
मेरे दिल में तू ही तू है
और किसी की जगह नहीं है
तू ही मेरा खुदा है
तू ही मेरा मज़ा है
तू ही मंज़िल है
तू ही रास्ता है
तुझे छोड़ के
किसी और से क्या वास्ता है
तू मिले तो ख़ुशी है
तेरे बिना जीना सजा है
– अनुष्का सूरी
Hindi Love Poems| प्रेम कविता |Romantic Poems|Prem Kavita
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मेरे दिल में तू ही तू है
और किसी की जगह नहीं है
तू ही मेरा खुदा है
तू ही मेरा मज़ा है
तू ही मंज़िल है
तू ही रास्ता है
तुझे छोड़ के
किसी और से क्या वास्ता है
तू मिले तो ख़ुशी है
तेरे बिना जीना सजा है
– अनुष्का सूरी
रात का समां है
तू कहाँ है
सूना मेरा जहां है
तू कहाँ है
तारों से सजा आसमां है
तू कहाँ है
तेरी खुश्बू भरी हवा है
तू कहाँ है
दिल का दर्द यूं बयाँ है
तू कहाँ है
आजा पास तुझसे इल्तजा है
तू कहाँ है

दिल तो बेचारा नादान है
तेरे लिये धड़कता है
तू दिख जाये
तो खिल जाता हूँ मैं
तू न दिखे
तो हो जाता हूँ उदास
दिल मेरा रहना चाहता है
हर पल बस तेरे ही साथ
दिल में मेरे कितने हैं अरमान
कैसे बताऊँ तुझे ओ जाने तमन्ना
मेरी है सिर्फ तुझसे एक इल्तजा
आ मेरे पास मुझे तू मिल जा
रूठूँ जो तुमसे मुझे मना लेना
दूर अगर हो जाऊँ तो मुझे बुला लेना
दिल दिया है तुमको नाज़ुक मेरा हाये
देखो संभालना ज़रा कहीं गिर न ये जाये
फूलो से खुश्बू लेना तुम
पंछियो के पंख मन को लगा लेना
तुमसे बहुत मोहब्बत करते हैं हम
कहीं कभी हमको न भुला देना
रोज़ मिलना मुझसे बनकर मेरी हमसफर
साथ में चलना मेरे मिलाकर हर कदम हर डगर
तेरी आंखो मे जो अजब सा नशा है
क्या बताऊँ दिल किस कदर तुझ पर फिदा है
उफ तेरी ज़ुल्फ़ों का वो घना अंधेरा
चुराता है दिल जैसे हो कोई लुटेरा
तेरे गाल पर वो जो काला काला तिल है
हाये उसे देख मचलता ये दिल है
वो तेरा बार बार मुझसे नज़रें चुराना
और मेरा यू ही तेरे सामने आ जाना
खुदा जाने कब तू कहेगी अपनी ज़ुबानी
अब शुरू की जाये अपनी प्रेम कहानी
कुछ बातें होंगी कुछ मुलाकातें होंगी
कहीं सपने सजेंगे कहीं नींदें उड़ेंगी
धीरे धीरे बढ़ेगी ये बेक़रारी
और छा जायेगी कुछ कुछ खुमारी
खो जायेंगे हम एक दूसरे में
तू समा जायेगी मुझ में और मैं तुझ में
भर जायेगी खुशियों से ये ज़िंदगानी
मैं तेरा राजा और तू मेरी रानी