Love Poem For Her – दिल के अरमानों का हिसाब हो तुम

दिल के अरमानों का हिसाब हो तुम

कैसे तुमको बताऊँ कितनी लाजवाब हो तुम

देख के तुमको दिल ज़ोर से यूं धड़कता है हाय

दर लगता हैं कहीं उछल के फिसल न जाय

तुम्हारी झील सी गहरी नीली आँखें

वो तुम्हारी प्यारी प्यारी भोली बातें

याद करके आज भी तुमको मचलता है दिल

ओ मेरे ख्वाबों की मल्लिका अब आकर मुझे मिल

 

2 thoughts on “Love Poem For Her – दिल के अरमानों का हिसाब हो तुम

  1. Jub tumhe dekha to laga tumhe dekhakare tum jub mele to laga ab rab se kya mage hum to mar mete teri chah me ab tu he bata kya h tere dill me

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