
तुम से बस वफा चाहता हूँ..
बस इस प्यार के बहाने ……
तुम से बस नज़रें मिलाना चाहता हूँ ….
बस इस प्यार के बहाने ……
क्या तुम मेरे नसीब में हो
ये आज़माना चाहता हूँ …..
बस इस प्यार के बहाने ……
– रविन्द्र सोनी
Hindi Love Poems| प्रेम कविता |Romantic Poems|Prem Kavita
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तुम से बस वफा चाहता हूँ..
बस इस प्यार के बहाने ……
तुम से बस नज़रें मिलाना चाहता हूँ ….
बस इस प्यार के बहाने ……
क्या तुम मेरे नसीब में हो
ये आज़माना चाहता हूँ …..
बस इस प्यार के बहाने ……
– रविन्द्र सोनी

तेरे दिल मे मुझे जगह जो मिले,
आऊँ, आके आशियाँ बनाऊँ,
रहूँ मैं उम्र भर दिल मे तेरे,
दिल मे हीं तेरे दफन हो जाऊँ|
तेरे सीने मे जो धड़के, इश्क हमारा है.
दिल पे खींची है जो लकीर, नक्श हमारा है.
आगाज है ये मोहब्बत का सिर्फ, इंतिहा नहीं..
तेरी आँखो से वो बहता अश्क हमारा है|
-प्रियेश आनंद

कैसे तुमको बताऊँ
किस हाल में हूँ
था मैं आज़ाद पंछी
अब प्रेम जाल में हूँ
रातों की नींद
मेरी खो गयी
हाये ये ज़ालिम मोहब्बत
मुझे भी हो गयी
अब तो दिल मेरा
यही कहता है बार बार
मुझसे तू मिलजा
बस एक बार
बस एक बार
-अनुष्का सूरी
English Translation:
How do I tell you
in what state I am
I was a free bird
now caught in a love web
I have lost my sleep at night
Oh this cruel love,
I have fallen for it
Now this heart of mine
says only this repeatedly
Please meet me
just once..
just once..

जब भी तेरी याद आती है
तो आँखें भर आती हैं
अब इन आँसुओं को निकलने से नहीं रोक पाती हूँ
रात रात भर रोती हूँ
फिर अपने आपको समझा भी लेती हूँ
याद आते हैं तेरे साथ बिताये हुए वो पल
याद आता है वो कल
याद आता है वो तेरा हंसता खिलखिलाता चहरा
जिससे मेरी नज़रें नहीं हटती थी
थोड़ा गम था मगर ज़्यादा खुशी थी
तेरी हंसी मेरी हंसी थी
मेरा गम तेरा गम था
अब वही हंसी कहीं खो सी गयी है
क्योंकि मेरा दोस्त मुझसे रूठ सा गया है
मनाना चाहती हूँ मगर मना नहीं पाती हूँ
बात करना चाहती हूँ मगर बात नहीं कर पाती हूँ
मेरी हर सुबह जिससे होती थी
वहीं आज मेरी रातें रोते हुए कटती हैं
उनकी जुदाई हमने बर्दाश्त करनी सीखली है अब
क्यूंकि हमने उनकी यादों के सहारे जीना सीख लिया है अब
जब भी याद तेरी आती है तो आँखें भर आती हैं
-कविता परमार

– अनुष्का सूरी

तेरे लिये ही सजती हूँ सँवरती हूँ
होती हूँ मैं अच्छे से तैयार
कभी तो फुरसत से
मुझको भी तू ले निहार
ये मेरे माथे की बिंदिया
हाथों की मेरी चूडियाँ
तुझको पुकारती हैं सजना
आजा अब कैसी मजबूरियाँ
– अनुष्का सूरी

मेरे दिल में तू ही तू है
और किसी की जगह नहीं है
तू ही मेरा खुदा है
तू ही मेरा मज़ा है
तू ही मंज़िल है
तू ही रास्ता है
तुझे छोड़ के
किसी और से क्या वास्ता है
तू मिले तो ख़ुशी है
तेरे बिना जीना सजा है
– अनुष्का सूरी