Hindi Love Poem For Her-लबों की दस्तक


नर्म लबों की जो छुई है दस्तक।
पहलू में कोई गुलजार है।
फिर है मोह्बत उस आशिक़ी से।
शामों को फिर तेरा इंतेजार है।
गिरती है पलकें उठती है पलकें।
दिल ये कैसा बेकरार है।
समुन्दर के न जाने कितने है अर्से।
कितने दिन बीते कितने हम तरसे।
धड़कन को बस तेरा इंतेजार है।
तेरा इंतेजार है।

-गौरव

Naram labon ki jo chhooe hai dastak
Pehloo me koi gulzar hai
Fir hai Mohabbat us ashiqui se
Shamo ko fir tera Intezar hai
Girti hai palke uthti hai palke
Dil ye kaisa bekarar hai
Samandar ke na jane kitne hai arsey
Kitne din beete kitne hum tarse
Dhadkan ko bas tera intezaar hai
Tera intezaar hai

– Gaurav

Hindi Poem for Him – सांसों में तू


सांसों में तू
सांसों में बसने लगा है तू
नींदों में जगाने लगा है तू
दुआओं में आने लगा है तू
मेरे जीने की वजह बनने लगा है तू

घबरा जाती हूँ तुझे तकलीफ में देख कर
मुस्कुरा जाती हूँ तुझे करीब मैं देख कर
हमेशा तुम यूं ही पास रहो मेरे
हो नादान तुम पर जान हो मेरे

– कविता परमार

Saanso mei basne laga hai tu
Neendo mei jagane laga hai tu
Duao mei aane laga hai tu
Mere jeene ki wajah ban ne laga hai tu

Ghabra jati hu tujhe takleef mei dekh kar
Muskura jati hu tujhe kareeb mai dekh kar
hamesha tum yu hi pas raho mere
Ho nadan tum par jaan ho mere

– Kavita Parmar

 

Hindi Love Poem for Girlfriend – सपनो में


hindipoem1

रोज सपनो में आती रहती हो
मुझमें खुद को जगाती रहती हो
क्या इरादा है बेबी जो यूँ
कुछ कुछ लिखवाती रहती हो

वो सपनो की क्या बातें है
जो जगी जगी सी आजकल सारी रातें है
झूठ मुठ का रूठो ना तो
रात भर प्यार से मनाती रहती हो
रोज सपनो रहती हो

लोग पूछते है क्या लिखता है
किसके लिये लिखता है
रोज रोज ये बेवजह पन्ना क्यों भरता है
मेरे चहरे से सबको खुद से मिलवाती रहती हो
रोज सपनो में आती रहती हो

मैं दिवाना हूँ जो पागल हो जाऊँगा
बिन निंदो क सपनो में खो जाऊँगा
जिस रात न हो इंतज़ार करवाती रहती हो 
रोज सपनो मैं आती रहती हो
मुझमे खुद को जगाती रहती हो

-योगेश जमदागनी

 

Roj Sapno mein aati rehti ho
Mujhme khud ko jagati rehti ho
Kya irada h baby Jo Yu
kuch kuch likhwati rehti ho

Wo sapno ki kya baten hain
Jagi jagi Si ajkal sari raten hain
Jhuth- muth ka ruthoo na  to
Rat bhar pyar se manati rehti ho
Roj sapno mein aati rehti ho

Log puchte hain kya likhta hain
Kiske liye likhta hain
Roj roj ye bewajh panne kyu bharta hain
Mere chehre se sabko khud se milwati rehti ho
Roj sapno mein aati rehti ho

Main deewana Hu Jo pagal Ho jaunga
Bin neendo k sapno me kho jaunga
Jis rat na Ho intejjar krwati rehti ho
Roj sapno mein aati rehti ho
Mujh mein khud ko jagati rehti ho

-Yogesh Jamdagni

Hindi Love Poem for Her-तुम 


तुम s
तुम होना ना खामोश कभी,
आँखों में नमी ना लाना कभी,
जो भी हो कह देना मुझसे,
मुझसे छुपाना ना कुछ भी कभी,
जब भी होगी उदास तुम कभी,
तुम्हारे गम चुराऊँगा,
फिर भी ना मुस्काई अगर,
तो गुदगुदी खूब मचाऊँगा,
अगर फिर भी हो तेरी आँख में आँसू,
तो गले से तुझे लगाऊँगा,
समेट के तेरे हर जज़्बात,
दिल में तुझे छुपाऊंगा,
कभी ना जाने दूँगा दूर,
कभी ऐसा तुझमे समाऊँगा,
भूल जायेगी हर गम अपने,
इतना तुझे हसाऊंगा,
-गौरव