
आँखें बन जायें जब दिल की ज़ुबा
तो कैसे करें दिल की हालत बयान
वो ठंडी रातें वो भीगी बरसातें
वो प्यार में डूबी उसकी भोली बातें
वो उसका रुक रुक कर धीरे धीरे चलना
और उसको आता हुआ देख इस दिल का मचलना
काश कुछ बदल जाये अपनी भी ये तकदीर
Hindi Love Poems| प्रेम कविता |Romantic Poems|Prem Kavita
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आँखें बन जायें जब दिल की ज़ुबा
तो कैसे करें दिल की हालत बयान
वो ठंडी रातें वो भीगी बरसातें
वो प्यार में डूबी उसकी भोली बातें
वो उसका रुक रुक कर धीरे धीरे चलना
और उसको आता हुआ देख इस दिल का मचलना
काश कुछ बदल जाये अपनी भी ये तकदीर
अब तो तेरी ही याद में तड़पता है मेरा ये दिल
तू ही तो है मेरे प्यार की वो मंज़िल
तुझे खोजा है मैने जाने कितने ठिकानों मे
कभी अपनो में तो कभी कुछ बेगानों में
अब राहत है इस दिल को कि तू मेरे पास है
तुझे क्या मालूम तू मेरे लिये कितनी खास है
तेरी खुशी को देख कर मुझ में आती है जान
मेरे लिये तो अनमोल है बस तेरी प्यारी मुस्कान
जब है तू साथ मेरे तब नहीं है मुझे कोई डर

आँखों के रास्ते छलकता जो पानी है
क्या बताएं आप से प्यार की एक निशानी है
नाम सुनकर आपका दिल जोर से यूँ धड़कता है
याद में बस आपकी रात दिन ये तड़पता है
मिल लो आकार मुझे करलो याद मुझे भी
मुझे दिल देकर देखो चैन आयेगा तुम्हें भी
प्यार के इस खेल में चाहे हो जीत या हो हार
तुम्हारी खुशियों के लिए सब लुटाने को हूँ मैं तैयार