Romantic Hindi Poem- ए सनम !

ऐ सनम ! दिल की पनाहों में आजा
प्यार तुमपे फिर बेशुमार आया है ।
है मोहब्बत ही मोहब्बत दिल में भरी,
इतना तुमपे आज प्यार आया है ।

रहने दो छोड़ो बइयाँ मेरी,
मारेंगी ताने सखियाँ मेरी,
पूछेंगी बता कहाँ से ये खुमार आया है?

कहना ज़रा इतना सखियों से अपनी,
है साजन मेरा वो और मैं उसकी सजनी,
खलल न डालो, बा-मुश्किल उनका दीदार आया है ।

कभी तुम रूठो तो पल में मना लूँ,
काजल बनाकर पलकों पे सजा लूँ,
खुद से भी ज्यादा तुमपे प्यार आया है ।

राज़ सोरखी “दीवाना कवि”

Aei sanam! dil ki panaho mein aaja
pyar tumpe fir beshumar aaya hai
Hain mohabbat hi mohabbat dil main bhari
Etna tumpe aaj pyar aaya hain

Rhne do choddo bayiyaan meri
Marogi tane sakhiyanmeri
Phuchegi bta khan se yei khumar aaya hain

Kahna jra etna sakhiyon se apni
Hain sajan mera wo aur main uski sajni
Khalal na dalo, wa mushkil unka didar aaya hai

Kabhi tum rutho to pal mein mna lun
Kajal bnakar palkon pe saja loon
Khud se bhi jyada tum pe pyar aaya hai

~Raj sorkhi”diwana kavi”

Hindi Love Shayari for Her-हज़ारो ग़ज़ल लिख गया

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उनकी खूबसूरती पे हज़ारों ग़ज़ल लिख गया,
उन्हें खूबसूरती का बेपनाह ताज कह गया,
संगमरमर से खूबसूरत है हुस्न जिनका,
उनके हुस्न को अजंता की मूरत लिख गया,
उनकी खूबसूरती पे हज़ारों ग़ज़ल लिख गया,
उनके जिस्म की खुश्बू मेरी रूह में बस गयी,
उनकी प्यारी छवि मेरे दिल में उतर गयी,
पायल छनकती आई वो इस दिल में,
उनकी पायल की चमचम को
सुरों से सजा कोई गीत लिख गया,
उनकी खूबसूरती पे हज़ारों ग़ज़ल लिख गया,
वो आके रात में बाहों में बस गये,
वो होंठों से होंठों को मेरे चू गये,
वो जिस्म में उतरेय इस कदर की मेरी सांस बन गये,
उनकी सांसो के जीने को जीने का अंदाज़ लिख गया,
उनकी खूबसूरती पे हज़ारों ग़ज़ल लिख गया,
उनकी आंखो से मिलना हुआ इस कदर की उनमें डूब गया,
देखता रहा बस उनकी आँखों को आँखों में खो गया,
चूमा जब उनकी आँखों को,
खूबसूरत पलकों पे सजा कोई ख्वाब लिख गया,
उनकी खूबसूरती पे हज़ारों ग़ज़ल लिख गया
-गौरव

Hindi Love Poem for Her- तेरे सिवा

तेरे सिवा और भी गम हैं ज़माने में

तेरा आशिक़ हूँ अजनबी कहे भले तू बताने में

सदियाँ लगती हैं तेरे बिना वक़्त बिताने में

तेरा दीदार हो जाये तो वक़्त नहीं लगता कयामत आने में

कभी मुझे भी पिला दे अपनी आँखों के मैखाने में

डूब जाऊँ मैं ऐसे कि बरसों लगें होश में आने में

बहुत चल लिया मुसाफिर मुहब्बत की मंज़िल पाने में

जान ना निकल जाये जान के इंतज़ार है जान के आने में

-अनुष्का सूरी