Hindi Love Poem-Samay Mile To Akar Milna


समय मिले तो आकर मिलना
लाइब्रेरी की टेबल पर,
कुछ न बोलेंगें हम ज़ुबाँ से
और अटकेंगे किताबों पर,
पलटेंगे पेजों को यूँ हीं
लफ्ज़ सुनेंगें हज़ारों पर,
लिखे हुए लैटर का क्या करना ?
जज़्बात पढ़ेंगे आँखों पर,
दांतों तले कभी होंठ दबाते
मुस्कान छुपायेंगे होंठों पर,
समय मिले तो आकर मिलना,
लाइब्रेरी की टेबल पर।

मयंक गुप्ता

Hindi Love Poem For Her-लबों की दस्तक


नर्म लबों की जो छुई है दस्तक।
पहलू में कोई गुलजार है।
फिर है मोह्बत उस आशिक़ी से।
शामों को फिर तेरा इंतेजार है।
गिरती है पलकें उठती है पलकें।
दिल ये कैसा बेकरार है।
समुन्दर के न जाने कितने है अर्से।
कितने दिन बीते कितने हम तरसे।
धड़कन को बस तेरा इंतेजार है।
तेरा इंतेजार है।

-गौरव

Naram labon ki jo chhooe hai dastak
Pehloo me koi gulzar hai
Fir hai Mohabbat us ashiqui se
Shamo ko fir tera Intezar hai
Girti hai palke uthti hai palke
Dil ye kaisa bekarar hai
Samandar ke na jane kitne hai arsey
Kitne din beete kitne hum tarse
Dhadkan ko bas tera intezaar hai
Tera intezaar hai

– Gaurav

Romantic Hindi Poem- ए सनम !


ऐ सनम ! दिल की पनाहों में आजा
प्यार तुमपे फिर बेशुमार आया है ।
है मोहब्बत ही मोहब्बत दिल में भरी,
इतना तुमपे आज प्यार आया है ।

रहने दो छोड़ो बइयाँ मेरी,
मारेंगी ताने सखियाँ मेरी,
पूछेंगी बता कहाँ से ये खुमार आया है?

कहना ज़रा इतना सखियों से अपनी,
है साजन मेरा वो और मैं उसकी सजनी,
खलल न डालो, बा-मुश्किल उनका दीदार आया है ।

कभी तुम रूठो तो पल में मना लूँ,
काजल बनाकर पलकों पे सजा लूँ,
खुद से भी ज्यादा तुमपे प्यार आया है ।

राज़ सोरखी “दीवाना कवि”

Aei sanam! dil ki panaho mein aaja
pyar tumpe fir beshumar aaya hai
Hain mohabbat hi mohabbat dil main bhari
Etna tumpe aaj pyar aaya hain

Rhne do choddo bayiyaan meri
Marogi tane sakhiyanmeri
Phuchegi bta khan se yei khumar aaya hain

Kahna jra etna sakhiyon se apni
Hain sajan mera wo aur main uski sajni
Khalal na dalo, wa mushkil unka didar aaya hai

Kabhi tum rutho to pal mein mna lun
Kajal bnakar palkon pe saja loon
Khud se bhi jyada tum pe pyar aaya hai

~Raj sorkhi”diwana kavi”