
काश एक पल दिया होता जो
तुमने मुझे
तो मैं कह पाता वो बातें
जिन्हें मैंने समझने में देर की थी
काश एक पल दिया होता जो
तुमने उन बातों को
जो मेरे अधरों तक न आ पायी
उन रुस्वा हुए बेरुखे से प्यार में
काश एक पल दिया होता जो
तुमने खुद को
तो समझ पाती मेरे दिल में क्या था
जो अनसुना रह गया था हमारे बीच में
काश एक पल दिया होता जो
तुमने उस वक़्त को
तो ये बदल पता उन हालात को
जो लिए बैठे थे उदासी हमारे रिश्ते में
काश एक पल दिया होता जो
तुमने मेरे उन अधूरे ख्वाबों को
जो सिर्फ हसरतें बन के रह गए दिल में
तन्हाई तो उधर भी होगी मैं जनता हूँ
बस उसी पल की तो कमी रह गयी थी
हमारे उन खूबसूरत जज़्बातों में
काश एक पल दिया होता जो
तुमने काश एक पल..
बस एक पल की बात थी..
-राहुल शर्मा




