Birthday Poem for Love in Hindi-आज का दिन

आज का दिन बहुत खास है happy_birthday-wallpaper-1366x768
आज मेरे प्यार का जन्मदिवस है
वो है कितनी सुन्दर
वो है कितना प्यारी
मीठी उसकी बातें
सूरत है भोरी भारी
करता हूँ खुदा से बस यही दुआ
उसकी झोली में भर दे सिर्फ खुशियां
वो हमेशा मुस्कुराये
खुशियां मनाये
कभी मुझसे रूठे
फिर खुद मान जाये
जन्मदिन उसका हर साल आये
और मेरे संग वो यूं ही मनाये

-अनुष्का सूरी

10 thoughts on “Birthday Poem for Love in Hindi-आज का दिन

  1. आपसे टकराने का हमारा गलत इरादा नही था।
    किसी से कोई शर्त या वादा नही था।
    ये तो भीड़ कसूर था मैंम साहब
    यहां फासला भी कुछ ज्यादा नही था

    अशोक कुमार कवि

    1. आपसे टकराने का हमारा गलत इरादा नही था
      किसी से कोई शर्त या वादा नही था
      ये तो भीड़ का कसूर था मैंम साहब
      यहां फासला भी कुछ ज्यादा नही था।

      अशोक कुमार कवि

      पुराने ज़माने से ताल्लुक रखते है
      नया दौर हमें भाता नही है
      किसी भी लड़की को पटाने का तरीका
      हमें आता नही है मान लीजिए अगर
      गलती से दिल लग जाए किसी से
      तो हमारे नादान दिल को
      कोई समझ पाता नही है

  2. Khol k kuch lamhe jb padhoge hmari diary k,,,jaan jaoge mohabat
    hmari,,,sochoge kitna wabra deewana h,,,kaisa ishq ka parwana
    h,,,gahrai se jb chooge meri diary ko to hr lafj kahega kitna pyr krte
    h hm apko,,,sayad kuch na dia humne apko,,,pr apne sb kuch de diya h
    is dil ko,,, jb sajoge diary k pahluo ko apni baho main to kai rang
    pyr k tumse lipat jayenge,,,hoga unme ek ishq ka rang hmara,,,wo dil
    se maan jaoge,,,diary main ho gar koi naadaniya to dil se galtiyo ko
    bhula dena,,,,sochna tha koi deewana Jo tumse mohabat kia krta
    tha,,,tumhare liye diary ko sajaya krta tha.

    gaurav

    On 7/20/15, Hindi Love Poems|Romantic Poems|Hindi Love Shayari|Prem

    1. आपसे टकराने का हमारा गलत इरादा नही था
      किसी से कोई शर्त या वादा नही था
      ये तो भीड़ का कसूर था मैंम साहब
      यहां फासला भी कुछ ज्यादा नही था।

      अशोक कुमार कवि

      1. सदियो से तेरे दीवाने है हम
        तुझे जान कर भी अनजाने है हम
        दिल चुराने में नम्बर 1 है
        क्योंकि आशिक बड़े पुराने है हम

        मोहब्बत में उनकी दीवाने हम हुए
        चाहत में उनके बेगाने हम हुए
        लाखो कदर करने वाले थे उनकी
        इसलिए ये जुल्मो सितम हुए

        अशोक कुमार कवि

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