Amazing, best original Hindi love poems, Hindi shayari on love and romance, romantic Hindi poetry and Hindi prem kavita|हिंदी प्रेम कविता संग्रह और शायरी
हवा के झोंके मैंने सांस ली अपनी छत से…एक झोंके से वो उड़ चली तू थी कहीं मीलों दूर अपनी छत पे…तेरी भी सांसें उड़ चली मैंने सोचा कि मिलना तो ना था हमारे मुक़ददर में लिखा मगर…. कहीं ना कहीं वह हवाएं जाती होंगी जहां हमारे सांसें टकराती होंगी… जो कुछ हम कह न सके कभी वह मिलके अपनी दास्तान सुनाती होंगी । –आयुष पांडे
मूक अँधेरी रात में किसने छेड़ी बांसुरी की विरह तान कसमसाती हैं कलियाँ सनसनाते हैं कुछ गुमसुम अरमान बहती चपल बयार दिल का दुखड़ा कोई गुनगुनाती है साजन की याद में तड़पती विरहन कोई कुनमुनाती है चाँद है बरसाता नभमंडल से स्वेत अनुरागी कण धरा चूमती जिनको रसीले अधरों से हर-पल हर-क्षण अप्सरा करती श्रृंगार थामकर हाथों में अलौकिक दर्पण झिलमिल तारे झूमकर करते शुभ बेला में यौवन अर्पण पारदर्शी हिम शिखर आईनेदार दरख्तों पर खड़ी है सफ़ेद आँचल तले उजली हिरे मोतियों से जड़ी है मौन अमलतास की कोमल पत्तियाँ देखो चुलबुलाती हैं ओस की रेशमी बूंदें चांदनी की फुहार में कुलबुलाती हैं भोर अभी आना मत मनभावन चांदनी अभी कुँवारी है जवां है इक मधुशाला बावली रात की अजीब खुमारी है
इस ज़िन्दगी का खूबसूरत सपना हो तुम कह सके ये दिल जिसे अपना वो हो तुम पतझड़ सी ज़िन्दगी में आई हसीन बहार हो तुम इस जीवन रूपी गर्मी की ठण्डी फुहार हो तुम सर पर चढ़ता हुआ जूनून हो तुम इस दिल को राहत देने वाला सुकून हो तुम रब की करी हुई दिलक़श साज़िश हो तुम मेरी ज़िन्दगी की अब आखरी ख्वाहिश हो तुम
– मोनिका मखारिया
Is zindagi ka khoobsurat sapna ho tum Kah sake ye dil jise apna wo ho tum Patjhad si jindagi me Aayi haseen bahaar ho tum Is jeevan roopi garmi ki thandi phuhaar ho tum Sar par chadhata hua junoon ho tum Is dil ko raahat dene wala sukoon ho tum Rab ki kari hui dilkash saazish ho tum Meri zindagi ki ab Akhari khvahish ho tum
क्या पता है तुझे
कि मेरे जज्बातों का अलफ़ाज़ तू है
मेरे होंठो पर बिखरी मुस्कराहट की आवाज़ तू है
मेरे चेहरे की मासूमियत में छिपी हर राज़ तू है
मेरे नयनों के आशियाने में कैद मेरे सुकून हमराज़ तू है
सुरमयी काजल से सजी खूबसूरत पलकों का नाज़ तू है
बेखबर झूम कर चलने वाले कदमों की बलखाती अंदाज तू है
सोये हुऐ मुहब्बत के मीठी सुरों वाली आगाज़ तू है
अब और क्या बताऊँ कि तू क्या क्या है मेरा?
बस जान ले तू इतना कि मेरे सोलह श्रृंगार की लाज तू है
-संघमित्रा मौर्य
Kya pta hai tujhe?
ki mere jajbaato ka alfaaj tu hai,
mere hontho par bikhari muskurahat ki awaj hai,
mere chahre ki masoomiyat me chhipi har raaj tu hai,
mere nayano ke aashiyaane me kaid mere sukoon ka hamraaj tu hai,
surmayi kajal se saji khoobsoorat palko ki naaj tu hai,
bekhabar jhoom kar chalne wale kadmo ki balkhaati andaaj tu hai,
soye huye mohabbat ke mithi suro wali agaaj tu hai,
ab aur kya btaoo ki tu kya – kya hai mera ??,,
bas jan le tu itna ki mere solah shringaar ki laaj tu hai..