Hindi Poems on Love – वो पगली सी दीवानी सी


वो पगली सी दीवानी सी, सपनों में मेरे आती है,
आहट उसकी, जैसे दिल में हलचल सी कर जाती है,
झुकी नजर उसकी, जैसे मुझको पागल कर जाती है,
वो पगली सी दीवानी सी, सपनों में मेरे आती है। आइना है
उसकी नज़रें, जो सबकुछ बतलाती है, वो है पागल,
जो दिल को झुटा बतलाती है, लगती है प्यारी,
जब खुद ही वो शर्माती है,
वो पगली सी दीवानी सी, सपनों में मेरे आती है। कहता है
जमाना कि, वो तो पागल है, वे-वजह, जब-जब वो मुस्कुराती है,
जमाने को क्या पता, कि वो मुझसे क्यों शर्माती है,
वो पगली सी दीवानी सी, सपनों में मेरे आती है।
जब आँखें मेरी मदहोश चेहरे से उसके, मिलकर आती हैं,
काश वो समझ पाती कि, कितना मुझको वो तड़पती हैं,
खो गया गया हूँ मुझसे मै, न नींद मुझको अब आती है,
वो पगली सी दीवानी सी, सपनों में मेरे आती है।….

– अतुल कुमार

Wo pagli si diwani si, sapno me mere aati hai,
Aahat uski, jaise dil me hulchul si kar jati hai,
jhuki nazar uski, jaise mujhko pagal kar jati hai,
Wo pagli si diwani si, sapno me mere aati hai. Aaina hai
Uski nazrein, jo sabkuchh batlati hai, wo hai pagal,
jo dil ko jhuta batlati hai, lagti hai pyari,
jab khud hi wo sharmati hai,
Wo pagli si diwani si, sapno me mere aati hai. Kehta hai
jamana ki, wo pagal hai, Be-wajah, jab-jab wo mushkurati hai,
jamane ko kya pta, ki wo mujhse kyun sharmati hai,
Wo pagli si diwani si, sapno me mere aati hai.
Jab aankhein meri madhosh chehre se uske, milkar aati hai,
Kash wo samajh pati ki, kitna wo mujhko tadpati hai,
Kho gya hu mujhse me, na neend mujhko ab aati hai,
Wo pagli si diwani si, sapno me mere aati hai.

– Atul Kumar

Missing You Hindi Love Poem-रातों के सन्नाटे में


रातों के सन्नाटे में heart_shaped_romance-wallpaper-800x600
दिन के उजाले में
कभी महफ़िल में
कभी वीराने में
तू नहीं मिलता
तो तेरा ख्याल ही सही
दिल ये आशिक़ मेरा
तेरा दीदार मांगता है
तू न मिल सका
आज तेरा नाम ही सही
तेरी याद में यूं तो रोज़ बहाते हैं पानी
आज तेरी याद में एक जाम ही सही
सोचा था कभी तुझसे मुलाकात न होगी
पर आज तुझे देखा तो देखता रह गया |

-अनुष्का सूरी

Hindi Love Poem for Him-रंग खिलता जाये


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मेरा रंग हुस्न का खिलता जाये,
तू ही मेरे दिल को भाये,
मुझ पे चढ़ी जवानी योवन छाये,
मैं हुई बावरी तेरी,
मैं हुई दीवानी तेरी,
ख़यालों में तेरे जब भी डूबूं,
तेरी ही बाहों में झूमूँ,
तितली के मैं साथ चलूँ,
और दिल में तेरे रहलूँ,
ये प्यार कैसे रंग सजाये,
मेरा रंग हुस्न का खिलता जाये,
तस्वीर तेरी मैं रोज़ बनाऊँ,
प्यार के रंगों से उसे सजाऊँ,
मैं गुस्सा होके उससे रूठूँ,
उससे ही मैं तो कह दूँ,
कैसे कैसे रोग लगाये,
ये प्यार कैसे रंग सजाये,
मेरा रंग हुस्न का खिलता जाये,
तू ही मेरे दिल को भाये.
-ट्रू लव

Love Poem for Him-तेरी यादों में जीने लगी हूँ


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तेरी यादों में जीने लगी हूँ

तेरे गीतों को सुनने लगी हूँ

इस मीठी सी ठंड में आँखें नॅम होने लगी हैं

तेरी याद में नींदें खोने लगी लगी है

जब देखा दूर चमकते तारे को

उसकी चमक देख तेरी याद आई

जब देखा उपर खुले आसमान को

तेरी बाहों की याद आई.

जब बैठी नदी किनारे

बहते पानी में तू ही नज़र आया

फिर अपने आप से पूछ बैठी

क्या तुमने अपना प्यार पाया?

इस प्यार भरे लम्हे में खो गयी

ना जाने कब तेरे इतनी करीब हो गयी

तेरी ही बातें करने लगी हूँ

तुझे अपने गीतों में गुनगुनाने लगी हूँ

तेरी यादों में जीने लगी हूँ

-कविता परमार

Hindi Love Poem Expressing Love to Girl-फूलों की खुश्बू


फूलों की खुश्बू love
चाँद सा निखार
जीने की आरज़ू
अपनों से प्यार
सोचता था तुझे
कल भी यूँ ही
और आलम देखो
आज भी खोया हूँ यूँ ही
बस तेरे खयालों में
आज भी मैं
बहुत बार सोचा
दिल की बात कह दूँ
दिल में जो बातें हैं
तुझको बता दूँ
लेकिन डरता हूँ
कहीं तू ना रूठ जाये
जान के ये बात कि
मैं तुझ पर मरता हूँ
पर आज इस दिल पर काबू नहीं
छाया है तेरा जादू मुझ पर कहीं
आज मैं ये इकरार करता हूँ
मैं कल भी तुझसे प्यार करता था
और आज भी सिर्फ तुझसे प्यार करता हूँ
हाँ मैं तेरा इंतज़ार करता हूँ
मैं तुझसे प्यार करता हूँ
नहीं मालूम मुझे तू मुझे अपना माने या ना माने
पर मैं तुझसे प्यार करता हूँ
मैं तेरा इंतज़ार करता हूँ

-अनुष्का सूरी

Miss You Hindi Love Poem for Him-मेरी अधूरी आस


मेरी अधूरी आस
दिल आज कल मेरी सुनता नहीं,
मैं क्या करूं वो मानता नहीं,
कुछ हो रहा है जाने ना,
क्या करूं दिल माने ना
तेरी यादों में दिन रात खोता है,
ये दिल दीवाना पल पल होता है,
तेरे खयालों में ही दिन रात हैं बीते,
सुबह शाम करें बस तेरी बातें,
रातों में भी चैन नहीं,
आँखें मेरी तुझको ढूंढें,
मन को भी है तू ही सुहाये,
दिल के जज़्बात ये जाने ना,
प्यार हो रहा है माने ना,
बस करता है तेरी बातें,
तुझ बिन हर दिन भीगी मेरी रातें,
देख मुझसे ना अब दूर रह,
आजा मेरे दिल के पास,
तुझ बिन मेरी अधूरी आस,
तू नहीं तो कोई नहीं साथ,
बस ह़र पल अधूरी मेरी आस,
बस हर पल अधूरी मेरी आस..
-कविता परमार

Hindi Love Poem for Him-इंतज़ार


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इंतज़ार-आखिर कब तक?

अनजानी राहों पे इंतज़ार किया करती हूँ,
हज़ारों की भीड़ में बस तुझे तलाश किया करती हूँ,
कुछ पल के लिये तो ये राहें भी साथ देती हैं,
थोड़ा चलके साथ आगे तन्हा छोड़ देती हैं,
आंसू जब भी आते हैं मेरी आँखों में,
मेरी नज़रें बस तेरा दामन तलाश करती हैं,
जब नहीं मिलता है दामन तेरा,
जी भर के पलकें भिगोया करती हैं,
रास्ते भी ये देख के मुझपे हंसा करते हैं,
देखके मेरी बेबसी का ये मंज़र,
या खुदा मुझे अब मिलादे बिछड़ने वालों से,
लोग मेरी बेबसी का मज़ाक बनाने का इंतज़ार किया करते हैं|

-कविता परमार