Waiting for Love Hindi Poem: Arzoo


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आरज़ू
शून्य घोर चित्त चंचल में एक दबी है आरज़ू,
तुम्हारी रोज़ की तकरार की आरज़ू,
हमारी भीनी अनदेखी, मुस्कुराहट की आरज़ू,
मेरी भीतर गुज़रती हर कसक की आरज़ू,
तुम रुस्वाई की बात करते हो,
तो समन्दर सी अश्कों से ढलने वाली आरज़ू,
लगता है उधार दी है मैंने तुम्हैं सांसे अपनी,
इन अधूरी सांसो में कटती जिदंगी की आरज़ू,
इतंजार, उम्मीदें और अहसास सब बिखरा सा है,
टूटती निगाहों में लुटती पनाह की आरज़ू,
आखिरी बार जब तुम कहते हो!! ना रहा कुछ,
तो निर्धन सी, यादों की धनी होने की आरज़ू,
अनजान से पहचान का लम्बा सफर गुज़रा,
अब पहचान से अपनेपन की आरज़ू,
तुम जीवन की मांग करते हो,
मेरी तुम संग जीकर मरने की आरज़ू,
ज़माना क्या कहता है!!!!
ना खबर मुझे!! खबरहीन बेसुध,
मेरे इकरार और तुम्हारे इनकार की आरज़ू!!!!!!
डाॅ. अवन्तिका

Waiting for love Hindi Poem – इंतज़ार


दिल तेरा हर पल इंतज़ार कर रहा है
ये तेरा हाल जानने के लिये हर पल मर रहा है
उसे नहीं पता तू मेरे बारे में सोच रहा होगा कि नहीं
पर हर घड़ी वो तुझे ही याद कर रहा है
तू कहाँ है इस दिल को नहीं पता
तू कब मिलेगा इस दिल को नहीं पता
हर घड़ी ये अपने अंदर तुझे ढूंढ के देख रहा अगर मिल जाये तो क्या पता
तेरा पता इस दिल को है नहीं
पर ढूंढ़ने ऐसे अगर मिल जाये तू कहीं
ढूंढ़ने को कुछ भी ये फिर जान की भी परवाह नहीं
तुझे चाहती हूँ या नहीं , नहीं पता
क्यू सिर्फ तुम ही नहीं पता
मिल जाओ तुम बस दिल चाहता है एक बार गले लग जा भले फिर हो जाऊगी लापता
ना मिलूँगी तुम्हे फिर अगर तुम न चाहो
चली जाऊँगी  ज़िंदगी से तुम्हारी बस तुम दिल से कहो है प्यार तुझे भी मुझे है पता
बोल दो. फिर ये पल. कल हो ना हो

-राम चंदानी

Dil tera har pal intezaar kar raha hai
ye tera haal jaan ne ke liye har pal mar raha hai
use nahi pata tu mere baare mein soch raha hoga ki nahi
par har gadhi vo tujhe hi yaad kar raha hai…
Tu kahan hai is dil ko nahi pata
tu kab milega is dil ko nahi pata
har ghadi ye apne andar tujhe dhun ke dekh raha agar mil jaye to kya pata.
Tera pata is dil ko hai nahi
par dhoonde aise agar mil jaye tu kahi
dhhondne ko kuch bhi karega ye fir jaan ki bhi parwaah nahi
Tujhe chahti hun ya nahi, nahi pata
kyun sirf tum hi nahi pata
mil jao tum bas dil chahta hai ek baar gale lag jaa bhale fir ho jaungi laapata..
Na milungi tumhe fir agar tum na chaho
chale jaungi zindagi se tumhari bas tum dil se kaho hai pyaar tujhe bhi mujhe hai pata
bol do… phir ye pal….. kal ho na ho… 

-Ram Chandani

Hindi Love Poem for Him-इंतज़ार


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इंतज़ार-आखिर कब तक?

अनजानी राहों पे इंतज़ार किया करती हूँ,
हज़ारों की भीड़ में बस तुझे तलाश किया करती हूँ,
कुछ पल के लिये तो ये राहें भी साथ देती हैं,
थोड़ा चलके साथ आगे तन्हा छोड़ देती हैं,
आंसू जब भी आते हैं मेरी आँखों में,
मेरी नज़रें बस तेरा दामन तलाश करती हैं,
जब नहीं मिलता है दामन तेरा,
जी भर के पलकें भिगोया करती हैं,
रास्ते भी ये देख के मुझपे हंसा करते हैं,
देखके मेरी बेबसी का ये मंज़र,
या खुदा मुझे अब मिलादे बिछड़ने वालों से,
लोग मेरी बेबसी का मज़ाक बनाने का इंतज़ार किया करते हैं|

-कविता परमार

Hindi Love Poem for Lovers-तुमसे ही प्यार है


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हाँ मुझे तुमसे ही प्यार है,

हाँ मुझे तुमसे ही प्यार है,

पर तुम कहाँ हो, मुझे तुम्हारा अभी तक इंतज़ार है,

हाँ मुझे तुमसे ही प्यार है,

कभी सपनो से बाहर भी आया करो,

मुझे अपनी अदा से तड़पाया करो,

किस कदर तुम्हारा मुझ पर खुमार है,

हाँ मुझे तुमसे ही प्यार है,

हाँ मुझे तुम से प्यार है,

तुम झरने सी चंचल, तुम पर्वत सी सुन्दर,

करती हो हर पल, तुम पायल सी छन-छन,

तुम्हारी मोरनी सी चल का अब तक मुझे इंतज़ार है,

हाँ कहता हूँ फिर से मुझे तुम से प्यार है,

अब तो आजाओ मेरे सपनो से बाहर,

इस दुनिया को भी तुम्हारी झलक का इंतज़ार है,

हाँ मुझे तुमसे ही प्यार है,

हाँ मुझे तुमसे ही प्यार है

-सत्यम राजा