Hindi Poem for Him – सांसों में तू

सांसों में तू
सांसों में बसने लगा है तू
नींदों में जगाने लगा है तू
दुआओं में आने लगा है तू
मेरे जीने की वजह बनने लगा है तू

घबरा जाती हूँ तुझे तकलीफ में देख कर
मुस्कुरा जाती हूँ तुझे करीब मैं देख कर
हमेशा तुम यूं ही पास रहो मेरे
हो नादान तुम पर जान हो मेरे

– कविता परमार

Saanso mei basne laga hai tu
Neendo mei jagane laga hai tu
Duao mei aane laga hai tu
Mere jeene ki wajah ban ne laga hai tu

Ghabra jati hu tujhe takleef mei dekh kar
Muskura jati hu tujhe kareeb mai dekh kar
hamesha tum yu hi pas raho mere
Ho nadan tum par jaan ho mere

– Kavita Parmar

 

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