Hindi Love Poem-Samay Mile To Akar Milna

समय मिले तो आकर मिलना
लाइब्रेरी की टेबल पर,
कुछ न बोलेंगें हम ज़ुबाँ से
और अटकेंगे किताबों पर,
पलटेंगे पेजों को यूँ हीं
लफ्ज़ सुनेंगें हज़ारों पर,
लिखे हुए लैटर का क्या करना ?
जज़्बात पढ़ेंगे आँखों पर,
दांतों तले कभी होंठ दबाते
मुस्कान छुपायेंगे होंठों पर,
समय मिले तो आकर मिलना,
लाइब्रेरी की टेबल पर।

(इस कविता के रचनाकार के सम्बन्ध में विवाद होने के कारण कवि का नाम हटा दिया गया है )

22 thoughts on “Hindi Love Poem-Samay Mile To Akar Milna

  1. Anuskasuri g मैंने आपके ईमेल id पर इन सभी बातों को सूचित कर दी है।।कृपया इसका समाधान जल्दी करें।।

    1. Ma’m meri aapse ye request hai ki is poem ko ya to hata diya jaye ya ….meri poem ki credit mujhe di jaye….

  2. Dear mayank gupta g…. Q aaplog kisi dusre k poem ko copy krte ho… Kuchh khud se krne ki kosis kro….sayed tb jyada achha feel hoga..

      1. Ma’m maine aapke E-mail pr to complain kr diya pr av tk na hi koi reply aaya hai or na hi koi action liya gya hai….

      1. Anuskasuri g मैंने आपके ईमेल id पर इन सभी बातों को सूचित कर दी है।।कृपया इसका समाधान जल्दी करें।।

    1. Ma’m maine aapke E-mail pr to complain kr diya pr av tk na hi koi reply aaya hai or na hi koi action liya gya hai….

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