आज फिर ये लम्हा
कुछ रुक कर कुछ कह रहा है..
आज फिर ये समा
एक अजीब कसक सी खामोशी में रह रहा है..
आज फिर ये धड़कन
कुछ तेज़ तो कुछ धीमी है …
आज फिर कदमों से
दूर लगती ये ज़मी है..
आज फिर कोई दिल को
इस कदर सता रहा है..
आज फिर कोई दूर जाने का इशारा करके
पास बुला रहा है..
आज फिर दिल से
एक फरियाद आ रही ह़ै
आज फिर दिल को तेरी
बहुत याद आ रही है …..
Tag: यादें हिंदी कविता
Hindi Love Poetry-दिल का दर्द
दिल का दर्द – हिन्दी प्रेम कविता
दिल में दर्द होठों पे मुस्कुराहट हो
ऐसा लगे ज़िंदगी से कोई शिकायत ना हो
फिर ज़िंदगी भी क्या याद करेगी
खुदबखुद फरियाद करेगी
कहेगी शामिल करलो मुझे भी खुद में
बस खुशामद आपकी करना
उसकी ज़रूरत रहेगी
-गुमनाम कवि
Dil ka dard – Hindi Prem Kavita
Dil mein dard hotho pe muskurahat ho
Aisa lage zindagi se koi shikayat na ho
Phir zindagi bhi kya yad karegi
Khudbakhud fariyad karegi
Kahegi shamil karlo mujhe bhi khud mein
Bas khushamad apki karna
Uski zarurat rahegi
-Gumnam Kavi
English Translation of the poem for non-Hindi readers:
The pain of heart – Hindi Love Poem
Pain in the heart and a smile on the face
It should seem that there are no complaints from life
Then life will realize the fact
It will request by itself
It shall say please include me in yourself
Just pleasing you
Will be its necessity
-Anonymous Poet
Hindi Love Poem -याद
तेरी यादों के सायों ने मजबूर कर दिया
आँखों की नमीं ने आँखों को नॅम कर दिया
पल पल तेरी यादों ने जुदाई के बादल ला दिये
पल पल भीगे थे जो तेरे एहसास मेरे साथ उन एहसासों के साये ला दिये
आँखों की नमी भी आँखों में समां न सकी
पहलू मैं छुपके मेरे दर्द की वजह बन गयी
धीरे से आके समाने लगी वो नमीं मेरे हाथों में
तेरी खुशियों की दुआ बन गयी
जिसे करता हूँ इतना प्यार उसकी खुशी ही मेरे जीने की वजह बन गयी
Hindi Love Poem-दर्द के साये मे
दर्द के साये मे भी दिल बहलने लगा,
मेरे आंसुओं का रंग भी बदलने लगा,
इतने करीब आकर उसने ज़ख्म दिये मुझे,
सांसें चलती रही पर दम निकलने लगा,
मेरी राहों मे हज़ार कांटे बिखेर कर,
अब वो खुद मेरा हमसफर बनने लगा,
उसके दिये जख्मो मे मैं प्यार तलाश करती रही,
वो मुझे प्यार करते-करते दर्द मे डुबाने लगा |
Hindi Poem-जाहिल कहो पागल कहो
जाहिल कहो पागल कहो – हिन्दी प्रेम कविता
जाहिल कहो पागल कहो
आवारा कहो मजनू कहो
मैं बुरा न मानूँगा
आशिक़ हूँ तुम्हारा
मीठे बोल बोलो या गाली दो
मुझसे मुँह फेरो या हँस के मिलो
मैं बुरा न मानूँगा
दीवाना हूँ तुम्हारा
दिल में रखो या दिल से निकालो
ज़िंदा रखो या मुझे मार डालो
तुमको मैं ना भूलूँगा
महबूब हूँ तुम्हारा
Hindi Love Poem for Girlfriend-किस नाम से पुकारूँ तुझे
किस नाम से पुकारूँ तुझे समझ नहीं पाता
क्या कहूँ महरबां या कहूँ हसीना
हाय ये तेरी झील सी आँखें
मीठी मीठी तेरी बातें
तेरे भूरे भूरे बाल
उफ ये तेरी मतवारी चाल
इतना कर देती हैं मुझको घायल
कि पूछता हूँ खुद से एक ही सवाल
किस नाम से पुकारूँ तुझे
मेरी प्यारी मेरी सुंदरी मेरी जान


