
आज बड़ा दिन है आया
आज बड़ी और बात है
तुमसे हमको प्यार है कितना
निकले ये जज़्बात हैं
मौसम में है क्रिसमस की धूम
आओ नाचें झूम झूम
कभी सांता से कुछ मांगें
और बांटें कुछ उपहार
यूं ही हस्ते खेलते मनाएं
हम दोनों क्रिसमस का त्यौहार
-अनुष्का
Hindi Love Poems| प्रेम कविता |Romantic Poems|Prem Kavita
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तेरी आँखों की मस्ती
तेरी शोख अदा
तेरी मीठी बातें
ये हंसी मुलाकातें
यूं ही चलती रहे
हम मिलते रहे
तू है कितनी भोली
तू है इतनी प्यारी
तू ही बता दे
तुझे कैसे न चाहें
मेरे अंदर भी तू
मेरे बहार भी तू
मेरी सांसें
मेरी राहें
सब में बसी तू
तू ही मेरी पूजा
तू ही मेरी सेवा
तुझे चाहने की अलावा
न जानू काम दूजा
तू ही मेरा मंदिर
तू ही मेरी मूरत
तू ही है जाना
बस मेरी ज़रूरत
तुझको पुकारूँ
तुझको निहारूं
तुझको ही चाहूँ
तुझको ही पा लूँ
यही है चाहत
बस एक बार
बस एक बार
-अनुष्का सूरी

चांदनी रात भी जल जाये जब तू काजल लगा के आये
ये दिल भी मेरा हलचल मचाये जब तू काजल लगा के आये
होंठों पे हँसी बार बार आये जब तू काजल लगा के आये
परवाना शमा को भूल जाये जब तू काजल लगा के आये
मेरा दिल भी गीत कोई गाये जब तू काजल लगा के आये
नजरें कटीली खंजर चलाये जब तू काजल लगा के आये
दिल पे मेरे घाव बनाये जब तू काजल लगा के आये
आँखों ने ये क्या कर डाला कैसे तुमको हम बताय जब तू काजल लगा के आये
जादू नजरें रहीँ चलाये जब तू काजल लगा के आये
प्यार की इंतहा शोर मचाये जब तू काजल लगा के आये
दिल पल पल कहता मुझसे आँखे तुमको देखी जाएं जब तू काजल लगा के आये
बस बहुत कह दिया अब नही कहना ओ मृगनयनी सी आँखों वाली
मेरी आँखों में बस जाये जब तू काजल लगा के आये।
-गौरव

तेरे दीदार नु तरसन मांही वे अखां मेरी…
तेरी याद विच न कटदियां एह रातां मेरी…
वे कमलिये कुछ तां खबर मेरी तू लै लै आ के…
देख राँझा तेरा हुन किवें तरसे ते अखियाँ चौ मींह बरसावे…
उस्दी याद विच मैं आज वी मुड़ मुड़ पीछे वेखां…
पर लभदा नहीं मैनु हुन ग्वाच्या यार वे रब्बा…
हुन तां रब्बा मैनु मेरी हीर मिला दे…
थक गईयाँ ने अखियाँ वी हुन अथ्रूआ दा मींह वरसा के…
हुन मुक चल्या वे अखां दा पानी वी सजना…
लभदा नी मैनु हुन कोई राह वी सजना…
बस इक वार आ के मेरा हाल तू पुछला…
देख मेरियां अखां नू तू भूल जावेंगी मुड़ना…
तू होनी हस्दी बैठ हुन पेकयां कोले…
ते इथे मैं हुन चंद्रा तेरी उडीक च तरसां…
हुन आ जा मांही दीद तेरी ने बहुत सताया…
थक गया हुन मैं रब तोँ वी मंग मंग दुआवां…
आजा कोल मेरे ते नाल मेरे तू लै लै लांवा…
या फेर कह दे भुल जा मैनू रान्झेया हुन मैं मुड़ नहीं आणा…
-अनूप भंडारी

आशिक़ हूँ मैं तेरा
आशिक़ी मेरा काम है
दीवाना हूँ तेरा
पर तू अनजान है
हर पल मैं दिल से
तुझको पुकारूँ
छिप छिप के चुपके से
तुझको निहारूं
तू पूजा
तू दर्पण
तू मंज़िल
तू साहिल
तू कोमल
तू खुशबू
तू चम चम
तू जादू
है तुझको ही चाहा
है तुझको ही पाना
कल आज और कल
मैं तेरा दीवाना
-अनुष्का