Sad Hindi Love Poem-Kuch To Asar Hai

कुछ तो असर है (कविता का शीर्षक)
कुछ तो असर है ज़िन्दगी में तेरी दुआओं का,
कि ग़म बहुत है, आँखें भी नम है,
फिर भी जिए जा रहे हैं, धीरे धीरे ही सही पर दो घूँट पीए जा रहे हैं,
एक नीला सा आसमान है, कहने को तो सारा जहान है,
पर तेरे बिना सब मंजर बंजर सब रेगिस्तान है,
ये अहसास मेरे दिल का तेरे दिल से यूं ना जाएगा,
मेरी यादों का ज़र्रा ज़र्रा किस्सा मेरा तुझे सुनाएगा,
मेरी आँखों से गिरता हर एक आँसूं मेरी कहानी तुझे बताएगा,
कहने को तो ज़िन्दगी नदी की बहती एक धारा है,
किस्मत वाले हैं वो जिन्हें मिल जाए जो मिलना किनारा है,
मुक्कमल हो जाए तेरा साथ मेरे साथ में, शायद मेरे हाथ में वो लकीर ही नहीं,
धन दौलत है बहुत पर तेरा साथ ही नहीं, चलो फिर तेरे लिए एक फकीर ही सही,
ये रौशनी, ये हवा, ये ज़िंदगानी सब तेरी ही तो है,
ये कहानी वो जवानी, मेरी रवानी तेरी ही तो है,
तू आकर मेरी यादों में मुझे न गमगीन कर
बहुत मुश्किल से सीखा है जीना, इस तरह से मेरी ज़िन्दगी को न नमकीन कर,
तू कहे तो तेरे नाम को अमर मैं कर दूँ,
मेरा कुछ मोल ना सही तेरी नज़रों में,
पर तू कहे तो कोहिनूर तुझे कर दूँ,
लोग भरते है सागर में गागर, पर तू कहे तो संग जी के तेरे साथ
गागर में सागर मैं भर दूँ।।।।
कोमल सिंह (कवि का नाम)

Kuch To Asar Hai (Title of the Poem)
Kuch to asar hai zindagi mein teri duaon ka, (Your kind wishes have made some impact on my life)
Ki gam bahut hai, ankhein bhi nam hai, (There are so many griefs and my eyes are also wet)
Phir bhi jiye ja rahe hain, dheere-dheere hi sahi par do ghut piye ja rahe hain, (Still I am carrying on with my life and drinking this poison slowly sip by sip)
Ek neela sa asmaan hai, kehne ko to saara jahaan hai, (The sky appears blue and the entire world is there for you)
Par tere bina jab manzar banjar sab registan hai, (But without you every destination is like a barren land, a desert)
Ye ehsas mere dil ka tere dil se yu na jayega, (My feelings won’t disappear from your heart so easily)
Meri yaado ka zarra zarra kissa mere tujhe sunayega, (Each particle of my memories will recite a story to you)
Meri ankho se girta har ek ansu meri kahani tujhe batayega, (Each tear falling from my eye will tell you my story)
Kehne ko to zindagi nadi ki behti ek dhara hai, (Life is life a flowing river)
Kismat wale hain wo jinhein mil jaye jo milna kinara hai, (Fortunate are those who have met their life goals)
Mukammal ho jaye tera sath mere sath mein, shayad mere hath mein wo lakeer hi nahi, (May be your company is not in my destiny)
Dhan daulat hai bahut par tera sath hi nahi, chalo phir tere liye ek fakeer hi sahi, (I have a lot of material wealth, but I do not have your company; I am like a beggar for you)
Ye roshni, ye hawa, ye zindgani sab teri hi to hai, (This light, this wind, this life- all are yours)
Ye kahani wo jawani, meri ravani teri hi to hai, (This story, our youth, my enthusiasm are all yours)
Tu akar meri yaado mein mujhe na gamkeen kar, (Please do not make me sad by appearing in my memories)
Bahut mushkil se seekha hai jeena, is tarha se meri zindagi ko namkeen na kar, (I have learnt living without you with a great difficulty, please do not make my life tougher)
Tu kahe to tere naam ko amar main kar du, (If you say I can make your name immortal)
Mera kuch mol na sahi teri nazro mein, (I may not have any value in your eyes)
Par tu kahe to kohinoor tujhe kar du, (But if you say I can turn you into a Kohinoor (diamond))
Log bharte hain sagar mein gagar, par tu kahe to sang ji ke tere sath, (People fill their pots from ocean, but if you say, while living with you)
Gagar mein sagar main bhar du (I can गागर में सागर मैं भर दूँ।।।।
Komal Singh (Poet)

Do not break anyone’s heart Hindi love poem-Dil Kisi Ka Todna Mat

दिल किसी का तोड़ना मत

प्यार सच्चा झूठा करना मत,
कभी भी दिल किसी का तोड़ना मत
तोड़ना मत

दिल नाज़ुक होता है तो
उसे तोड़ना मत

दिल कोई खेल का मैदान नहीं
उसपे प्यार का खेल खेलना मत

चाहते हो तुम किसी को दिल से
तो उसकी आँखों में आँसू लाना मत

कभी भी दिल किसी का तोड़ना मत
तोड़ना मत

प्यार एक खूबसूरत दरिया है

उसमें झूठ का कचरा फैलाना मत

जिसे तुम प्यार करते हो
उसे धोखा देना मत

कभी भी किसी का दिल तोड़ना मत
तोड़ना मत

-नरेश दिला

Hindi Love Poem For Her – क़िस्मत

क़िस्मत क़िस्मत की बात है
जब से मिला हूँ तुझसे
तू मेरे साथ है
किस्मत ने हमे मिलाया था
एक दूसरे के साथ जीना सिखाया था
दूर हो कर भी पास रहना सिखाया था
किस्मत को काश मंज़ूर ना था
हमारा साथ रहना तभी
तेरी माँ को हमारे बारे में बताया था
दूर हो गये लेकिन
दिल अभी भी पास है
किस्मत किस्मत की बात है

-नामित जैस्वाल

Kismat kismat ki baat hai
Jab se mila hu tujhse,
Tu mere sath hai
Kismat ne hamme milaya tha,
Ek dusre ke sath jeena sikhaya tha
Dur ho kar bhi paas rehna sikhaya tha,
Kismat ko kaash manzoor na tha,
Humara sath rehnatabhi
Teri maa ko hamare barre me btaya tha,
Dur to ho gye, lekin
Dil abhi bhi paas hai,
Kismat kismat ki baat hai

Namit jaiswal

Emotional Love Poems – ये प्यार क्यों खास है

ये प्यार क्यों खास है
दो अजनबियों का एहसास है
ये कब कहा कैसे हो जाये न जाने ये केसा राज़ है
प्यार की खुशिया तो एक प्यार करने वाला ही
जाने मुझे जैसे आशिक़ को बर्बाद करने में भी प्यार का ही हाथ है
ये प्यार क्यों खास है में था सीधा साधा
भोला भाला प्यार ने मुझको बर्बाद कर डाला
प्यार चार अक्शर का है ज़िन्दगी भी तो चार की ही है
दो प्यार में गुजारी है रो रो कर दो खुशियों में बितानी है
ज़िन्दगी भी एक रोज़ नई कहानी है
कौन साथ देगा कौन छोड़ जायेगा
ये सब तो वक्त के हाथो की कहानी है..!!!!!

-रोहित

Yei pyar kyu khas hai
Do aajnabiyo ka ehsaas hai
Yei kab kaha kese ho jaye Na jane ye kesa raaj hai
Pyar ki khusiya to ek pyar krne wala he
jane Mujhe jese ashiq ko barbad Karne mein bhi pyar ka he hath hai
Yei pyar kyu khas hai Main tha sidha sadha
Bhola bhala Pyar nei mujhko bharbad kar dala
Pyar char akshar ka hai Zindagi bhi to char ki he hai
Do pyar me gujari hai ro ro kar Do khushiyo me bitani hai
Zindagi bhi ek roz nai kahani hai
Kon sath dega kaun chhod jayega
Yei sab to wakt ke hathon ki kahani hai

– Rohit

Heart Touching Love Poem- ऐसा लगता है

महफ़िल भी सूनी लगती है
तेरा कसर लगता है,
ग़म भी खुशी लगती है
तेरा असर लगता है।

है लगता हर पल सदियों -सा,
बरसों -सा बिन तेरे;
तेरा दिल ही मुझे
अब मेरा घर लगता है।

है चाहता ये दिल
हर पल तेरे दीदार को,
तड़पता हूँ, बेचैन रहता हूँ
मामुली सा पत्थर भी संगेमरमर लगता है।

अनजाना-सा दुनिया की बातों से
दिन-पल और रातों से,
ना किसी के कहने का असर
ना वाकिफ़ हालातों से।

हद पार कर जाऊँगा तेरे इश्क़ में
दोगे ज़हर इम्तेहान के लिए
तो भी पी जाऊँगा तुझे याद करके
मरूँगा नहीं, हो जाऊँगा अमर लगता हैं ।

– हंसराज केरकर

Mehfeel bhi sooni lagti Hai
Tera kasar lagta Hai,
Gam bhi Khushi lagti Hai
Tera asar lagta Hai.

Hai lagta har Pal
Sadiyo sa, Barson sa bin Tere,
Tera Dil hi mujhe
Ab Mera Ghar lagta Hai.

Hai chahta ye Dil
Har Pal Tere Didar ko
Tadpta hu, bechain rehta hoon
Mamuli sa Patthar bhi Sangemarmar lagta Hai.

Anjaana sa Duniya ki baatoon se
Din-Pal aur Raaton se
Na kisi ke kahne ka asar
Na waqif halato se,

Had par Kar jaunga Tere Ishq mein
Doge Jaher Imtehaan ke liye
To bhi pee jaunga tujhe yaad karke
Marunga nahi, ho jaunga Amar lagta Hai.

-Hansraj Kerekar

Hindi Love Poem-अफ़साना मेरी मोहब्बत का

प्यार है तू मेरा मैं तेरी फिदाई
जर जैसे बाल है तेरे हिरण जैसी आँखे
चेरहा है गुल के जैसा दर्पण जैसी बातें
अदाये है कमर के जैसी गुल के जैसी सासे
परिवास भी फीकी लगती है सजन तुम्हारे आगे

ये तेरी मोहब्बत का नशा है या
मेरे दिल से निकला एक तराना
हर साँस कर दूंगा नाम तुम्हारे
साजन पास मेरे आ जाना

ऐतबार कर मुझपे बेदर्द नहीं हूँ मैं
तेरी इस कियाबान का बावर नहीं हूँ मैं
बेजुबान हो जाता हूँ आगे तुम्हारे
मोहब्बतें इशके बया नहीं कर पता

-वरुण सिंह

Pyar hai tu mera mai teri fidai
Jar jaise baal hai tere heeran jaisi aakhain
Chehra hai gul ke Jaisa darpan jaisi baaten
aadayain hai kamar ke jaisa gul ke jaisi saase
Pariwas v fiki lagti hai sajan tumhare aage….

Ye teri mohabbat ka nasha hai ya…
Mere dil se nikla ek tarana….
Har saas kar dunga naam tumhare
Sajan paas mere aa jana….

Aitabar kar mujhpe bedard nahi hu main…
Teri is kiyaban ka bawar nahi hu Main…
Bejubaan ho jata hu aage tumhare…..
Mohabbatein ishque bayan nahi kar pata….
Har nabz me rakt teri mohabbat ka hai….
Bus ye paigam sajan tak pahuncha nahi pata….

– Varun Singh

Hindi Love Poem – ख्याल तू

 11

ख्याल तू
गुजरता हर साल तू
वो 2,4 दिन की मुलाकात तू
मेरी क़िताबो में फसी हर बात तू
होने वाली दिल में हर आहट तू
ज़िन्दगी का हर एहसास तू
कुछ गन्दा बच्चा सा कुछ पगलू सा कुछ खास तू
तेरी मैं मेरी पहचान तू
दिल में बसा हर अरमान तू
मेरे आने की हर सूरत तू की इकलौती मूरत तू
कभी धुप कभी छाव तू कभी रात तू
जो ना कभी कही होठों से वो बात तू
मेरा गरूर तू मेरी औक़ात तू
खुदा की रहमत से मिली ऐसी सौगात तू

Khayal tu
Gujrta har sal tu
Wo 2,4 dino ki mulakaat tu
Meri kavitaon me fasi har bat tu
Hone wali dil me har aahat tu
Zindgi ka har ehsas tu kuch ganda bcha sa
Kuch paglu sa kuch khas tu
Teri main aur meri phchaan tu
Dil me bsa har armaan tu
Mere aane ki har surat tu
Dil k mandir ki eklauti murat tu
Kabhi dhoop kabhi chaaw tu kabhi raat tu
Jo na kabhi khi hothon se wo bat hai tu
Mera garoor tu meri aukaat tu
Khuda ki rehmat se mili esi sogaat tu

Hindi Love Poem- डायरी

diary.jpg

धूल जमी डायरी के कुछ पन्ने जो खोले,
तेरी यादो के सिलसिले फिर काबिज़ हो गए,
पलटता रहा पन्ने और फिर बहने लगा
जज्बातों का समुंद्र जो कभी हिलोरे लेता था मुझमे,
भले ही बेजान खामोश सी हो गयी थी
वो लहरे कुछ लम्हात के लिए,
पर यकीन मान एक तूफ़ान
तेरी यादो का हर रोज बहता था मेरी आँखों से,
आज जब खोली है वो डायरी तो खुश्बू के तरह महक रहा है
तेरा प्यार फिर से फिजाओ में,और भिगो रहा है
ये समुंद्र तेरी मोहब्बत का मुझे इस तरह
की जैसे मेरा पहला प्यार बस अभी इसी वक़्त ही हुआ हो।

गौरव

Hindi Love Poem – एक मीठा एहसास

11

प्यार का पता नहीं की वो क्या होता है। पर जब हम मिलते हैं
एक अजनबी से तो सब कुछ बदल जाता है।
उसकी छोटी छोटी बाते बहुत हँसाती हैं।
और दिल है की एक खुद की ही दुनिया बसा लेता है।
शायद किसी अजनबी का साथ जो दिल को अच्छा लगने लगे वही प्यार होता है।
चलिये  प्यार के कुछ ऐसे ही रंग तलाशते हैं
एक नये प्यार की सुगबुगाहट हुई, दिल से दिल की कुछ बात हुई,
कशमकश में था ये दिल मेरा की कैसे ये दिल की हालत हुई,
सोचती रही रात भर तुमको,और सुबह की भी आहट हुई,
हिम्मत करके दिल ने मुझे संभाला,
और घबराते हुए बातो की शुरुआत हुई,
मैँ थी घबराई पर देखा जब पहली बार तुमको,
दिल में पुरानी सी जान पहचान सी निकल आई,
दिल बस तुमको ही सुने लगा।हर वक़्त तुमको ही जीने लगा,
कैसे ये दिल वगावत कर बैठा जो तुमसे मिलने चली आई,
होके मजबूर दिल से बस आके तुझमे समाई,
तुम्हारी हर बात अच्छी लगती है शहद सी घुली लगती है,
जो हुआ न था आज तक क्या वो मुझको हो गया,
ए मेरे अजनबी हमसफ़र क्या तुमसे प्यार हो गया,
अब तो तेरा जिक्र आते ही हया का एहसास होता है,
घूंघट में शर्म के छुपके दिल का हाल बेहाल होता है,
दोस्तों की बातों में भी वो हँसी नहीं  आती,
पर जिक्र आते ही तेरा हँसी मुझमें कहीं बस सी जाती है,
जो नाम था अजनवी आज वो अपना हो गया,
कोरे कागज पे हाँथो से लिख देती हूँ,
हथेली को मेहबूब की मेहंदी में घोल देती हूँ,
कैसा ये हाल बेहाल हो गया शायद  उस अजनबी से प्यार हो गया,
अब तो हर वक़्त तेरा ही ख्याल रहता है,
शाम से ही ढली रात का इंतज़ार रहता है,
उन्ही के ख्याल पर दिल हैरान रहता है,
बस देख लूँ एक बार फिर उनको यही दिल बार बार कहता है,
हाल ये मेरा कैसा हो गया है,शायद उस अजनबी से प्यार हो गया है,
एक पल में कोई अपना बना गया,
जो मेरा था दिल का चैन वो चुपके से ही चुरा गया,
एक बार कहा उसने आँखे तुम्हारी खूबसूरत हैं,
होंठ  भी बेमिसाल हैं, सादगी के रंगो से सजी हो तुम,
इतना तो मैं भी नही जानती थी खुद को जितना वो मुझको बता गया,
मुझमे समाके खुद से बेगाना बना गया,
शायद यही तो प्यार है की एक अजनबी कैसे अपना हो जाता है,
उसकी छोटी छोटी बातों पे भी प्यार नजर आता है,
करेला था जो कडुवा कभी वही शहद सा मीठा हो जाता है,
होता है जो अजनबी बरसों से दूजे पल वही दिल में समाता है,
उसी अजनबी से प्यार हो जाता है।
-गौरव