindagi ka khoobsurat sapna ho tum
Kah sake ye dil jise apna wo ho tum
Patjhad si jindagi me Aayi haseen bahaar ho tum
Is jeevan roopi garmi ki thandi phuhaar ho tum
Sar par chadhata hua junoon ho tum
Is dil ko raahat dene wala sukoon ho tum
Rab ki kari hui dilkash saazish ho tum
Meri zindagi ki ab Akhari khvahish ho tum

-Monika Makharia