Hindi Love Poem on Destiny-Jo Hota Hai Acche Ke Liye Hota hai

जो होता है अच्छे के लिये होता है
बड़ी चाहत थी कि मैं भी इश्क कर लूं,
चांद- तारे तोड़ लाने की बाते कर लूं।
तेरी हर मुश्किलों में साथ निभाता रहूं,
जन्मों-जनम तक मैं तेरा ही रहूं।
फिर वो सुहानी सी मौसम की घड़ी आयी,
दिल में एक आशा की किरण लायी।
सोचा चलो इज़हार कर दूं आज,
दिनों बाद आयी थी हिम्मत आज।
मैंने कहा, ना जी सकूंगा तुम बिन,
तड़प रहा मैं जैसे मछली पानी बिन।
माना कि आज मैं एक गरीब किसान हूँ,
पर कभी आंसू आने न दूंगा ये वादा करता हूँ।
“अपनी औकात में रह” कहकर वो मना कर गयी,
बड़े घमण्ड से प्यार को ठुकरा वो चली गयी।
प्यार-व्यार सब अपने लिये नहीं यह सोच,
ज़िन्दगी की राह में मैं अकेला निकल पड़ा।
कुछ वर्षों बाद बंगला-गाड़ी,पैसा आ गया,
मैं अपनी जिंदगी जीना सीख गया।
वो जहां कल थी वहीं आज है,
मैंने तरक्की की ऊंचाई पा ली है।
हर अंधेरी रात बाद नया दिन आता है,
किसी ने सच ही कहा है,
जो होता है अच्छे के लिये होता है।
जो होता है अच्छे के लिये होता है।
एम.पी. सांरवां, नारायणपुर

Poetry text with English Translation:

Jo Hota Hai Acche Ke Liye Hota Hai
Badi chahat thi ki main bhi ishq kar lu, (I wish I could also fall in love)
Chand taarey tod laane ki baat kar lu. (I could talk about plucking moon and stars from the sky)
Teri har mushkilo mein sath nibhata rahu, (I could stand by your side in every adversity)
Janmo-Janam tak main tera hi rahu. (I stay only yours for multiple births)
Phir wo suhani si mausam ki ghadi agayi, (Again that beautiful moment has arrived)
Dil mein asha ki kiran layi. (It brought a ray of hope in my heart)
Socha chalo izhar kar du aj (I thought I should confess my love for you today)
Dino baad ayi thi himmat aaj (I had gathered the courage to do so after so many days today)
Maine kaha, na ji sakunga tum bin, (I said, I cannot live without you)
Tadap raha main jaise machli paani bin (I am distressed without you like a fish is without water)
Maana ki aaj main ek gareeb kisaan hu, (I agree that today I am a poor farmer)
Par kabhi ansu aane na dunga ye waada karta hu. (But I will never let tears enter your eyes, I promise it to you)
“Apni aukaat mein reh” keh kar wo mana kar gayi, (“Stay within your limits,” saying this she rejected me)
Bade ghamand se pyaar ko thukra wo chali gayi. (With great ego, she walked away rejecting my love)
Pyar vyar sab apne liye nahi yah soch, (This love etc is not my cup of tea, thinking this)
Zindagi ki raah mein main akela nikal pada, (I started moving ahead in my life alone)
Kuch varsho baad bangla-gaadi, paisa agaya, (After few years, I earned a big house, car and money)
Main apni zindagi jeena seekh gaya. (I learnt how to live my life)
Wo jahan kal thi wahi aaj hai (She is still at the same point as she was yesterday)
Maine tarakki ki unchai pa li hai. (I have attained the zenith of my progress in life)
Har andheri raat bad naya din aata hai, (After every dark night, a new day follows)
Kisi ne sach hi kaha hai, (Someone has said the truth)
Jo hota hai acche ke liye hota hai. (Whatever happens, happens for the good)
Jo hota hai acche ke liye hota hai. (Whatever happens, happens for the good)
-M.P Sarvaan, Narayanpur

Do not break anyone’s heart Hindi love poem-Dil Kisi Ka Todna Mat

दिल किसी का तोड़ना मत

प्यार सच्चा झूठा करना मत,
कभी भी दिल किसी का तोड़ना मत
तोड़ना मत

दिल नाज़ुक होता है तो
उसे तोड़ना मत

दिल कोई खेल का मैदान नहीं
उसपे प्यार का खेल खेलना मत

चाहते हो तुम किसी को दिल से
तो उसकी आँखों में आँसू लाना मत

कभी भी दिल किसी का तोड़ना मत
तोड़ना मत

प्यार एक खूबसूरत दरिया है

उसमें झूठ का कचरा फैलाना मत

जिसे तुम प्यार करते हो
उसे धोखा देना मत

कभी भी किसी का दिल तोड़ना मत
तोड़ना मत

-नरेश दिला

Sad Hindi Love Shayari for Girlfriend – वीरानियाँ

inside_out_sadness___disney_pixar-wallpaper-1366x768रोने दे कुछ पल मुझको
ये आंसू अच्छे लगते हैँ
कभी कभी ये गम के बादल भी
कुछ अपने लगते हैं
हँसना मेरा सबने देखा
जो मेरी पहचान है
पर छुप छुप के हूँ कितना रोया
इस बात से सब अनजान हैं
रात की छाया ले आई जब तन्हाई
उदासी सी कुछ उमड़ आई
सहसा ढलका आँख का पानी
आंसू बन के बहता गया
कोई न यहाँ जग है तन्हा
हैं बस मैं और मेरी तन्हाईयाँ
साथ मेरा देते हैं आंसू
छाईं हैं वीरानियाँ

-गौरव

Hindi Love Poem on Separation- मैं और मेरी तन्हाई

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मैं और मेरी तन्हाई बैठे थे आज…
और हो रही थी मेरे प्यार की बात…
तन्हाई ने कहा कैसा प्यार है तेरा…
जो आज तक है उसने मुंह फेरा…
मैं था चुप और इस से तन्हाई थी हैरान…
मैं था शांत और इस से तन्हाई थी परेशान…
तन्हाई ने कहा क्या मिला तुझे प्यार में…
इस से अच्छा बैठा होता कही ऐशो बहारो में…
तन्हाई बोली क्या है अब पास में तेरे…
छा गए हैं बादल और गमों के अँधेरे…
मैं था चुप और इस से तन्हाई थी हैरान…
मैं था शांत और इस से तन्हाई थी परेशान…
तन्हाई ने कहा की प्यार में बहुत फरेब है धोखा है…
जा कुछ और कर प्यार के अलावा तुझे क्या किसी ने रोका है…
तन्हाई ने कहा क्या है ये प्यार का अजूबा…
जा, यार के वापिस आने की उम्मीद में मत रह डूबा…
मैं था चुप और इस से तन्हाई थी हैरान…
मैं था शांत और इस से तन्हाई थी परेशान…
तन्हाई ने कहा तेरा बिछड़ा यार नहीं आएगा…
मुझे लगता है तू कभी अपना प्यार नहीं पायेगा…
तन्हाई बोली अरे मूर्ख कुछ तो बोल…
मई इतनी देर से बक बक कर रही हूँ तू भी तो अपना मुंह खोल…
मैंने कहा बता कहाँ लिखा है की वो नहीं आएगी…
और अपने साथ प्यार की सौगात नहीं लाएगी…
कौन सी ऐसी दिवार है हमारे बीच जो खड़ी हो सकें…
ऐसी कोई दिवार नहीं बनी जिसकी नीव डलते ही हम उसे तोड़ न सकें…
कौन कहता है की उसका प्यार हो गया है पूरा…
क्यूंकि “प्यार” तो खुद शब्द ही ऐसा है जिसका पहला अक्षर है अधूरा…
कौन कहता है की प्यार सिर्फ दो जिस्मो का मिलान है…
माना वो मुझसे दूर है पर फिर भी मैं उसका और वो मेरी हमदम है…
अब बोल रहा था मई और चुप थी तन्हाई….
तभी सामने आई मेरी जान और भाग गयी तन्हाई…

-अनूप भंडारी

Hindi Poem on Lost Love-बेवफ़ा कहेंगे उनको 

बेवफ़ा कहेंगे उनको broken-heart-1
ये कभी सोचा ना था
दर्द के दरिया में अकेले
डूबना चाहा ना था
कौन कहता बसर है
दिल की चाहत में खुदा
हमने जिसको चाहा था दिल से
वो ही निकला बेवफ़ा
वही गलियां वही राहें
वही सूनी सूनी निगाहें
क्या पता दिल का किसी को
कब बेगाना हो जाएगा
दिल की चाहत है मेरी
तुझको भी ना आये सुकून
क्या पता किस दिन
ये तडप तू पायेगा
-अनुष्का सूरी

Sad Hindi Love Poem on Pain-मेरा गम

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गम में जीने को कहता है ये दिल,
हमेशा तुझे महसूस करता है ये दिल,
तेरी याद में रुलाता है ये गम,
तेरी खुशी में हँसाता  है ये गम,
नासमझ बना देता है मुझे ये गम,
समझती है सिर्फ तू मुझे is गम में,
जिस दिन मैने तुझे दिया ये गम,
उस रात आँखें हुई मेरी नॅम,
कभी रोया,कभी हंसा, कभी सहमा इस गम में,
कभी संभाला,कभी सहलाया मुझे इस गम ने,
लड़ने की हिम्मत दी मुझे इस गम ने,
मुझको ज़िंदगी का आईना दिखाया इस गम ने ,
एक अटूट सा रिश्ता है जिससे,
सदा रहना है साथ जिसके,
वादा है रहेगा ये गम
जब तक है सांसों में दम ..
-कविता परमार

Hindi Romantic Poem on First Love-पहले प्यार का इंतज़ार

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बीत गये दिन बीत गये लम्हे
बीत गये कई साल
पर मेरी यादों में बसते हैं अब भी तेरे खयाल

याद है मुझे वो तेरी मुलाक़ात
आया था अजनबी बनके
लगता था फिर भी अपना सा
रिश्ता ना था तुझसे कोई
फिर भी लगता था पहचाना सा

धीरे धीरे वो दो दिन की मुलाक़ात
दोस्ती में बदल गयी
पता ना था, तुझसे इतनी गहरी दोस्ती हो जायेगी

मेरे होठों की मुस्कुराहट बन गया था तू
लगा फिर से जीने ये मेरा दिल
जो कि जीना भूल गया था

शाम को जब छत पर जाती तो
बहती हवा में तू जैसे ज़ुल्फें बिखेर देता
और अपने होने का एहसास दिला देता
जब अपने आप को आईने में संवारती
तो शर्म सी आने लग जाती
होने लगा था मुझे एक अजीब सा एहसास
होने लगा था मुझे तुझसे प्यार

जब बताने आया ये दिल अपने दिल की बात
तो देखा किसी और को तेरे साथ
टूट गया मेरा दिल काँच की तरह
बिखर गये मेरे सपने रेत की तरह

दोस्ती का ये एहसास मिट सा गया
ये नाज़ुक दिल अब पत्थर का हो गया
करता था फिकर सबकी ये दिल
पर अब इस दिल में किसी के लिये जगह नहीं रही
जगह तो तेरी थी
पर तुझे उस जगह की कदर नहीं रही

तोडा है मेरा दिल तूने खिलौना समझ कर
दूसरे का दिल मत तोड़ना मेरा समझ कर
याद तो बहुत करती हूँ तुझे
खुद को रोक नहीं पाती हूँ
पर ये दिल रोक लेता है मुझे
क्योंकि इसे अब डर लगने लगा है दोबारा टूटने से
एक दूसरे को पहचानते खूब थे
मगर तेरा साथ ना मिला
तुझसे प्यार बहुत करती थी
मगर बताने का मौका ना मिला

दुआ करूँगी तेरी सलामती के लिये
जब तक जियूँगी तब तक
ये टूटा हुआ दिल तेरे आने का इंतज़ार करता रहेगा
तब तक ये दिल तुझसे यूँ ही प्यार करता रहेगा
यूँ ही प्यार करता रहेगा…..

-कविता परमार

Pahle pyar ka intzaar

Beet gaye din beet gaye lamhe
Beet gaye kai saal
Par meri yadon mein baste hain ab bhi tere khayal

Yad hai mujhe vo teri mulaqat
Aaya tha ajnabi banke
Lagta tha fir bhi apna sa
Rishta na tha tujhse koi
Fir bhi lagta tha pehchana sa

Dheere dheere vo do din ki mulaqat
Dosti mein badal gayi
Pata na tha ,tujhse itni gehri dosti ho jayegi

Mere hothon ki muskurahat ban gaya tha tu
Laga fir se jeene ye mera dil
Jo ki jeena bhool gaya tha

Shaam ko jab chat par jati to
Bahti hawa mein tu jaise zulfein bikher deta
Aur apne hone ka ehsaas dila deta
Jab apne aap ko aayine mein sawarti
To sharm si aane lag jati
Hone laga tha mujhe ek ajeeb sa ehsas
Hone laga tha mujhe tujhse pyar

Jab batane aaya ye dil apne dil ki baat
To dekha kisi aur ko tere sath
Toot gaya mera dil kaanch ki tarah
Bikhar gaye mere sapne ret ki tarah

Dosti ka ye ehsaas mit sa gaya
Ye nazuk dil ab patthar ka ho gaya
Karta tha fikar sabki ye dil
Par ab is dil mein kisi ke liye jagah nahin rahi
Jagah to teri thi
Par tujhe us jagah ki kadar nahin rahi

Toda hai mera dil tune khilauna samajh kar
Dusre ka dil mat todna mera samajh kar
Yad to bahut karti hoon tujhe
Khud ko rok nahin pati hoon
Par ye dil rok leta hai mujhe
Kyon ki ise ab dar lagne laga hai dobara tootne se
Ek doosre ko pehchante khoob the
Magar tera sath na mila
Tujhse pyar bahut karti thi
Magar batane ka mauka na mila

Dua karungi teri salamati ke liye
Jab tak jiyungi tab tak
Ye tuta hua dil tere aane ka intzar karta rahega
Tab tak ye dil tujhse yoon hi pyar karta rahega
Yoon hi pyar karta rahega…..

-Kavita Parmar