Hindi Poem for Girlfriend – दिल कहता है

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मेरे दिल की अावाज़ है तू
प्रेम के सुर का साज़ है तू
अांखो से छलकती बरसात है तू
होठों से अनकही बात है तू
औरों के लिए होगी तू अप्सरा
मेरे लिए तो मुमताज़ है तू
दिल कहता है मेरा
तुझको दिल से पुकारूं
कभी तेरी जुल्फों से खेलूं
कभी तेरे बिखरे बाल सवारूं
कभी तुझको छू लूँ
कभी तुझको पा लूँ
कभी तुझको पूजूं
कभी तुझको चाहूँ
कभी यूँ ही मैं तुझको
अपना बना लूँ
-अनुष्का सूरी 

Hindi Love Poem- इश्क़ से अंजान

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माही मेरे इश्क़ को ना समझे मेरा यार,
गहरा बहुत है दिल मे मेरे आज तेरा प्यार,
तुझमे ही मैं खोई रहती,तुझको ही मैं सोचती,
सारी दुनिया बोलती जोगन बनी मैं यार,
मेरे दिल की सबने जानी पर वो वाबरा अंजान है,
वही कुछ नहीं जनता जिसे करूँ मैं प्यार,
जिसको सोचके हँसती हूँ,जिसमें ही मैं खोती हूँ,
जिसमे जीवन के रंग सजे,बस बना रहा वही मेरे इश्क़ से अंजान,
सच कहा है दुनिया ने जोगन तेरे इश्क़ को ना समझे तेरा यार,
करती है तू कितना उसको अपने दिल से प्यार,
बस बना रहा वही वाबरा इश्क़ से अंजान,तेरे इश्क़ से अंजान।

– गौरव

Hindi Love Poem – एक मीठा एहसास

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प्यार का पता नहीं की वो क्या होता है। पर जब हम मिलते हैं
एक अजनबी से तो सब कुछ बदल जाता है।
उसकी छोटी छोटी बाते बहुत हँसाती हैं।
और दिल है की एक खुद की ही दुनिया बसा लेता है।
शायद किसी अजनबी का साथ जो दिल को अच्छा लगने लगे वही प्यार होता है।
चलिये  प्यार के कुछ ऐसे ही रंग तलाशते हैं
एक नये प्यार की सुगबुगाहट हुई, दिल से दिल की कुछ बात हुई,
कशमकश में था ये दिल मेरा की कैसे ये दिल की हालत हुई,
सोचती रही रात भर तुमको,और सुबह की भी आहट हुई,
हिम्मत करके दिल ने मुझे संभाला,
और घबराते हुए बातो की शुरुआत हुई,
मैँ थी घबराई पर देखा जब पहली बार तुमको,
दिल में पुरानी सी जान पहचान सी निकल आई,
दिल बस तुमको ही सुने लगा।हर वक़्त तुमको ही जीने लगा,
कैसे ये दिल वगावत कर बैठा जो तुमसे मिलने चली आई,
होके मजबूर दिल से बस आके तुझमे समाई,
तुम्हारी हर बात अच्छी लगती है शहद सी घुली लगती है,
जो हुआ न था आज तक क्या वो मुझको हो गया,
ए मेरे अजनबी हमसफ़र क्या तुमसे प्यार हो गया,
अब तो तेरा जिक्र आते ही हया का एहसास होता है,
घूंघट में शर्म के छुपके दिल का हाल बेहाल होता है,
दोस्तों की बातों में भी वो हँसी नहीं  आती,
पर जिक्र आते ही तेरा हँसी मुझमें कहीं बस सी जाती है,
जो नाम था अजनवी आज वो अपना हो गया,
कोरे कागज पे हाँथो से लिख देती हूँ,
हथेली को मेहबूब की मेहंदी में घोल देती हूँ,
कैसा ये हाल बेहाल हो गया शायद  उस अजनबी से प्यार हो गया,
अब तो हर वक़्त तेरा ही ख्याल रहता है,
शाम से ही ढली रात का इंतज़ार रहता है,
उन्ही के ख्याल पर दिल हैरान रहता है,
बस देख लूँ एक बार फिर उनको यही दिल बार बार कहता है,
हाल ये मेरा कैसा हो गया है,शायद उस अजनबी से प्यार हो गया है,
एक पल में कोई अपना बना गया,
जो मेरा था दिल का चैन वो चुपके से ही चुरा गया,
एक बार कहा उसने आँखे तुम्हारी खूबसूरत हैं,
होंठ  भी बेमिसाल हैं, सादगी के रंगो से सजी हो तुम,
इतना तो मैं भी नही जानती थी खुद को जितना वो मुझको बता गया,
मुझमे समाके खुद से बेगाना बना गया,
शायद यही तो प्यार है की एक अजनबी कैसे अपना हो जाता है,
उसकी छोटी छोटी बातों पे भी प्यार नजर आता है,
करेला था जो कडुवा कभी वही शहद सा मीठा हो जाता है,
होता है जो अजनबी बरसों से दूजे पल वही दिल में समाता है,
उसी अजनबी से प्यार हो जाता है।
-गौरव

Hindi Love Poem on College Love

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तेरी यादों में लिखे कुछ खत मुझसे बात किया करते हैं,
याद करता हूँ हमारी मुलाकात को तो एहसास प्यार का दिया करते हैं,
कहते हैं उन पलों की कहानी जब तेरी यादों में घंटो इंतज़ार किया करते थे..
लिखते थे खत हज़ारों इंतज़ार ए मुहब्बत में पर तुमको ना दिया करते थे ,
और धीरे धीरे वो वक़्त की धारा भी बह गयी,,
तुमसे विदाई का पल भी आ गया,
नाम थी हमारी पलकें जुदाई के बादल भी छा गये,
बस सोचते रहे की कुछ पलों में तुम नज़रों से दूर हो जाओगे,
फिर दिल की धड़कन को अचानक क्या हो गया,
कुछ पल थम सी गयी हमारी सांस भी
जब उन्होने दिल पे हाथ रख दिया,
इज़हार जो मुहब्बत का हम ना कर पाये
तीन सालों में वो प्यार का इज़हार उन्होने कर दिया,
बस देखते रहे उनको हम फिर गले से उनको लगा लिया,
करते हैं बेपनाह प्यार हम भी उन्हें, उनको ये जता दिया,
फिर वो मुस्कुराये एक पल
प्यार के वो खत हम से उन्होने मांग लिये,
हम भी कुछ पल रह गये स्तब्ध,
और वो ये कहके गले हम से लग गये,
कि आप के लिखे खतों की खुश्बू हमको पहले साल ही छू गयी,
बस करते रहे इसलिये इंतज़ार की इज़हार ए मोहबत आप कर दोगे,
पर दिल ने कहा अब ना सह पायेगा ये दूरी तुमसे,
ये दिल की आवाज़ सुनके प्यार का पहला इज़हार हम ही आपसे कर गये.
-गौरव

Hindi Love Poem – चाँद

छुपता हुआ चाँद
बादलों के दरमियां अटखेलियाँ बहुत करता है
कभी खूबसूरत ख्वाब दिखाता
तो कभी तेरी याद दिलाके मुझे सताता
मैं भी दीवाना हूँ अपने चाँद का
जो दीदार कराता है अपने हुस्न का घूँघट की ओठ से
और वो घूँघट ही उसका बिखर जाता है
मेरे दिल पे प्यार की चांदनी बनकर

Romantic Poetry- तेरे लिये ही

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तेरे लिये ही सजती हूँ सँवरती हूँ
होती हूँ मैं अच्छे से तैयार
कभी तो फुरसत से
मुझको भी तू ले निहार
ये मेरे माथे की बिंदिया
हाथों की मेरी चूडियाँ
तुझको पुकारती हैं सजना
आजा अब कैसी मजबूरियाँ

– अनुष्का सूरी

Romantic Hindi Poem -मेरे दिल में तू ही तू है

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मेरे दिल में तू ही तू है

और किसी की जगह नहीं है

तू ही मेरा खुदा है

तू ही मेरा मज़ा है

तू ही मंज़िल है

तू ही रास्ता है

तुझे छोड़ के

किसी और से क्या वास्ता है

तू मिले तो ख़ुशी है

तेरे बिना जीना सजा है

– अनुष्का सूरी

Hindi Love Poetry-तू कहाँ है

रात का समां है
तू कहाँ है
सूना मेरा जहां है
तू कहाँ है
तारों से सजा आसमां है
तू कहाँ है
तेरी खुश्बू भरी हवा है
तू कहाँ है
दिल का दर्द यूं बयाँ है
तू कहाँ है
आजा पास तुझसे इल्तजा है
तू कहाँ है